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इस्पात, सीमेंट, बिजली जैसे आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों का उत्पादन अगस्त में 8.5 प्रतिशत घटा

कोयला और उर्वरक को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में अगस्त 2020 में गिरावट रही. कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों, इस्पात, सीमेंट और बिजली सभी छह क्षेत्रों के उत्पादन में इस दौरान कमी आई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: बुनियादी ढांचा क्षेत्र के आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में लगातार छठे महीने गिरावट दर्ज की गई है.

मुख्य तौर पर इस्पात, रिफाइनरी उत्पादों और सीमेंट का उत्पादन घटने से बुनियादी उद्योग का उत्पादन अगस्त महीने में 8.5 प्रतिशत घट गया.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा बीते बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक आठ बुनियादी ढांचा क्षेत्र के उद्योगों का उत्पादन इससे एक साल पहले अगस्त 2019 में 0.2 प्रतिशत घटा था.

कोयला और उर्वरक को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में अगस्त 2020 में गिरावट रही. कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों, इस्पात, सीमेंट और बिजली सभी छह क्षेत्रों के उत्पादन में इस दौरान कमी आई है.

चालू वित्त वर्ष 2020-21 के पहले पांच माह (अप्रैल से अगस्त) के दौरान कुल मिलाकर बुनियादी ढांचा क्षेत्र के आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में 17.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में क्षेत्र में ढाई प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

आठ बुनियादी उद्योग में गिरावट इससे पहले जुलाई माह में 8 प्रतिशत रही थी. इस लिहाज से अगस्त में गिरावट और बढ़ी है.

इस्पात, रिफाइनरी उत्पाद, सीमेंट, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और बिजली उत्पादन इस महीने में क्रमश: 6.3 प्रतिशत, 19.1 प्रतिशत, 14.6 प्रतिशत, 9.5 प्रतिशत, 6.3 प्रतिशत और 2.7 प्रतिशत घटा है.

दूसरी तरफ कोयला ओर उर्वरक क्षेत्र के उत्पादन में क्रमश: 3.6 प्रतिशत और 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

एक साल पहले अगस्त 2019 में कोयला उत्पादन में 8.6 प्रतिशत की गिरावट आई थी जबकि उर्वरक में 2.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

इस बारे में आईसीआए लिमिटेड की प्रधान अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि यह मिली-जुली प्रवृत्ति है. उन्होंने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में अगस्त 2020 में 6 से 8 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि जुलाई में इसमें 10.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी.’

आठ बुनियादी उद्योगों की आईआईपी में 40.27 प्रतिशत योगदान है.