राजनीति

कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के कुछ घंटे के भीतर ख़ुशबू सुंदर भाजपा में शामिल

कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देने के बाद कांग्रेस ने ख़ुशबू सुंदर को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से हटा दिया था. तमिल अभिनेत्री सुंदर 2014 में कांग्रेस में शामिल हुई थीं. उससे पहले वह द्रमुक में थीं.

New Delhi: BJP National President JP Nadda greets Tamil film actress and former Congress spokesperson Khushbu Sundar, who joined BJP, at party HQ in New Delhi, Monday, Oct. 12, 2020. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI12-10-2020 000076B)

खुशबू सुंदर ने सोमवार को नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों के भीतर खुशबू सुंदर ने सोमवार को नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली.

इससे पहले सोमवार को कांग्रेस ने भी इस बीच दिल्ली में घोषणा की कि खुशबू सुंदर को पार्टी प्रवक्ता के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है.

भाजपा में शामिल होने के बाद खुशबू सुंदर ने कहा, ‘भाजपा से मेरी अपेक्षा यह नहीं है कि वह मेरे लिए क्या करने जा रही है, बल्कि देश की जनता के लिए क्या करने जा रही है. जब 128 करोड़ लोग वास्तव में एक व्यक्ति पर भरोसा करते हैं, जो हमारे प्रधानमंत्री हैं तो मेरा मानना है कि वे कुछ बहुत बेहतर कर रहे हैं.’

लोकप्रिय तमिल अभिनेत्री सुंदर 2014 में कांग्रेस में शामिल हुई थीं. उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी को भेजा है. कांग्रेस में शामिल होने से पहले वह द्रमुक में थीं.

 उन्होंने इस्तीफा देते हुए कहा था कि वह कुछ नेताओं द्वारा अपनी बात थोपने और दबाव डालने के विरोध में इस्तीफा दे रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘पार्टी के अंदर शीर्ष स्तर पर कुछ लोग हैं जिनका जमीनी स्तर पर कोई संपर्क या सार्वजनिक पहचान नहीं है, वो अपनी बात थोप रहे हैं और मेरे जैसे लोग जो पार्टी के लिए गंभीरता से काम करना चाहते हैं उन्हें पीछे किया जा रहा है और दबाया जा रहा है.’

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी प्रणव झा ने एक बयान में कहा, ‘खुशबू सुंदर को कांग्रेस प्रवक्ता के पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जाता है.’

अभिनेत्री ने कहा कि लंबे समय तक व्यापक विचार प्रक्रिया के बाद उन्होंने कांग्रेस से अपने रिश्ते खत्म करने का फैसला किया है.

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे गए अपने इस्तीफे में कहा था, ‘उनके जैसे लोग जो पार्टी के लिए काम करते हैं, उन्हें पार्टी के भीतर उच्च पदों पर बैठे कुछ लोगों द्वारा दबाया जा रहा है. ऐसे लोग जिनका हकीकत से कोई सरोकार नहीं है या किसी तरह की सार्वजनिक पहचान है, ऐसे लोग उन पर अपनी बात थोप रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय के विचार-विमर्श के बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अपने रिश्ते समाप्त करने का फैसला किया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल होने जा रहे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम हुआ है. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, खुशबू 2019 लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिए जाने से परेशान थीं और भाजपा ने 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट दिए जाने का वादा किया है.

इस घटनाक्रम पर तमिलनाडु कांग्रेस के नेता केएस अलागिरी कहते हैं, ‘खुशबू के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. बीते छह महीने से उनकी गतिविधियां पार्टी की विचारधारा और सिद्धांतों के खिलाफ रही हैं. वह हमारे नेता राहुल गांधी के खिलाफ विरोधाभासी टिप्पणी कर रही थीं. कांग्रेस के लोगों ने उन्हें केवल अभिनेत्री के तौर पर देखा है न की नेता के रूप में.’

रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में उन्होंने कुछ मुद्दों पर कांग्रेस के आधिकारिक रुख से अलग राय जाहिर की थीं. खुशबू सुंदर ने सबसे पहले जुलाई महीने में केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति का समर्थन किया था.

हालांकि, उन्होंने बाद में ट्वीट कर पार्टी नेता राहुल गांधी से अपने अलग विचारों को लेकर माफी भी मांगी थी. उनके ट्वीट की पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने आलोचना की थी.

तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष केएस अलागिरी का कहना है कि खुशबू के बयानों से उनकी अपरिपक्वता का पता चलता है.

कांग्रेस सांसद जोथिमनी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसका नेतृत्व कभी नहीं चाहता कि उनके लोग सिर हिलाने वाले रोबोट या कठपुतलियां की तरह व्यवहार करें.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)