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कांग्रेस ने कहा, भाजपा ने हमारे विधायक चुरा लिए

गुजरात में शंकर सिंह वाघेला के कांग्रेस छोड़ने के बाद पिछले दो दिनों में पार्टी के छह विधायकों ने दिया इस्तीफा. पांच विधायकों ने भाजपा का दामन थामा.

सोनिया गांधी और राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

सोनिया गांधी और राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

गुजरात कांग्रेस में इस्तीफों का दौर जारी है. कद्दावर नेता शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस के अब तक छह विधायक अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को सौंप चुके हैं.

बीते गुरुवार को तीन कांग्रेस विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे. इसके बाद शुक्रवार को भी तीन अन्य विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. शुक्रवार को मानसिंह चौहान और चन्नाभाई चौधरी ने भी इस्तीफा दिया.

इसके बाद दोपहर में कांग्रेस के एक और विधायक रामसिंह परमार ने भी इस्तीफा दे दिया. समाचार न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, शुक्रवार को गुजरात विधानसभा के स्पीकर रमणलाल वोरा ने बताया कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने इस्तीफ़ा उन्हें सौंपा है.

इसके पहले गुरुवार को सिद्धपुर से विधायक बलवंत सिंह राजपूत के साथ विधानसभा के कांग्रेस की मुख्य सचेतक अध्यक्ष तेजश्री पटेल और विजापुर से पीआई पटेल ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था.

बलवंत सिंह राजपूत के भाजपा में शामिल होते ही उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार नामित कर दिया गया. अमित शाह और स्मृति ईरानी के अलावा बलवंत तीसरे उम्मीदवार होंगे, जिनकी टक्कर सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल से होगी. बलवंत सिंह की बेटी की शादी शंकर सिंह वाघेला के बेटे महेंद्र सिंह से हुई है, जो मौजूदा विधायक है.

भाजपा का दामन थामने वाली तेजश्री पटेल ने कांग्रेस पर पाटीदारों के मुद्दों पर गंभीरता न उठाने का आरोप लगाया है. तीनों विधायक उत्तरी गुजरात से आते हैं, जो शंकर सिंह वाघेला का गढ़ माना जाता है.

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए अपने बयान में तेजश्री ने कहा है कि विकास का काम करने के लिए सत्ता पक्ष के साथ होना ज़रूरी है.

कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने की वजह से आठ अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनाव में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के लिए मुश्किल खड़ा कर दिया है.

182 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में भाजपा के पास 121 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 57 विधायक थे. छह विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास महज़ 51 विधायक ही बचे हैं.

एनडीटीवी के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव में भी शंकर सिंह वाघेला के 11 क़रीबी विधायकों ने राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के पक्ष में वोट दिया था. इस्तीफा दे चुके कांग्रेस विधायक अब राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं कर पाएंगे.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, राज्यसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और स्मृति ईरानी को जीतने के लिए 92 वोटों की ज़रूरत पड़ेगी. भाजपा के 121 विधायक हैं. इस तरह से भाजपा के पास 29 वोट और बच जाएंगे. वहीं कांग्रेस नेता अहमद पटेल को चुनाव जीतने के लिए 46 कांग्रेस विधायकों के समर्थन की ज़रूरत पड़ेगी.

कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्यसभा में इन इस्तीफों को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया. कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने भाजपा पर विधायक चोरी करने का आरोप लगाया है.

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा गलत तरीके से विधायकों को इस्तीफा दिलवाने के लिए दबाव बनाया है. कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि विधायकों की ख़रीदी के लिए भाजपा करोड़ों रुपये ख़र्च कर रही है.