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मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन, फिल्म निर्माताओं ने केंद्र से सिनेमाघरों को खोलने की मांग की

मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से कहा गया है कि सिनेमा उद्योग देश की संस्कृति का न सिर्फ अंतर्निहित हिस्सा है, बल्कि अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा भी है जिससे लाखों लोगों की आजीविका चलती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

मुंबई: बॉलीवुड के कई फिल्म निर्माताओं, अभिनेताओं और मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमएआई) ने केंद्र से आग्रह किया कि वह सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दे, जो कोविड-19 महामारी के चलते बंद हैं.

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू किया गया था. सरकार ने जून महीने से इसे चरणबद्ध तरीके से खोलने की शुरुआत की थी और घरेलू हवाई यात्रा तथा गैर निषिद्ध क्षेत्रों में कार्यालयों, बाजारों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि को खोलने की अनुमति प्रदान कर दी थी.

सरकार द्वारा ‘अनलॉक-4’ के लिए जारी किए गए जारी दिशा-निर्देशों में सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति नहीं दी गई है.

एमएआई ने हैशटैग ‘सपोर्ट मूवी थियेटर्स’ के साथ ट्वीट किया कि सिनेमा उद्योग देश की संस्कृति का न सिर्फ अंतर्निहित हिस्सा है, बल्कि अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा भी है जिससे लाखों लोगों की आजीविका चलती है.’

इसने कहा, ‘अधिकतर देशों में सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति मिल गई है. हम भारत सरकार से भी सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति देने का आग्रह करते हैं. हम सुरक्षित और स्वस्थ सिनेमा अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’

एसोसिएशन ने कहा, ‘यदि मेट्रो, मॉल और रेस्तरां को खोलने की अनुमति मिल सकती है तो सिनेमा उद्योग भी एक अवसर पाने का हकदार है.’

फिल्म निर्माता बोनी कपूर, प्रवीण डबास और शिबाशीष सरकार जैसे लोगों ने सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति देने की मांग का समर्थन किया.

अक्षय कुमार की फिल्म सूर्यवंशी और रणवीर सिंह की फिल्म 83 को प्रोड्यूस करने वाले रिलायंस एंटरटेनमेंट के शिबाशीष सरकार ने ट्वीट कर कहा, ‘ब्रिटेन में सैलरी सब्सिडी स्कीम, अमेरिका में केयर्स एक्ट 2020, कनाडा में कनाडा इमरजेंसी वेज सर्विस जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं. सरकार ने नौकरियों की रक्षा करने में सहयोग दिया है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘सिनेमाघर मालिकों की आय न होने की वजह से भारत में हजारों लाखों ने अपनी नौकरी गंवा दी या उन्हें वेतन कटौती का सामना करना पड़ा. भारत में सिनेमा हाल बंद हुए अब छह महीने हो गए हैं.’

फिल्मकार कार्तिक सुब्बाराज ने ट्वीट कर कहा, ‘अब लगभग हर चीज खोलने की अनुमति दे दी गई है. ये समय है कि सभी सुरक्षा सावधानियों के साथ सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति देने पर भी विचार करना चाहिए. बहुत सारे लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है. कृपया इस पर विचार कीजिए.’

प्रोड्यूसर और ट्रेड एनालिस्ट गिरीश जौहर ने भी सिनेमाघरों को खोलने के लिए सरकार से विचार करने की अपील की है.

जोहर ने ट्वीट किया, कमाई न होने की वजह से चाहे सिंगल स्कीन हो या मल्टीप्लेक्स हमने पहले ही 12 से 15 प्रतिशत पर स्क्रीन गंवा दिए हैं. कल्पना कीजिए कि वे अब अपने स्क्रीन पर फिर से सिनेमा नहीं दिखा पाएंगे. समय से और सुरक्षात्मक कदम उठाना अब समय की मांग है.

मालूम हो कि 25 मार्च को लॉकडाउन लागू करने से हफ्ता-दस दिन पहले ही वायरस से सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों के तहत लोगों को एक जगह जमा होने से रोकने के लिए विभिन्न राज्यों में धारा 144 लागू कर दी गई थी. साथ ही एहतियाती उपायों के तहत विभिन्न राज्यों में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स भी बंद करने के आदेश दे दिए गए थे.

लॉकडाउन की वजह से दूसरे कारोबार की तरह ही सिनेमा उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. दूसरे तमाम कारोबारों को खोलने की अनुमति तो दे दी गई है, लेकिन सिनेमाघरों को खोलने की मंजूरी अभी सरकार ने नहीं दी है.

ऐसे में तमाम सारी फिल्म सीधे ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जा रही हैं. बीते मई महीने में बॉलीवुड से एक खबर आई कि अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना के अभिनय से सजी और शूजित सरकार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ सिनेमाघरों की बजाय अब सीधे ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अमेज़ॉन प्राइम पर रिलीज हो रही है.

बीते चार मई को द मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमएआई) ने स्टूडियो पार्टनर, प्रोड्यूसर, कलाकारों और फिल्म इंडस्ट्री में योगदान देने वाले दूसरे सहयोगियों से अपील की थी कि वे अपनी फिल्मों को रोककर रखें और एक बार जब सिनेमाघर खुल जाएं तो वहीं रिलीज करें.

12 जून को अमेजॉन प्राइम पर गुलाबो सिताबों की रिलीज के बाद अब तक तमाम सारी फिल्में ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है. बंदी के दौर से गुज़र रहे सिनेमाघरों के सामने ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने नया संकट खड़ा कर दिया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)