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सरकार सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति नहीं देती है तो नौकरियां जाएंगी: मल्टीप्लेक्स संगठन

कोरोना महामारी के रोकथाम के मद्देनज़र देश में सिनेमाघर बंद हैं. मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सरकार से इन्हें खोलने की अपील करते हुए कहा है कि इस क्षेत्र को पिछले छह महीने में 9,000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी के रोकथाम के मद्देनजर देश में सिनेमाघर अब भी बंद हैं और मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सरकार से ‘तत्काल’ सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति देने की अपील की.

मंगलवार को संगठन ने कहा कि लाखों लोगों को नौकरियां देने वाले इस क्षेत्र को पिछले छह महीने में 9,000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है.

देश में पीवीआर, आईनॉक्स और सिनेपोलिस जैसे सभी मल्टीप्लेक्स (कई स्क्रीन वाले सिनेमाघर) का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था ने कहा कि इस क्षेत्र में सीधे तौर पर दो लाख लोगों को रोजगार मिलता है और अप्रत्यक्ष तौर पर भी लाखों लोगों को इससे रोजगार मुहैया होता है.

संस्था ने फिल्मों को ‘सॉफ्ट पावर ऑफ इंडिया’ बताते हुए कहा कि देश में सिनेमा लाखों लोगों के मनोरंजन का मुख्य साधन है और अभी देश में 10,000 सिनेमा स्क्रीन पिछले लगभग छह महीने से बंद हैं. सिनेमाघर क्षेत्र को वित्तीय नुकसान हुआ है और अब अगर सरकार सिनेमाघरों को खोलने की इजाजत नहीं देती है तो लोगों की नौकरियां जाएंगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बयान में कहा गया है, ‘सिनेमा क्षेत्र और इसमें काम करने वालों की आजीविका पर महामारी का गंभीर आर्थिक प्रभाव को देखते हुए, हम भारत सरकार से सिनेमाघरों को फिर से खोलने की अनुमति देने का आग्रह करते हैं.’

संस्था ने कहा है कि अनलॉक इंडिया के तहत मॉल, एयरलाइंस, रेलवे, रिटेल, रेस्तरां, जिम और ऐसी कई सेवाएं फिर से शुरू हो चुकी हैं. अब अनलॉक के चौथे चरण में बार और मेट्रो सेवाओं को भी खोल दिया गया है.

बयान में कहा गया है कि चीन, कोरिया, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, स्पेन, यूएई और अमेरिका सहित 84 से भी अधिक देशों ने पहले से ही सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ जनता के लिए सिनेमाघरों को खोल दिया है.

संस्था ने सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की अपनी बात को दोहराया. उसने कहा कि पेपरलेस टिकट, सीटों के बीच दूरी, सिनेमाघरों में प्रवेश और निकलने के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखा जाएगा. जैसे हाथ धोने के लिए साबुन, सैनिटाइजर आदि उपलब्ध कराया जाएगा. भीड़ न हो और सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी.

ट्विटर पर यह अपील हैशटैग ‘अनलॉक सिनेमा सेव जॉब्स’ (सिनेमाघर खोलें, नौकरियां बचाएं) पोस्ट करने के साथ ही कुछ अखबारों में इस संबंध में विज्ञापन भी आए हैं.

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने भी ट्विटर पर इस अपील को समर्थन दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘बड़े पर्दे पर फिल्मों से सपने जीवित हो उठते हैं. स्क्रीन के पीछे लाखों लोग हैं जो इसे संभव बनाते हैं. उनकी नौकरियां दांव पर लगी हैं. सिनेमाघरों के फिर से खुलने का और इंतजार नहीं किया जा सकता!’

बता दें कि बीते सितंबर महीने में भी कई फिल्म निर्माताओं, अभिनेताओं और मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमएआई) ने केंद्र से आग्रह किया था कि वह सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दे, जो कोविड-19 महामारी के चलते बंद हैं.

मालूम हो कि 25 मार्च को लॉकडाउन लागू करने से हफ्ता-दस दिन पहले ही वायरस से सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों के तहत लोगों को एक जगह जमा होने से रोकने के लिए विभिन्न राज्यों में धारा 144 लागू कर दी गई थी. साथ ही एहतियाती उपायों के तहत विभिन्न राज्यों में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स भी बंद करने के आदेश दे दिए गए थे.

 

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)