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यूपी: बलिया में राशन दुकान के आवंटन के दौरान एक व्यक्ति की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ़्तार

बीते 15 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले के दुर्जनपुर गांव में सरकारी राशन की दुकान के आवंटन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दो पक्षों में विवाद हो गए था. इस दौरान गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी. भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने मुख्य आरोपी का बचाव करते हुए कहा था कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई.

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह (बाएं से दूसरे) के साथ आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (दाएं से दूसरे). (फोटो साभार: फेसबुक)

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह (बाएं से दूसरे) के साथ आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (दाएं से दूसरे). (फोटो साभार: फेसबुक)

बलिया/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर ग्राम में सरकारी सस्ते गल्ले (राशन) की दुकान के आवंटन के दौरान एक व्यक्ति की हत्या के मामले में पुलिस के स्‍पेशल टास्‍क फोर्स (एसटीएफ) ने रविवार को मुख्‍य आरोपी को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ ही बलिया से दो और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ यश ने रविवार को बताया, ‘बलिया कांड के मुख्‍य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को राजधानी लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे से गिरफ्तार किया गया है.’

उन्‍होंने बताया कि धीरेंद्र प्रताप सिंह से घटना में प्रयुक्‍त असलहों के बारे में पूछताछ की जा रही है. उसकी गिरफ्तारी की जानकारी बलिया पुलिस को दी गई है. पूछताछ के बाद आरोपी को बलिया पुलिस को सौंप कर दिया जाएगा.

बलिया पुलिस ने भी घटना के दो नामजद आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि दुर्जनपुर की घटना से संबंधित नामजद आरोपी संतोष यादव व अमरजीत यादव को बलिया शहर कोतवाली के वैशाली क्षेत्र से सुबह गिरफ्तार किया गया.

उन्होंने बताया कि इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. उन्होंने बताया कि इस कांड के नामजद आरोपियों की संपत्ति गैंगस्टर कानून के तहत जब्त की जाएगी.

पुलिस इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि पुलिस ने शनिवार को मुन्ना यादव, राजप्रताप यादव तथा राजन तिवारी को गिरफ्तार किया है, जबकि शुक्रवार को देवेंद्र प्रताप सिंह एवं नरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया गया था.

इसके पहले मुख्य आरोपी धीरेंद्र का एक कथित वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने स्वयं को निर्दोष करार देते हुए दावा किया है कि रेवती की घटना में उसके परिवार के एक व्यक्ति की भी मौत हो गई है तथा आधा दर्जन लोग घायल हैं.

धीरेंद्र ने सोशल मीडिया में शुक्रवार रात जारी इस कथित वीडियो में स्वयं को पूर्व सैनिक संगठन का अध्यक्ष करार दिया है. घटना को पूर्व नियोजित करार देते हुए कहा है कि उसने बैठक के पहले ही बवाल होने की आशंका जताई थी, लेकिन अधिकारियों ने उसकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया .

धीरेंद्र ने कहा है कि अधिकारियों की मौजूदगी में उसके 80 वर्षीय वृद्ध पिता व भाभी पर हमला किया गया. उसने अधिकारियों पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दावा करते हुए कहा कि कि इस घटना में उसके परिवार के एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना उसे मिली है. उसके अनुसार एक व्यक्ति की हालत नाजुक बनी हुई है एवं घटना में उसके पक्ष के आठ से अधिक लोग घायल हुए हैं.

धीरेंद्र ने यह भी कहा है कि उसे नहीं जानकारी है कि जय प्रकाश पाल की मौत किसकी गोली लगने से हुई है. उसने प्रशासन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी शिकायत पर पुलिस मुकदमा दर्ज नही कर रही.

गौरतलब है कि जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर ग्राम में बीते 15 अक्टूबर को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दो पक्षों में विवाद हो गया था. इस दौरान गोली चलने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी तथा कई लोग घायल हो गए थे.

मृतक की पहचान 45 वर्षीय जय प्रकाश पाल के रूप में हुई थी. मृतक के भाई चंद्रमा पाल की तहरीर पर धीरेंद्र प्रताप सिंह समेत आठ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था. राज्य सरकार ने सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सुरेश कुमार पाल और सर्किल अधिकारी चंद्रकेश कुमार सहित मौके पर मौजूद 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था.

मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को भाजपा का स्थानीय नेता बताया जा रहा है. हालांकि भाजपा के बलिया जिला इकाई के अध्यक्ष जय प्रकाश साहू ने सिंह को पार्टी का कार्यकर्ता मानने से इनकार किया था. उन्होंने कहा था कि वह भाजपा का समर्थक जरूर हो सकते हैं.

भाजपा विधायक ने मुख्य आरोपी का किया था बचाव

इस घटना के बाद बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि इस तरह की घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं. विधायक ने मुख्य आरोपी का बचाव करते हुए कहा था कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई.

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा था, ‘घटना बहुत दुखद है, इसे नहीं होना चाहिए था, लेकिन मैं प्रशासन द्वारा एकतरफा जांच किए जाने की निंदा करता हूं. कोई भी घटना के दौरान घायल छह महिलाओं के दुख को नहीं देख रहा है. धीरेंद्र सिंह ने आत्मरक्षा में गोली चलाई है.’

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक विधायक ने कहा था, ‘अगर उन्होंने (आरोपी) फायर नहीं किया होता तो उनके दर्जनों रिश्तेदार मारे जाते. दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए. जो भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था, लेकिन पुलिस को दूसरे पक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए जिसने महिला पर लाठी और लोहे के रॉड से हमला किया.’

बीते शनिवार को भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने रेवती कांड में दूसरे पक्ष की तरफ से मुकदमा दर्ज करने के लिए जिला प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है तथा मुकदमा दर्ज नही होने पर समर्थकों के साथ स्वयं रेवती थाना पर धरना देने की चेतावनी दी है. उन्होंने जानकारी दी कि उनकी इस मसले शासन के आला अधिकारियों से फोन पर बातचीत हुई है .

आरोपियों के बचाव में खुलकर सामने आए भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह फफक कर रोने लगे. उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के समय यादवों द्वारा किए गए हत्या पर चुप्पी साध रखी थी. उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव जमकर यादव कार्ड खेल सकते हैं तो वह भी सवर्णों के साथ हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)