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महाराष्ट्र: कोविड-19 से मरीज़ की मौत, परिजनों ने लगाया एंबुलेंस मिलने में देरी का आरोप

मामला नागपुर का है. 53 वर्षीय व्यक्ति 29 अगस्त को कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे. नागपुर नगर निगम के आयुक्त ने कहा कि वह यह देखेंगे कि एंबुलेंस मिलने में देरी क्यों हुई, लेकिन उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

नागपुर: कोविड-19 से महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक 53 वर्षीय मरीज की मौत हो गई. उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर ऑक्सीजन सुविधायुक्त एंबुलेंस नहीं मिल सकी.

वहीं, नागपुर नगर निगम ने कहा कि वह यह देखेगा कि एंबुलेंस मिलने में देरी क्यों हुई, लेकिन उसे इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है.

मृतक के चचेरे भाई ने सोमवार को समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि मरीज 29 अगस्त को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और शुरू में कोई लक्षण न होने के कारण वह होम आइसोलेशन में थे. हालांकि, पांच अगस्त को सुबह लगभग 8:30 बजे उसकी नब्ज धीमी हो गई और सांस लेने में तकलीफ होने लगी.

उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों ने एंबुलेंस के लिए तत्काल ‘108’ सेवा पर फोन किया. एंबुलेंस लगभग आधा घंटे बाद एक महिला डॉक्टर के साथ पहुंची.

चचेरे भाई का आरोप है कि डॉक्टर ने कहा कि वह मरीज को नहीं छू सकती थी क्योंकि उन्होंने पीपीई किट नहीं पहन रखी है.

उन्होंने कहा, ‘हमने डॉक्टर से मरीज को ऑक्सीजन देने को कहा ताकि उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए समय मिल जाए, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं है. उन्होंने हमसे कहा कि हम मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए नगर निगम को सूचित करें.’

फिर दोपहर लगभग 12:30 बजे नागपुर सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की एंबुलेंस उनके घर पहुंची. मरीज को फिर इसी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मृतक के चचेरे भाई ने कहा कि यदि उनके भाई को समय पर ऑक्सीजन मिल गई होती तो संभवत: उसकी जान बच जाती.

नागपुर नगर निगम के आयुक्त राधाकृष्णन बी. से जब इस बारे में और एंबुलेंस सेवा की कमी की अन्य शिकायतों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हम देखेंगे कि मामले में विलंब क्यों हुआ. हमें इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है.’