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बीते चार साल में पाकिस्तान के 2,120, अफ़गानिस्तान के 188, बांग्लादेश के 99 लोगों को नागरिकता दी: केंद्र

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को बताया है कि 2017 से 17 सितंबर 2020 तक कुल 2,729 लोगों को भारतीय नागरिकता दी गई. इनमें अमेरिका, श्रीलंका, नेपाल, ब्रिटेन, मलेशिया, कनाडा और सिंगापुर के लोग भी शामिल हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: सरकार ने बताया है कि पिछले चार साल की अवधि में 2,729 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई, जिनमें से पाकिस्तान के 2,120, अफ़गानिस्तान के 188, बांग्लादेश के 99 लोग हैं.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को बताया कि 2017 से 17 सितंबर 2020 तक कुल 2,729 लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई.

सोमवार को उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पाकिस्तान के 2,120, अफगानिस्तान के 188, बांग्लादेश के 99 लोगों के अलावा अमेरिका के 60, श्रीलंका के 58, नेपाल के 31, ब्रिटेन के 20, मलेशिया के 19, कनाडा के 14 और सिंगापुर के 13 लोगों को भी इस अवधि के दौरान भारतीय नागरिकता प्रदान की गई.

इससे पहले पिछले साल दिसंबर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया था कि साल 2016 से दिसंबर 2019 तक 431 अफगान और 2,307 पाकिस्तानी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई.

मालूम हो कि केंद्र सरकार ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया है. इसके तहत पिछले साल दिसंबर में संसद में नागरिकता (संशोधन) विधेयक (सीएए) पारित हुआ था.

नागरिकता संशोधन कानून, 2019 में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आए अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदाय के सदस्यों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है. इस कानून में मुस्लिम समुदाय को नागरिकता के दायरे से बाहर रखा गया, इसलिए इसका पूरे देशभर में पिछले साल काफी विरोध हुआ था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)