राजनीति

लोकसभा की एक और विधानसभा की 56 सीटों के लिए तीन एवं सात नवंबर को होगा उपचुनाव

मध्य प्रदेश में सबसे ज़्यादा 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. चुनाव आयोग ने फ़िलहाल चार अन्य राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की है.

A woman casts her vote at a polling station during the sixth phase of the general election, in New Delhi, India, May 12, 2019. REUTERS/Anushree Fadnavis - RC1C65C4F5F0

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने बीते मंगलवार को ऐलान किया कि 12 राज्यों में लोकसभा की एक सीट एवं विधानसभा की 56 सीटों के लिए तीन और सात नवंबर को उपचुनाव कराए जाएंगे, हालांकि उसने फिलहाल चार अन्य राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की है.

कुल 54 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को मतदान होगा, जबकि बिहार की वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट और मणिपुर की दो विधानसभा सीटों पर सात नवंबर को वोट डाले जाएंगे.

इन सीटों पर मतों की गिनती 10 नवंबर को होगी. इसी दिन बिहार विधानसभा चुनाव की भी मतगणना होनी है.

इन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा करने से पहले मंगलवार को ही निर्वाचन आयोग ने एक अलग बयान जारी कर घोषणा की कि केरल, तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल की कुल सात सीटों पर इस समय उपचुनाव नहीं कराया जाएगा.

आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन राज्यों में सभी निर्वाचन अधिकारियों और मुख्य सचिवों से मिली जानकारी के आधार पर यह निर्णय लिया गया है.

असम, केरल और तमिलनाडु में दो-दो विधानसभा सीटें रिक्त हैं तो पश्चिम बंगाल में एक विधानसभा सीट रिक्त है. इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल मई और जून के बीच पूरा हो रहा है.

मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. इनमें से ज्यादातर सीटें कांग्रेस विधायकों को इस्तीफा देने और पाला बदलने के कारण खाली हुई हैं.

कांग्रेस के 20 से अधिक विधायकों के इस्तीफा देने के बाद राज्य की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी और भाजपा की सत्ता में वापसी हुई.

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राज्यों में उपचुनाव की तारीखों का विवरण. (स्रोत: चुनाव आयोग)

निर्वाचन आयोग ने पहले कहा था कि 64 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है, हालांकि अब इन सीटों की संख्या 63 हो गई है, जिनमें सात वो सीटें भी शामिल हैं जहां फिलहाल उपचुनाव की घोषणा नहीं की गई है.

कई राज्यों में अदालती मामलों समेत कई कारणों से रिक्त सीटों की संख्या में बदलाव हुआ है.

आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हम तय तिथि पर उपलब्ध रिक्त सीटों की संख्या के आधार पर फैसला करते हैं.’

मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात में आठ, उत्तर प्रदेश में सात, ओडिशा, नगालैंड, मणिपुर, कर्नाटक और झारखंड में दो-दो सीटों तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना और हरियाणा में एक-एक सीट के लिए उपचुनाव होना है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)