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‘कैलाश, हिमालय और तिब्बत… चीन की असुरी शक्ति से मुक्त हो’ के जाप से होगा भारत-चीन तनाव का हल: संघ

आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार का कहना है कि मंत्र जाप से न केवल चीन को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ेगी.

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(फोटो: रॉयटर्स/पीटीआई)

भारत और चीन के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कहना है कि चीन सरीखे ‘असुर’ से निपटने के लिए मंत्र जाप का सहारा लेना चाहिए.

मीडिया में आई कई ख़बरों के अनुसार एक निजी चैनल से बातचीत में संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘कैलाश, हिमालय और तिब्बत चीन की असुरी शक्ति से मुक्त हो  इस मंत्र का जाप हर भारतीय को फिर चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान पूजा-अर्चना या नमाज़ से पहले करना चाहिए. इससे न सिर्फ चीन को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि यह हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा को भी बढ़ाएगा और वातावरण में सकारात्मक प्रभाव होगा.’

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस मंत्र को पूजा और नमाज़ के पहले पांच बार दोहराने को भी कहा है.

पत्रिका की एक ख़बर के अनुसार इंद्रेश कुमार ने यह मंत्र देने के साथ ही आम जनता से यह अपील भी की है वे पूरी तरह से चीनी सामान का बहिष्कार कर दें. ऐसा करने से चीन की सरकार को सबक सिखाने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा, ‘चीनी वस्तुओं के भारतीय बाज़ार में आने से कई भारतीयों का रोज़गार छिना है. लोगों को दीवाली, राखी, ईद जैसे त्योहारों पर चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करना चाहिए.’

गौरतलब है कि जब भी भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता है, तब आरएसएस और उससे संबद्ध संगठनों द्वारा इस तरह की अपीलों में इजाफा हो जाता है.

आरएसएस के सहयोगी संगठन स्वदेशी जागरण मंच द्वारा चीनी सामान के विरोध में कई बार अभियान भी चलाए गए हैं. 22 जुलाई को समूह के सदस्यों ने नागपुर में चल रहे चीन सरकार के मेट्रो प्रोजेक्ट का विरोध किया गया.

साथ ही इस संगठन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह आग्रह भी किया है कि वे तकरीबन 851 करोड़ रुपये की लागत के निवेश से भारत और चीन के बीच हुए इस सौदे को रद्द कर दें.

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