राजनीति

बिहार: भाजपा का घोषणा-पत्र में मुफ़्त कोरोना टीके का वादा, विपक्ष ने कहा- बीमारी और डर बेच रहे हैं

बिहार विधानसभा चुनाव राउंडअप: कोरोना वैक्सीन को चुनावी मुद्दा बनाने पर विपक्ष ने भाजपा को घेरा. कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में किया 10 लाख नौकरियों और कृषि क़र्ज़माफ़ी का वादा किया. उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी कोरोना वायरस से संक्रमित.

बिहार चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व अन्य भाजपा नेता. (फोटो: ट्विटर)

बिहार चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व अन्य भाजपा नेता. (फोटो: ट्विटर)

नई दिल्ली/पटना/कहलगांव: बिहार चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को संकल्प पत्र ‘आत्मनिर्भर बिहार का रोडमैप 2020-25′ जारी कर दिया जिसमें तीन लाख शिक्षकों की नियुक्ति करने सहित शिक्षा, चिकित्सा एवं अन्य क्षेत्रों में 19 लाख नये रोजगार देने, कोरोना वायरस का नि:शुल्क टीका लगाने, महिलाओं के लिए सूक्ष्म वित्तपोषण की नई योजना लाने और बिहार को सूचना प्रौद्योगिकी का केंद्र बनाने सहित 11 संकल्प व्यक्त किए गए हैं.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा का यह संकल्प-पत्र जारी किया जिसे ‘आत्मनिर्भर बिहार का रोडमैप 2020-25′ का नाम दिया गया है.

इसके तहत पांच सूत्र, एक लक्ष्य, 11 संकल्प रखे गए हैं. इसके साथ ही पार्टी ने ‘भाजपा है, तो भरोसा है’ का नारा भी दिया है.

इस दौरान भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, नित्यानंद राय, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.

सीतारमण ने कहा कि बिहार एक ऐसा राज्य है जहां सभी नागरिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील और अच्छी तरह से सूचित हैं और वे उन वादों को जानते और समझते हैं जिन्हें पार्टी करती है.

उन्होंने कहा, ‘हमने भरोसे को आधार मानकर संकल्प पत्र तैयार किया है. हमारे हर संकल्प पत्र में वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता होती है. इसलिए जब कभी हमारे घोषणापत्र के बारे में पूछा जाता है तब हम उन्हें विश्वास के साथ जवाब दे सकते हैं कि हमने जो वादा किया था, उसे पूरा करते हैं.’

वित्त मंत्री ने कहा कि जब तक कोरोना वायरस का टीका नहीं आता है, तब तक मास्क ही टीका है, लेकिन जैसे ही टीका आ जाएगा तो भारत में उसका उत्पादन बड़े स्तर पर किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि जब टीका तैयार हो जाएगा तब हर बिहारवासी को कोरोना वायरस का टीका निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि जब हम विकास की बात करते हैं तब 1990 से 2005 के 15 साल के शासनकाल और 2005 से 2020 के शासनकाल की तुलना करें तो स्थिति स्पष्ट होगी.

उन्होंने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकार के पिछले 15 वर्षों के शासन में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) तीन प्रतिशत से बढ़कर 11.3 प्रतिशत हो गया है.

सीतारमण ने कहा कि 2005 से पहले के औद्योगिक उत्पादन का सतत आंकड़ा नहीं मिला है क्योंकि पूर्व की सरकार की प्राथमिकता औद्योगिक विकास नहीं था. राजग सरकार के दौरान प्रदेश की औद्योगिक विकास दर 17 प्रतिशत हो गई है.

उन्होंने कहा, ‘ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि राजग ने सुशासन पर ध्यान दिया, जनता की भलाई के लिए काम किया जबकि पूर्व के (2005 से पहले) 15 साल के जंगल राज के दौरान ऐसा नहीं हुआ.’

उन्होंने कहा, ‘मैं राज्य के सभी लोगों से राजग को वोट देने और इन्हें जिताने की अपील करती हूं. नीतीश कुमार अगले पांच साल तक बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. उनके शासन में बिहार भारत का एक प्रगतिशील और विकसित राज्य बन जाएगा. बिहार का विकास भारत के विकास का इंजन बनेगा.’

पांच सूत्र, एक लक्ष्य, 11 संकल्प

भाजपा के संकल्प पत्र में कहा गया है कि आने वाले एक वर्ष में राज्य के सभी प्रकार के विद्यालय, उच्च शिक्षा के विश्वविद्यालयों तथा संस्थानों में तीन लाख नए शिक्षकों की नियुक्ति करेंगे.

इसमें 10 हजार चिकित्सों सहित कुल एक लाख लोगों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के अवसर देने, बिहार में मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित तकनीकी शिक्षा को हिंदी भाषा में उपलब्ध कराने का संकल्प व्यक्त किया गया है.

भाजपा ने कहा है कि कोरोना वायरस का टीका तैयार होने पर हर बिहारवासी को कोरोना का निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.

पार्टी ने कहा है कि राजग सरकार ने बिहार में 10 लाख समूहों के माध्यम से 1.20 करोड़ महिलाओं के जीवन में रोशनी पहुंचायी है. अब स्वयं सहायता समूहों व माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के माध्यम से 50 हजार करोड़ की सूक्ष्म कर्ज की व्यवस्था कराकर एक करोड़ महिलाओं को स्वावलंबी बनाएंगें.

भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि लक्ष्य 1- आत्मनिर्भर बिहार, सूत्र 5- गांव, शहर, उद्योग, शिक्षा, कृषि का विकास- इन मंत्रों को लेकर चलना है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करना है, ‘आत्मनिर्भर बिहार’ बनाना है.

गौरतलब है कि भाजपा का घोषणा पत्र प्रमुख दलों व विपक्षी महागठबंधन के बाद सामने आ रहा है. इसके पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में भाजपा की सहयोगी जदयू ने सात निश्चय पार्ट-2 जारी किया था.

लोजपा प्रमुख चिराग पासवान भी एक दिन पहले अपने ‘बिहार फर्स् ट बिहारी फर्स्ट’ संकल्प पत्र जारी कर चुके हैं.

वहीं, विपक्षी महागठबंधन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल ने पहले ही अपना संयुक्त घोषणा पत्र सार्वजनिक कर दिया है.

कोरोना वैक्सीन को चुनावी मुद्दा बनाने पर विपक्ष ने भाजपा को घेरा

बिहार चुनाव में कोरोना वैक्सीन को घोषणापत्र में शामिल करने पर विपक्षी दलों ने भाजपा की आलोचना की है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जहां कहा कि अब वैक्सीन के लिए जनता को अपने राज्य में चुनाव का इंतजार करना पड़ेगा वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि वैक्सीन भाजपा का नहीं बल्कि देश का है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के लोगों को कोरोना वायरस का टीका मुफ्त उपलब्ध कराने के भाजपा के चुनावी वादे को लेकर तंज कसते हुए कहा, ‘भारत सरकार ने कोविड वैक्सीन वितरण की घोषणा कर दी है. ये जानने के लिए कि वैक्सीन और झूठे वादे आपको कब मिलेंगे, कृपया अपने राज्य के चुनाव की तारीख देखें.’

वहीं, राजद ने गुरुवार को ट्वीट करके कहा, ‘कोरोना का टीका देश का है, भाजपा का नहीं! टीका का राजनीतिक इस्तेमाल दिखाता है कि इनके पास बीमारी और मौत का भय बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है! बिहारी स्वाभिमानी हैं, चंद पैसों में अपने बच्चों का भविष्य नहीं बेचते!’

राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार चुनाव के लिए भाजपा के पास कोई चेहरा नहीं है. विजन डॉक्यूमेंट जारी करने के लिए वित्त मंत्री को आना पड़ा. चूंकि वह यहां हैं, सीतारमण जी को पहले बताना चाहिए कि उन्होंने बिहार को विशेष पैकेज और विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिया.

वहीं, कैमूर के रामगढ़ में आय़ोजित एक रैली में तेजस्वी यादव ने कहा, ‘कल तक भाजपा वाले कहते थे कि 10 लाख नौकरी का पैसा कहां से तेजस्वी यादव देंगे. अब भाजपा वाले फंस गई तो कहते हैं कि 19 लाख रोजगार देंगे. आरे किसको मूर्ख बना रहे हो. झूठ बोलना है तो हम भी बोल देंगे कि 1 करोड़ नौकरी देंगे.’

तेजस्वी ने कहा कि बहुत कम समय में बिहार के 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने जा रही है, जो इतिहास में पहली बार होगा. पहली कलम से सबसे पहला काम यही होगा.

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी कोरोना वायरस से संक्रमित

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को कहा कि वह कोविड-19 से संक्रमित हो गए हैं और उपचार करा रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के सभी मानक सामान्य हैं और वह जल्द ही चुनावी राज्य में प्रचार में शामिल होने के लिए आशान्वित हैं.

बिहार में भाजपा के अग्रणी नेताओं में शामिल सुशील पिछले कुछ समय से सार्वजनिक गतिविधियों से दूर थे और उनकी गैरमौजूदगी में ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पार्टी का घोषणापपत्र जारी किया.

उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया हूं. स्वास्थ्य के सभी मानक सामान्य हैं. हल्का बुखार हुआ लेकिन पिछले दो दिनों में बुखार नहीं हुआ. फेफड़े का सीटी स्कैन सामान्य है. जल्द ही प्रचार के लिए लौटूंगा.’

उपमुख्यमंत्री ऐसे समय संक्रमित हुए हैं, जब एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी राज्य में सासाराम, गया और भागलपुर जिलों में एक के बाद एक रैलियों को संबोधित करेंगे.

रैलियों में जद(यू) प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री के मौजूद रहने की संभावना थी.

‘जिनके समय में जीडीपी 23 प्रतिशत गिर गई हो, वो जीडीपी पर ज्ञान न दें’

वहीं, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के तहत नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्य से संबंधित रिपोर्ट इस बात की गवाह है कि नीतीश कुमार सरकार ने बिहार को सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन के गर्त में पहुंचा दिया है.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘सुशासन के नाम पर सत्ता की सरपरस्ती में बेरोजगारी, निकम्मापन और नाकारापन परोसा गया और बिहार को बदहाली की कगार पर ला खड़ा किया. क्या ‘फिसड्डी बाबू’ जवाब देंगे?’

कांग्रेस नेता ने भाजपा के घोषणा पत्र को ‘झूठ का संकल्प पत्र’ करार दिया और कहा कि इसे कूड़ेदान में डाल देना चाहिए.

उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था, उसका क्या हुआ? बिहार को विशेष राज्य के दर्जे का क्या हुआ?

सुरजेवाला ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाजपा-जदयू सरकार के 15 वर्षो के कार्यकाल में राज्य के विकास के मानदंडों पर आगे बढ़ने के दावो को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसी आदरणीय महिला, जिनके समय में जीडीपी 23 प्रतिशत गिर गई हो, वो जीडीपी पर ज्ञान न दें.

बिहार की जदयू-भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार को बदहाली के कगार पर ला छोड़ा और बिहार के मुख्यमंत्री को यह तमगा कांग्रेस या महागठबंधन ने नहीं दिया बल्कि इस उपमा से स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार को नवाजा था.

नौकरी देने के भाजपा के संकल्पपत्र के वादे पर तंज करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि सुशील मोदी-नीतीश कुमार कहते हैं नौकरी के लिए पैसा है ही नहीं है और नौकरियां देने के लिए 58,000 करोड़ रुपये चाहिये, तब फिर इतने लोगों को रोज़गार कहां से देंगे?

बिहार के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी सम्मानित नेता हैं, लेकिन जिस प्रकार से चुनावी रैली में वे युवाओं को दुत्कार रहे थे, वह बेशर्मी भरा व्यवहार ठीक नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार चुनाव हार रहे हैं और अपनी नाकामी और नाकारापन की खीझ युवाओं पर निकालने का प्रयास कर रहे हैं.

कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेस में 2015 विधानसभा के दौरान नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के चुनाव प्रचार के संबोधन का वीडियो क्लिप भी जारी किया जिसमें मोदी और नीतीश एक दूसरे पर निशाना साधते दिख रहे हैं. 2015 के चुनाव में जदयू ने राजद एवं कांग्रेस के साथ विपक्षी महागठबंधन में चुनाव लड़ा था.

बिहार की नीतीश सरकार पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि हाल में ही प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले नीति आयोग ने ‘सतत विकास लक्ष्य 2019-20 रिपोर्ट’ जारी की है.

इसके तहत नीति आयोग ने देश के सभी राज्यों का 62 सूचकांकों पर मूल्यांकन किया है. उन्होंने दावा किया कि इस रिपोर्ट में सभी 28 राज्यों को शामिल किया गया है और इसमें बिहार की बदहाली के लिए नीतीश बाबू और जदयू-भाजपा को दोषी ठहराया है.

सुरजेवाला ने कहा, ‘बेहद शर्मनाक और पीड़ादाई परिणामों के साथ नीतीश सरकार ‘फिसड्डी’ आई है. लगभग सभी मापदंडों में नीतीश बाबू का नेतृत्व फेल साबित हुआ है.’

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि बिहार में देश के सबसे अधिक गरीब हैं और 33.74 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीने को मजबूर है.

कांग्रेस नेता ने स्कूली स्तर पर बिहार में 12वीं कक्षा में ‘स्कूल ड्रॉपआउट रेट’ देश में सबसे अधिक, देश में सबसे कम ‘प्रशिक्षित स्कूल शिक्षक’ होने तथा उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर सबसे कम होने का आरोप भी लगाया.

उन्होंने स्कूलों में लड़कियों के शौचालयों में भी बिहार के आखिरी पायदान पर होने तथा सबसे अधिक कुपोषित एवं खून की कमी की समस्या से ग्रस्त बच्चे होने का उल्लेख किया.

कांग्रेस नेता ने कहा कि बड़े राज्यों में बिहार में खून की कमी की शिकार सबसे अधिक गर्भवती महिलाएं हैं और राज्य में मनरेगा के तहत मेहनतकश मजदूरों को देश में सबसे कम काम मिलता है.

कांग्रेस ने घोषणापत्र में किया 10 लाख नौकरियों और कृषि कर्जमाफी का वादा

कांग्रेस ने बुधवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें 10 लाख नौकरियां, कृषि कर्ज माफी, 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ता, बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट और हाल ही में अस्तित्व में आए तीन कृषि कानूनों को समाप्त करने सहित कई लुभावने वादे किए हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज बब्बर ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में पार्टी का घोषणापत्र ‘बदलाव पत्र 2020’ जारी किया. इस दौरान कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, बिहार मामलों के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, तारिक अनवर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.

इस अवसर पर राज बब्बर ने कहा, ‘10 लाख लोगों को सरकरी नौकरी देने का निर्णय महागठबंधन की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा. जो लोग इसकी हंसी उड़ा रहे हैं, वे खुद हंसी के पात्र बन जायेंगे.‘

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को रोजगार नहीं मिल सकेगा, उन्हें 1,500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा.

राज बब्बर ने कहा कि नीतीश कुमार चार बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन उन्होंने युवाओं को धोखा देने का काम किया जबकि 4.5 लाख नौकरियां आसानी से दी जा सकती थी.

वहीं, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि बिहार रोज़गार, औद्योगिक तरक्की, फसल के दाम, शिक्षा व स्वास्थ्य में तरक्की, पेयजल व सस्ती बिजली का अधिकार चाहता है. उन्होंने कहा कि बिहार अपराधियों की सरपरस्ती से मुक्ति और बदहाली की ज़ंजीरों को तोड़ना चाहता है.

बिहार में शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में शराब माफिया को जदयू-भाजपा सरकार के साथ मिलीभगत की वजह से पूरी छूट मिली है.

उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया को नीतीश बाबू की सरकार का संरक्षण है और वे इनकी छत्रछाया में पनप रहे है.

कांग्रेस के घोषणापत्र में कई बातें महागठबंधन के सहयोगियों से मिलती जुलती हैं. इनमें 10 लाख लोगों को नौकरियां देना और कृषि कर्ज माफी का वादा शामिल है.

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर विधानसभा के पहले सत्र में हाल ही में बनाए गए कृषि संबंधी तीन कानूनों को समाप्त करने का विधेयक पारित किया जाएगा. कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने इस संबंध में पंजाब का उदाहरण दिया जहां ऐसा हुआ है.

बिहार के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र में दो एकड़ से कम जोत वाले किसानों की मदद के लिए ‘राजीव गांधी कृषि न्याय योजना’ शुरू करने की बात कही गई है.

बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए हो रहे चुनाव में कांग्रेस विपक्षी महागठबंधन में सीटों की साझेदारी के तहत 70 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ रही है. जबकि राजद 144 सीटों, भाकपा माले 19 सीट, भाकपा छह सीट और माकपा चार सीट पर चुनाव लड़ रही है.

भाजपा-जदयू गठबंधन को सचिन-सहवाग जैसी ‘सुपरहिट’ जोड़ी: राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी की तरह ही भाजपा-जदयू का गठबंधन है तथा इस बात पर तो बहस की जा सकती है कि बिहार में गठबंधन सरकार द्वारा कितना विकास किया गया किंतु मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कोई भी भ्रष्टाचार को लेकर उंगली नहीं उठा सकता.

भागलपुर जिले के कहलगांव में एक चुनावी रैली में राजनाथ ने प्रदेश की मुख्य विपक्षी जोड़ी पार्टी राजद पर प्रहार करते हुए कहा कि लोगों ने इसके 15 साल के कार्यकाल को देखा है तथा उसके कुशासन और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के ‘सुशासन’ के बीच के अंतर को देखा जा सकता है.

राजनाथ ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘भाजपा और जदयू का गठबंधन भारतीय क्रिकेट टीम के सचिन और सहवाग की शुरुआती जोड़ी के रूप में सुपरहिट है.’

उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार ने बिजली, सड़क और पानी की बुनियादी सुविधाएं प्रदान की हैं, जिसकी बिहार में दशकों से कमी थी.

राजनाथ ने कहा, ‘लोगों ने ‘लालटेन’ (राजद के चुनाव चिन्ह लालटेन) के 15 साल के शासन को देखा है और उन्होंने भाजपा-जदयू गठबंधन सरकार के दौरान बिहार के विकास को भी देखा है. इन दोनों सरकारों के प्रदर्शन की तुलना नहीं की जा सकती है. राज्य राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान बदल गया.’

राजनाथ ने कहा, ‘लालटेन का युग खत्म हो गया है. यह अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एलईडी बल्ब का युग है.’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता सुशील मोदी की प्रशंसा करते हुए राजनाथ ने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं हैं.

उन्होंने ने कहा, ‘मैं यह दावा नहीं कर रहा हूं कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए सब कुछ किया है. इस पर बहस हो सकती है कि क्या उन्होंने पर्याप्त काम किया है या कम काम किया है या अधिक किया जाना चाहिए, लेकिन उनकी ईमानदारी पर कोई बहस नहीं हो सकती है.’

राजनाथ ने कहा कि कोई भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नीतीश कुमार पर उंगली नहीं उठा सकता. उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने न केवल गरीबों और दलितों को सशक्त बनाया बल्कि उनके जीवन स्तर को भी ऊपर उठाया.

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सिंह ने कहा कि पार्टी ने सत्ता में आने के बाद अपने वादों को पूरा किया है.

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक गतिरोध के दौरान शहीद हुए बिहार रेजिमेंट के सैनिकों का उल्लेख करते हुए राजनाथ ने कहा कि वह उनकी बहादुरी के लिए राज्य के लोगों के प्रति कृतज्ञ हैं.

उन्होंने कहा, ‘आप सभी जानते हैं कि गलवान घाटी में क्या हुआ था. यह बिहार रेजिमेंट के सैनिक थे जिन्होंने हमारी मातृभूमि के गौरव को बचाया. उन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया और मै उनके बलिदान के लिए आप सभी के प्रति कृतज्ञ हूं.’

बिहार विधानसभा की 243 सीट के लिए तीन चरणों 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को मतदान होना है और मतों की गिनती 10 नवंबर को होगी.

राजनाथ का बिहार में विधानसभा चुनाव के तीन चरणों में छह दिनों में कम से कम 18 रैलियों को संबोधित करने का कार्यक्रम है.

भाजपा-जदयू गठबंधन पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर तथा बॉलीवुड के सेट डिजाइनर से राजनेता बने मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतरा है.

उनके मुकाबले में विपक्षी महागठबंधन में राजद, कांग्रेस और अन्य वामदल शामिल हैं. कुछ अन्य छोटे दल भी चुनाव मैदान में हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)