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नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए स्कूल खोलने की इजाज़त, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एसओपी

अनलॉक-4 के दिशानिर्देशों में गृह मंत्रालय ने आंशिक रूप से स्कूल खोलने की बात कही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में जारी निर्देशों में कहा है कि केवल कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर के स्कूल खोले जा सकते हैं. कंटेनमेंट ज़ोन में रहने वाले छात्रों, शिक्षकों या अन्य स्टाफ को स्कूल आने की इजाज़त नहीं होगी.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के चलते लंबे समय से बंद देश भर के स्कूलों को आंशिक रूप से खोलने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है.

बीते मंगलवार को जारी अपने निर्देश में मंत्रालय ने 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूल खोलने की इजाजत दी है.

हालांकि केवल कंटेनमेंट जोन के बाहर के ही स्कूलों को खोलने की इजाजत होगी. इसके अलावा कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्र, टीचर या अन्य स्टाफ को विद्यालय में आने की इजाजत नहीं होगी.

मालूम हो कि अनलॉक 4 के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कक्षा 9 से कक्षा 12 वीं तक के छात्रों को माता-पिता की लिखित सहमति के बाद स्कूल जाने का प्रवाधान किया था.

मंत्रालय की एसओपी के मुताबिक, बच्चों को फेस मास्क लगाना अनिवार्य होगा, आपस में छह फीट की दूरी रखनी होगी, थूकना मना होगा और निरंतर अंतराल पर हाथ धोना होगा या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा.

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि अगर किसी की तबीयत बिगड़ती है तो उसकी तुरंत जानकारी दी जाए और आरोग्य सेतु डाउनलोड किया जाए.

इसके साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प खुले रहेंगे और इसे बढ़ावा भी दिया जाएगा. माता-पिता की लिखित सहमति के बाद ही छात्र स्कूल जाकर अपने टीचर से सलाह ले सकेंगे.

ऑनलाइन पढ़ाई/टेली काउंसलिंग जैसे कामों के लिए 50 फीसदी टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को स्कूल बुलाया जा सकता है.

इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान और कौशल विकास केंद्र 21 सितंबर से अपनी कक्षाएं बहाल कर सकते हैं.

मंत्रालय ने साथ ही उनसे अलग-अलग समय पर कक्षाएं आयोजित करने, डेस्कों के बीच छह फुट की दूरी बनाने और परिसरों को संक्रमण मुक्त करने जैसे कोविड-19 सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा है.

मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार कक्षाओं में बैठने का इंतजाम ऐसा हो कि कुर्सियों और डेस्कों के बीच छह फुट की दूरी हो.

इसमें कहा गया, ‘कक्षाएं अलग अलग समयावधि पर हों, ताकि एक दूसरे से दूरी सुनिश्चित हो सके और कक्षा परिसरों को संक्रमण मुक्त किया जा सके. अकादमिक समय सारणी में नियमित कक्षा अध्यापन और ऑनलाइन अध्यापन एवं मूल्यांकन हो.’

दिशानिर्देश के अनुसार साझा छात्रावासों में बिस्तरों के बीच छह-छह फुट की दूरी हो.

मंत्रालय ने कहा, ‘भोजनालय में हर वक्त एक दूसरे से दूरी का पालन हो. भोजन का समय अलग-अलग कर दिया जाना चाहिए ताकि भीड़ न हो.

मंत्रालय ने कहा कि सभी शिक्षकों, कर्मियों, विद्यार्थियों एवं आगंतुकों के लिए एक दूसरे से दूरी, मास्क लगाना, हाथ बार-बार धोना, हैंड सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य हो.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)