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असमः नाबालिग घरेलू सहायक पर गर्म पानी डालने का आरोप, मामला दर्ज

असम के डिब्रूगढ़ का मामला. बीते 29 अगस्त को डिब्रूगढ़ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नाबालिग बच्चे को बचाया. फ़िलहाल आरोपी डॉक्टर और उनकी शिक्षक पत्नी फ़रार हैं.

Dibrugarh

गुवाहाटीः असम के डिब्रूगढ़ जिले में 13 साल के घरेलू सहायक पर उबलता हुआ पानी डालने का मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि 27 अगस्त को डॉ. सिद्धि प्रसाद देवरी और उनकी पत्नी मिताली कोंवार ने सो रहे नाबालिग घरेलू सहायक के ऊपर उबलता हुआ पानी डाल दिया.

मिताली कोंवार मोरान कॉलेज में प्रिंसिपल हैं, जबकि उनके पति असम मेडिकल कॉलेज  एंड हॉस्पिटल में कार्यरत थे.

डिब्रूगढ़ के एसपी थुबे प्रतीक वी. ने बताया, ‘हमने मामला दर्ज कर लिया है. दंपति फिलहाल घर पर नहीं हैं. हम उन्हें पकड़ लेंगे. हम उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.’

स्थानीय लोगों ने 29 अगस्त को जिला बाल कल्याण समिति को सूचित किया था कि आरोपी डॉक्टर ने एक बच्चे को घर के कामकाज के लिए रखा है और उसे प्रताड़ित किया जाता है.

बीते 29 अगस्त को डिब्रूगढ़ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नाबालिग बच्चे को बचाया.

इस संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में पीड़ित नाबालिग की गर्दन और कंधों पर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं.

असम बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 75, 79, बाल और किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम 1986 की धारा 14 और आईपीसी के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने को कहा है.

बता दें कि 2006 में डॉ. देवरी को सेवा शर्तों का उल्लंघन करने पर निलंबित कर दिया गया था. वह उस समय डिब्रूगढ़ में असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एएमसीएच) के प्रभारी थे.

उन पर निजी नर्सिंग होम का प्रबंधन करने का आरोप था.