भारत

हिरासत में मौत: सर्वाधिक मामले तमिलनाडु में, आरोप में गुजरात के सर्वाधिक पुलिसकर्मी गिरफ़्तार

एनसीआरबी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में कुल 53 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार: Flickr/CC BY NC ND 2.0)

(प्रतीकात्मक तस्वीर साभार: Flickr/CC BY NC ND 2.0)

नई दिल्ली: देश में सबसे ज्यादा गुजरात के पुलिसवाले हिरासत में मौत से संबंधित मामलों में गिरफ्तार किए गए हैं और तमिलनाडु के बाद गुजरात में हिरासत में मौत के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन संस्था राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की हालिया रिपोर्ट से ये जानकारी सामने आई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में तमिलनाडु में 11 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हुई, जबकि गुजरात में इस तरह की मौत के कुल 10 मामले सामने आए.

हालांकि इन मामलों में गुजरात के 14 पुलिसवालों को गिरफ्तार किया गया, जो कि अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक है. राज्य में कुल 10 हिरासत में मौतों में से नौ पीड़ित पुलिस रिमांड पर नहीं बल्कि हिरासत में थे.

इसमें से सिर्फ तीन मामलों में आपराधिक मामला दर्ज किया गया और इसमें से भी दो मामले में ही चार्जशीट फाइल की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीन मामलों में से किसी में भी अभी तक सजा नहीं हो पाई है.

गुजरात पुलिस ने हिरासत इन में हुईं मौतों के लिए ‘अपना कारण’ बताया है कि इसमें से तीन मौतें आत्महत्या, पांच मौतें बीमारी और एक मौत जांच के दौरान यात्रा करते हुए सड़क दुर्घटना में हुई थी.

एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में कुल 53 लोगों की हिरासत में मौत हुई थी.

हालांकि इस रिपोर्ट में 10 दिसंबर 2019 को तेलंगाना के 65 वर्षीय प्रवासी कार्यकर्ता बाबू निसार शेख की कथित हिरासत में मौत का मामला शामिल नहीं है, जिसमें एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर सहित छह आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया था.

उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच गुजरात अपराध जांच विभाग द्वारा की जा रही है.

एनसीआरबी- 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस हिरासत से कुल 53 लोगों के भागने के मामले में गुजरात के 37 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में गुजरात को आठवें स्थान पर है, जबकि पुलिस हिरासत से भागने के 102 मामलों के साथ महाराष्ट्र पहले नंबर पर है.

गुजरात में पुलिस हिरासत से भागने वाले 53 व्यक्तियों को लेकर गुजरात पुलिस के 37 अधिकारियों के खिलाफ 13 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, लेकिन अभी तक किसी को सजा नहीं हो पाई है. कुल 53 व्यक्तियों में से 43 को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था और नौ फरार हैं.