राजनीति

कोविड-19 के कारण सीएए लागू करने में देरी हुई, बहुत जल्द लागू होगा: भाजपा अध्यक्ष

पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए नागरिकता संशोधन क़ानून के एक बड़ा चुनावी मुद्दा होने की ओर इशारा करते हुए सिलीगुड़ी में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी इस कानून को लागू करने लिए प्रतिबद्ध है.

Siliguri: BJP National President J P Nadda waves at party workers during his day-long visit to Siliguri, Monday, Oct, 19, 2020. (PTI Photo)(PTI19-10-2020 000145B)

सोमवार को सिलीगुड़ी में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा. (फोटो: पीटीआई)

सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल): भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सोमवार को कहा कि कोरोना महामारी के कारण नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लागू करने में देरी हुई और दावा किया कि जल्द ही यह कानून लागू किया जाएगा.

भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सरकार पर ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चलने का आरोप लगाया और विश्वास जताया कि प्रदेश में अगली सरकार भाजपा की बनेगी.

अपने एकदिवसीय दौरे पर सिलीगुड़ी पहुंचे नड्डा ने 2021 में प्रस्तावित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लिया और विभिन्न समुदाय के लोगों से चर्चा की और उन्हें संबोधित भी किया.

नड्डा ने कहा, ‘आपको सीएए मिलेगा और मिलना तय है. अभी नियम बन रहे हैं. कोरोना के कारण थोड़ी रुकावट आई है. जैसे-जैसे कोरोना हट रहा है, नियम तैयार हो रहे हैं. बहुत जल्द आपको उसकी सेवा मिलेगी. इसको हम पूरा करेंगे.’

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुछ समूहों ने कथित तौर पर नड्डा से सीएए को जल्द लागू करने की अपील की थी.

अप्रैल-मई 2021 में पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए सीएए के एक बड़ा चुनावी मुद्दा होने की ओर इशारा करते हुए नड्डा ने कहा कि पार्टी उसे लागू करने लिए प्रतिबद्ध है.

बता दें कि साल 2019 में संसद में पास होने से पहले ही नागरिकता संशोधन कानून पश्चिम बंगाल में एक बड़ा मुद्दा बन गया था. जहां सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उसका पुरजोर विरोध कर रही है तो भाजपा उसे लागू करवाने पर जोर डाल रही है.

ऐसा माना जा रहा था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय विवादित सीएए को 18 जून तक लागू करवाना चाहता था लेकिन वह ऐसा करने में सफल नहीं हो सका.

बता दें कि इस विवादित कानून के खिलाफ देशभर में भारी विरोध देखने को मिला था. स्वतंत्र भारत में इस कानून को लागू करने के लिए धर्म को आधार बनाए जाने पर लोग इसका विरोध कर रहे थे और उनका मानना था कि यह मुस्लिमों के लिए भेदभावकारी है.

इस कानून के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को अंतरराष्ट्रीय तौर पर भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य पश्चिमी देशों ने कानून को भेदभावकारी बताया था.

वहीं इस दौरान पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के राज में इतने समय तक ‘हिंदू समाज’ के प्रति ‘आघात’ किया गया.

उन्होंने कहा, ‘अब जब समझ में आ गया तो हर समाज को जोड़ने के लिए फुसलाने का प्रयास हो रहा है. ये वो लोग हैं जो केवल वोटबैंक की राजनीति करते हैं, सिर्फ सत्ता में रहने के लिए राजनीति करते हैं.’

उन्होंने कहा कि भाजपा और (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी की मूल नीति है- सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास जबकि दूसरी पार्टियों कि नीति है- फूट डालो, समाज को बांटो, अलग-अलग करके रखो, अलग-अलग मांग करो और राज करो.

उन्होंने आगे कहा, ‘वर्तमान सरकार, ममता जी के नेतृत्व में यही कर रही है. फूट डालो और राज करो. सबको समावेश करके चलने की ताकत सिर्फ मोदी जी में है. भाजपा समाज को जोड़ती है जबकि वे लोग समाज को तोड़कर वोटबैंक की राजनीति करते हैं.’

नड्डा ने किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को राज्य में लागू न करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही इन योजनाओं को लागू किया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘दुख की बात है कि ममता जी की सरकार ने किसान सम्मान निधि को बंगाल में लागू नहीं होने दिया. बंगाल के 76 लाख किसानों को इससे वंचित रखा गया है. इसी प्रकार राज्य के लोग आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित हैं. पहले आप कमल पर हाथ दबाइए और फिर हम आयुष्मान भारत का बटन दबाएंगे. ये योजनाएं लागू होकर रहेंगी.’

भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि राज्य की जनता हिंसा और तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘कट मनी’ संस्कृति से तंग आ चुकी है और 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद यहां भाजपा की सरकार बनेगी.

सिलीगुड़ी पहुंचने के बाद नड्डा ने आनंदमयी कालीबाड़ी मंदिर में पूजा करने से पहले यहां के नौका घाट पर समाज सुधारक ठाकुर पंचानन बर्मन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी.

राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और उपाध्यक्ष मुकुल रॉय जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता भी नड्डा के साथ मंदिर गए.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नड्डा ने पिछले कुछ महीनों में बंगाल में कई रैलियों और पार्टी कार्यक्रमों को ऑनलाइन संबोधित किया है. मार्च में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बढ़ने के बाद से भाजपा प्रमुख का राज्य का यह पहला दौरा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)