राजनीति

चिराग पासवान ने कहा- प्रधानमंत्री गठबंधन धर्म निभाएं, मैं उन्हें धर्मसंकट में नहीं डालना चाहता

बिहार विधानसभा चुनाव राउंडअप: कांग्रेस से चुनाव मैदान में उतरे शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा ने कहा पिता की हार का बदला लेने के लिए चुनाव नहीं लड़ रहा. राजद ने धांधली की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा. पी. चिदंबरम द्वारा धारा 370 की बहाली के संबंध में दिए बयान पर भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमला.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चिराग पासवान. (फाइल फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चिराग पासवान. (फाइल फोटो: पीटीआई)

पटना/नई दिल्ली: भाजपा द्वारा वोटकटवा कहे जाने पर लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री अपना गठबंधन धर्म निभाएं और उनकी वजह से किसी धर्मसंकट में न पड़ें.

चिराग ने रविवार को ट्वीट किया, ‘आदरणीय नीतीश कुमार जी ने प्रचार का पूरा जोर मेरे और प्रधानमंत्री जी के बीच दूरी देखने में लगा रखा है. बांटो और राज करो की नीति में माहिर मुख्यमंत्री हर रोज मेरे और भाजपा के बीच दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे और प्रधानमंत्री के रिश्ते कैसे हैं मुझे इसका प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है. पापा (केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान) जब अस्पताल में थे तब से लेकर उनकी अंतिम यात्रा तक उन्होंने मेरे लिए जो कुछ किया उसे मैं कभी नहीं भूल सकता.’

लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग ने आगे कहा, ‘मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी धर्मसंकट में पड़ें. वह अपना गठबंधनधर्म निभाएं. आदरणीय मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संतुष्ट करने के लिए मेरे खिलाफ भी कुछ कहना पड़े तो नि:संकोच कहें.’

उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार को भाजपा के साथियों का धन्यवाद करना चाहिए कि वह मुख्यमंत्री के खिलाफ इतना आक्रोश होने के बावजूद गठबंधनधर्म निभा रहे हैं और हर दिन नीतीश कुमार को प्रमाण-पत्र देते है कि वह चिराग के साथ नहीं है.’

अपनी पार्टी के ‘मोटो’ ‘बिहार फर्स्ट’ के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘बिहार फर्स्ट की सोच, जदयू के नेताओं की गले की फांस बन चुका है. प्रधानमंत्रीजी के विकास के मंत्र के साथ मैं और बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट प्रतिबद्ध हूं.’

गौरतलब है कि जल्द ही नीतीश और मोदी गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ कई चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं. वहीं राजग से बाहर निकलने के बाद लोजपा ने स्वतंत्र रूप से बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने नीतीश को गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है, लेकिन यह चिराग पासवान को स्वीकार्य नहीं है.

भाजपा ने हाल के दिनों में आरोप लगाया है कि चिराग उनके वरिष्ठ नेताओं के साथ निकटता का दावा करके भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और दोहराया कि अगर उनके गठबंधन को जनादेश मिलता है तो नीतीश ही फिर से राज्य के मुख्यमंत्री होंगे.

वहीं, चिराग यह दावा करते रहे हैं कि इस चुनाव के बाद भाजपा और लोजपा का गठबंधन सत्ता में आएगा.

वोट धांधली की आशंका जताते हुए राजद ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा

इधर, राजद सांसद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के और कोरोना वायरस से संक्रमित मतदाताओं के लिए पेपर बैलेट की व्यवस्था को सत्तारूढ़ दल द्वारा धांधली किए जाने की कोशिश करार देते हुए मांग की है कि विधानसभा वार ऐसे मतदाताओं की सूची सभी राजनैतिक दलों को उपलब्ध कराई जाए.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में राजद नेता मनोज झा ने कहा है, ‘ज्ञात हुआ है कि 80 वर्ष से अधिक उम्र के और कोरोना वायरस से संक्रमित मतदाताओं के लिए पेपर बैलेट की व्यवस्था की गई है और हमें अंदेशा है कि सत्ताधारी दल इसमें धांधली कर सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘हमारी मांग है कि विधानसभा वार ऐसे मतदाताओं की सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाए ताकि दल के पोलिंग एजेंट इस प्रक्रिया में सहभागी बन सकें.’

राजद नेता के अनुसार, आयोग से आग्रह किया गया है कि मतदान के पश्चात प्रति बूथ मतदान की कुल प्रतिशत की सत्यापित कॉपी बूथ एजेंट को उपलब्ध कराई जाए.

उन्होंने कहा कि बीते वर्षों के अनुभव के आधार पर यह आवश्यक है कि मतगणना के वक्त ईवीएम में पड़े वोट और पोलिंग बूथ के मतों का मिलान किया जा सके.

पिता की हार का बदला लेने नहीं, बल्कि लोगों के कल्याण के लिए लडूंगा: लव सिन्हा

बिहार में बांकीपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा ने रविवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के इस गढ़ में भगवा पार्टी को चुनौती देकर और अपनी क्षमता साबित कर राजनीतिक पारी की शुरुआत करने का फैसला किया है.

लव सिन्हा ने रविवार को पटना के बांकीपुर क्षेत्र का दौरा किया. (फोटो साभार: ट्विटर)

लव सिन्हा ने रविवार को पटना के बांकीपुर क्षेत्र का दौरा किया. (फोटो साभार: ट्विटर)

37 वर्षीय लव ने यह भी कहा कि वह पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट से 2019 के आम चुनाव में अपने पिता को मिली हार का बदला लेने के लिए नहीं लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह पटना के लोगों के कल्याण के लिए यह चुनाव लड़ रहे हैं.

अपने पिता की ही तरह अभिनेता से नेता बने लव ने एक साक्षात्कार में कहा कि 2014 के बाद से भाजपा बदल चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब भगवा पार्टी के अंदर ज्यादा चर्चा नहीं होती है और अब सिर्फ ‘आदेश’ जारी किया जाता है.

यह पूछे जाने पर कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जैसी पार्टी की व्यापक उपस्थिति होने के बावजूद उन्होंने अपनी चुनावी पारी का आगाज करने के लिए कांग्रेस को ही क्यों चुना, लव ने कहा, ‘सिर्फ मैंने कांग्रेस को नहीं चुना है, बल्कि कांग्रेस ने भी मुझे चुना है. ’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने मेरे द्वारा किए गए काम पर गौर किया, यहां तक कि उस वक्त के काम भी… जब मैंने अपने पिता के भाजपा में रहने के दौरान किए थे. मैंने यहां 2009 से अपने पिता के साथ काम किया है. मैं आश्वस्त हूं कि पार्टी (कांग्रेस) ने पिछले चुनावों में मेरे द्वारा किए गए काम पर गौर किया होगा और यही कारण है कि उन्होंने मुझे यह टिकट दिया.’

भाजपा के इस गढ़ में चुनाव लड़ने की बात स्वीकार करते हुए लव ने कहा, ‘क्या इस कारण लड़ने से डरना चाहिए. मैं अपनी क्षमता साबित करने और अपनी क्षमता दुनिया को दिखाने के लिए लड़ाई लड़ने में यकीन रखता हूं. जीत या हार, कहीं से भी मेरे हाथ में नहीं है. जनता फैसला करेगी और हमें उनके फैसले को स्वीकार करना होगा.’

उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा भाजपा विधायक नितिन नबीन के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवार को यह सीट अपने पिता से विरासत में मिली थी, जो बांकीपुर से विधायक थे.

अपने पिता के कारण टिकट मिलने की अटकलों को खारिज करते हुए लव ने कहा कि यदि यह परिवारवाद होता, तो उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ना चुना होता, विधानसभा चुनाव नहीं.

उल्लेखनीय है कि लव ने जेपी दत्ता की फिल्म ‘पलटन’ में अभिनय किया था.

बांकीपुर, पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र के तहत आता है और इसे भाजपा का गढ़ माना जाता है. संसदीय सीट पर शत्रुघ्न सिन्हा 2009 और 2014 में भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए थे.

हालांकि, 2019 के चुनाव में शत्रुघ्न (74) ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और इसमें उन्हें भाजपा के रविशंकर प्रसाद से हार का सामना करना पड़ा था.

मतदाता ‘विभाजन के बजाय एकता’ चुनने को याद रखें: चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने बिहार, मध्य प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों के लोगों से रविवार को अपील की कि वे मतदान करते वक्त अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन की ‘विभाजन के बजाय एकता’ को चुनने वाली टिप्पणी को याद रखें.

बाइडेन ने अमेरिकी मतदाताओं से भय के बजाय उम्मीद, विभाजन के बजाय एकता को चुनने को कहा था. चिदंबरम ने कहा कि भारतीय मतदाता भी इसी राह पर चलकर मतदान करें.

चिदंबरम ने ट्वीट किया, ‘अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने कल कहा था, ‘हम भय के बजाय उम्मीद को चुनते हैं, विभाजन के बजाय एकता को, कल्पना के बजाय विज्ञान को और झूठ के बजाय सच को चुनते हैं’, इस प्रण को बिहार, मध्य प्रदेश और देश के किसी भी हिस्से के लोगों को इस महीने मतदान केंद्र पर जाते वक्त अपने जेहन में रखना चाहिए.’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जेसिंडा अर्डेन के न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री चुने जाने से हमें यह उम्मीद मिलती है कि शालीनता और विकासोन्मुखी मूल्य लोकतंत्र में विजयी हो सकते हैं.

भाजपा ने कांग्रेस को घोषणा-पत्र में अनुच्छेद 370 का उल्लेख करने की चुनौती दी

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करने की कांग्रेस द्वारा हिमायत करने के एक दिन बाद भाजपा ने शनिवार को उसे बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणा-पत्र में इसका उल्लेख करने की चुनौती दी. साथ ही भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी अलगाववादियों की भाषा बोल रही है.

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस पर बिहार चुनाव से पहले वोट की खातिर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि लोगों ने जम्मू कश्मीर में केंद्र के कदम का समर्थन किया है.

बिहार विधानसभा के प्रथम चरण का मतदान 28 अक्टूबर को, दूसरे चरण का तीन नवंबर को और तीसरे चरण का मतदान सात नवंबर को होना है. मतगणना 10 नवंबर को होगी.

जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘लोगों ने देखा है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख में कितनी प्रगति हुई है. फिर भी कांग्रेस वहां कुछ अलगाववादियों के सुर में बोल रही है. कांग्रेस एक संकीर्ण सोच वाली पार्टी हो गई है और यही कारण है कि वह देश में जन भावनाओं के खिलाफ खड़ी है.’

उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चाहे कोई भी मुद्दा हो, कांग्रेस पाकिस्तान और चीन की सराहना करती है.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल किए जाने के लिए वहां के मुख्य राजनीतिक दलों के गठबंधन बनाने का समर्थन करते हुए शुक्रवार को ट्विटर पर कहा था कि केंद्र सरकार को अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान हटाने संबंधी फैसलों को निरस्त कर देना चाहिए.

चिदंबरम ने ट्वीट किया था, ‘जम्मू कश्मीर की मुख्यधारा की क्षेत्रीय पार्टियों का जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों के अधिकारों को बहाल करने के लिए संवैधानिक लड़ाई लड़ने के वास्ते एक साथ आना ऐसा घटनाक्रम है, जिसका सभी लोगों द्वारा स्वागत किया जाना चाहिए.’

चिदंबरम ने कहा था कि कांग्रेस जम्मू कश्मीर की स्थिति और लोगों के अधिकारों की बहाली के लिए दृढ़ है. मोदी सरकार द्वारा 5 अगस्त, 2019 को लिए गए मनमाने और असंवैधानिक फैसलों को रद्द किया जाना चाहिए.

वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस के इस रुख को लेकर शुक्रवार रात ट्वीट किया, ‘चूंकि कांग्रेस के पास सुशासन के एजेंडे पर बात करने को कुछ नहीं है, वे बिहार चुनाव से पहले ‘भारत को बांटो’ के गंदे हथकंडे पर वापस आ गए हैं. राहुल गांधी पाकिस्तान की प्रशंसा करते हैं और चिदंबरम कहते हैं कि कांग्रेस अनुच्छेद-370 की वापसी चाहती है. शर्मनाक!’

कांग्रेस जिन्ना की तारीफ करने वालों को टिकट दे रही: शाहनवाज हुसैन

भाजपा के वरिष्ठ नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस मोहम्मद अली जिन्ना को समर्थन देने वालों को टिकट देकर और अनुच्छेद 370 को बहाल करने की बात करके अलगाववादियों की भाषा बोल रही है.

शनिवार को पटना में संवाददाता सम्मेलन के दौरान शाहनवाज हुसैन. (फोटो साभार: ट्विटर)

शनिवार को पटना में संवाददाता सम्मेलन के दौरान शाहनवाज हुसैन. (फोटो साभार: ट्विटर)

हुसैन ने पटना में संवाददाताओं से कहा, ‘कांग्रेस अलगाववादियों की भाषा बोल रही है. यह शर्मनाक है. कभी वह (कांग्रेस) जिन्ना की तारीफ करने वालों और उनकी तस्वीर पर गर्व करने वालों को टिकट देती है, तो कभी अनुच्छेद 370 को फिर से बहाल करने की बात करती है.’

उन्होंने कहा कि देश और बिहार की जनता, जिन्ना की तारीफ करने वाले को टिकट देने और अनुच्छेद-370 की बहाली की वकालत को लेकर कांग्रेस पार्टी को कभी क्षमा नहीं करेंगे.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, ‘कांग्रेस के लोग यह बताएं कि बिहार में जब वे जनता के बीच जाएंगे तब क्या उनके गठबंधन के एजेंडे में अनुच्छेद 370 को फिर से लाने की बात है? उन्हें बिहार की जनता को यह बताना होगा.’

उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत अनुच्छेद 370 की वापसी नहीं करा सकती है. हुसैन ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है की नीतीश कुमार की अगुवाई में अपार बहुमत से राजग विधासभा चुनाव जीतेगा.

बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर (71 सीटों), 3 नवंबर (94 सीटों) और 7 नवंबर (78 सीटों) को होगा. मतगणना 10 नवंबर को होगी.

इसके अलावा देश के 12 राज्यों में लोकसभा की एक सीट तथा विधानसभा की 56 सीटों के लिए उपचुनाव तीन नवंबर और सात नवंबर को होने हैं. विधानसभा की जिन 56 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से 28 सीटें मध्य प्रदेश में हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)