राजनीति

अयोध्या में राम मंदिर की तर्ज पर चिराग पासवान ने बिहार में सीता मंदिर बनवाने का वादा किया

बिहार विधानसभा चुनाव राउंडअप: महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ऊर्जाविहीन हो चुके हैं. उनकी पकाऊ, थकाऊ, उबाऊ, बासी और घिसी-पिट्टी बातों से जनता पक चुकी है. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महागठबंधन को विकास विरोधी क़रार देते हुए कहा कि राजद के स्वभाव में ही अराजकता है.

चिराग पासवान. (फोटो: ट्विटर/@iChiragPaswan)

चिराग पासवान. (फोटो: ट्विटर/@iChiragPaswan)

पटना/नई दिल्ली/नालंदा/लखीसराय: आगामी 28 अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग होने जा रही है और अपने-अपने घोषणापत्रों से पार्टियां मतदाताओं के लिए लोकलुभावने वादे करने में लगी हैं.

इसी क्रम में रविवार को लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने सीता के बिना राम को अधूरा बताते हुए अयोध्या में राम मंदिर के तर्ज पर बिहार में सीता मंदिर बनवाने का वादा किया.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘सिया बिन राम अधूरे हैं, इसीलिए भगवान राम के मंदिर बनने के साथ सीतामढ़ी में माता-सीता का मंदिर भव्य मंदिर का निर्माण बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट लागू कर बनवाऊंगा. माता सीता के आशीर्वाद से बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट भी लागू होगा. माता सीता नारी सशक्तिकरण व नारी स्वाभिमान की प्रतीक हैं.’

इसके साथ ही उन्होंने बिहार के अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी विशेष सर्किट से जोड़ने की भी बात की.

उन्होंने कहा, ‘माता सीता के साथ-साथ बिहार में भगवान महावीर गौतम बुद्ध, गुरु गोबिंद सिंह व कई सूफी संत जैसे कई महान दिव्य शक्तियों का वास बिहार में रहा है. इन सब महान स्थानों को विशेष सर्किट से जोड़ेगा बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट.’

उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन से लोगों की आस्था भी जुड़ी हुई है और इससे बिहार का राजस्व भी बढ़ेगा.

असंभव नीतीश नारे के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर करने का लक्ष्य लेकर चल रहे चिराग पासवान ने लोजपा प्रत्याशी न होने पर भाजपा प्रत्याशी को वोट देने की अपील की.

उन्होंने कहा, ‘आप सभी से अनुरोध है की जहां भी लोजपा के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं उन सभी स्थानों पर बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट को लागू करने के लिए लोजपा के प्रत्याशियों को वोट दें व अन्य स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी के साथियों को चुनें. आने वाली सरकार नीतीश मुक्त सरकार बनेगी.’

पकाऊ, थकाऊ, उबाऊ बातों से जनता पक चुकी: तेजस्वी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन पर लगातार सवाल उठा रहे राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को नीतीश कुमार पर बिहार के करोड़ों युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने का आरोप लगाया है.

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर लिखा, ‘आदरणीय नीतीश जी पूर्णत: ऊर्जाविहीन हो चुके हैं. उनकी पकाऊ, थकाऊ, उबाऊ, बासी और घिसी-पिट्टी बातों से जनता पक चुकी है. थक चुके नीतीश कुमार जी वास्तविकता, तर्क और तथ्यों से भाग रहे हैं. बिहार के करोड़ों युवाओं का वर्तमान और भविष्य बर्बाद कर वो इतिहास के बासी पन्नों को पलट रहे हैं.’

वहीं, मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा से प्रचार करने का वीडियो ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा, ‘माननीय मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा के इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र में उमड़े जनसमूह के साथ. आदरणीय नीतीश जी संकीर्ण और रूढ़िवादी सोच के मुख्यमंत्री हैं और हम व्यापक, उदार और नई सोच के साथ हैं, क्योंकि हम सबों ने साथ मिलकर नए दौर में नया बिहार बनाना है.’

महागठबंधन विकास विरोधी, राजद के स्वभाव में ही अराजकता: भाजपा अध्यक्ष

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को कांग्रेस-राजद-भाकपा माले के गठबंधन को विकास विरोधी करार दिया और कहा कि महागठबंधन का नेतृत्व करने वाली राष्ट्रीय जनता दल के स्वभाव में ही अराजकता है और इन्होंने पिछली गलतियों के लिए जनता से अभी तक माफी नहीं मांगी है.

बीते शनिवार को नालंदा और लखीसराय में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘राष्ट्रीय जनता दल के स्वभाव में ही अराजकता है, एक बार भी इन्होंने बिहार की जनता से अपनी गलतियों के लिए माफी नहीं मांगी है. इसका मतलब है कि अभी भी इरादे वही हैं.’

राजद पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा, ‘ये रोजगार की बात करते हैं. इन्होंने अपहरण का उद्योग चलाया. जिन्होंने अपहरण का उद्योग चलाया, वे क्या रोजगार देंगे.’

गौरतलब है कि राजद ने अपने घोषणापत्र में 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया है. राजद नेता तेजस्वी यादव अपनी चुनावी सभाओं में रोजगार और विकास की बातें करते हैं.

नड्डा ने कहा, ‘हमारी सरकार आने के बाद प्रदेश लालटेन युग से निकलकर एलईडी युग में और बाहुबल से निकलकर विकास बल की तरफ जा रहा है.’

केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके नड्डा ने आरोप लगाया कि जब नीतीश कुमार के साथ राजद सत्ता में साझेदार थी तब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रहे तेज प्रताप यादव के आलस्य के कारण राज्य कई स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रह गया.

उन्होंने कहा कि राजद स्वभाव से ही अराजक है इसीलिए नीतीश कुमार उससे अलग हो गए क्योंकि उनको लगा कि राजद के साथ सुशासन संभव नहीं है.

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने जुलाई 2017 में उस समय इस्तीफा दे दिया था जब तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव का नाम धनशोधन के मामले में आया था और राजद ने तेजस्वी के इस्तीफे की मांग नहीं मानी थी.

उस समय भाजपा ने सरकार बनाने के लिए नीतीश कुमार को बिना शर्त समर्थन दिया था और अगले ही दिन कुमार के नेतृत्व में नई सरकार बन गई थी.

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा. (फोटो: ट्विटर/@BJP4Bihar)

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा. (फोटो: ट्विटर/@BJP4Bihar)

बहरहाल नड्डा ने कहा, ‘मुझे याद है कि जब मैं केंद्र में स्वास्थ्य मंत्रालय संभालता था, तब नए अस्पताल, चिकित्सा शोध संस्थान आदि की स्थापना के प्रस्ताव को लेकर (बिहार से) कोई जवाब नहीं मिलता था.’

उल्लेखनीय है कि जब नीतीश कुमार के साथ राजद सत्ता में साझेदार थी, उस समय लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव राज्य के स्वास्थ्य मंत्री थे.

राजद पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा, ‘जो (माले) देश को खंडित करना चाहते हैं, जो देश के टुकड़े-टुकड़े करने की बात करते हैं, उनके साथ सीटों का बंटवारा कर लिया. माले ने राजद को हाइजैक कर लिया.’

पूर्ववर्ती राजद सरकार के दौरान रही कानून व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि शाम के बाद लोग घर से नहीं निकलते थे. उन्होंने इस संदर्भ में बाहुबली शहाबुद्दीन का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने सर्वसम्मति से राम मंदिर के पक्ष फैसला दिया. भाजपा अध्यक्ष जब राम मंदिर का जिक्र कर रहे थे तब लोगों ने कई बार ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए.

कृषि संबंधी तीन कानूनों के संदर्भ में नड्डा ने कहा कि कृषि सुधार कानूनों के माध्यम से नरेंद्र मोदी ने किसानों को उनकी उपज मंडी के अलावा कहीं भी बेचने की सुविधा दी है.

नड्डा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से आत्मनिर्भर बिहार होगा. बिहार में रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की जिम्मेदारी है और 19 लाख लोगों को रोजगार देने का काम एनडीए की नीतीश सरकार करेगी.

लोगों से एनडीए को जनादेश देने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम ऐसी पार्टी के सदस्य हैं, जो लोगों की सेवा करती है, गरीब के घर में भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करती है.’

उन्होंने कहा, ‘मोदी हैं तो विकास है, नीतीश हैं तो विकास है, लेकिन राजद में विकास नहीं है.’

पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आमने-सामने

बिहार के नक्सल प्रभावित गया जिले में इमामगंज विधानसभा सीट (सुरक्षित) पर दूसरी बार कब्जा बरकरार रखने के लिए प्रयासरत पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को चुनाव मैदान में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी का सामना करना पड़ रहा है.

Gaya: HAM(S) Chief Jitan Ram Manjhi addresses during an election meeting, at Tekari in Gaya district, Monday, Oct. 19, 2020. (PTI Photo)(PTI19-10-2020 000193B)Gaya: HAM(S) Chief Jitan Ram Manjhi addresses during an election meeting, at Tekari in Gaya district, Monday, Oct. 19, 2020. (PTI Photo)(PTI19-10-2020 000193B)

जीतनराम मांझी इमामगंज सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. (फोटो: पीटीआई)

साथ ही यहां के पूर्व विधायक रामस्वरूप पासवान की पुत्रवधू शोभा सिन्हा भी चुनाव मैदान में हैं, जिससे इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना जताई जा रही है.

इमामगंज विधानसभा सीट, जहां पहले चरण में 28 अक्टूबर को मतदान होना है, कुल दस उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.

हालांकि, मुख्य मुकाबला प्रदेश में सत्ताधारी एनडीए में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर के उम्मीदवार जीतन राम मांझी, महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे राजद के प्रत्याशी उदय नारायण चौधरी और इस सीट से विधायक रह चुके रामस्वरूप पासवन की पुत्रवधू एवं लोजपा उम्मीदवार शोभा सिंह के बीच होने की संभावना है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कभी विश्वासपात्र रहे मांझी और चौधरी, पहले उनकी पार्टी जदयू में थे.

मांझी, 20 मई 2014 से 20 फरवरी 2015 तक बिहार के 23वें मुख्यमंत्री रहे थे. फरवरी 2015 के राजनीतिक संकट के बाद मांझी को जदयू से निष्कासित कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर नाम की नई राजनीतिक पार्टी बना ली.

मांझी ने 2015 के चुनाव में चौधरी को करीब 30,000 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी. मांझी तब एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे, जबकि चौधरी पुराने महागठबंधन के उम्मीदवार थे जिसमें राजद और कांग्रेस के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू भी शामिल थी.

दलित नेता मांझी ने पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में मखदूमपुर विधानसभा सीट के साथ-साथ इमामगंज से भी चुनाव लड़ा था. पर वे मखदूमपुर सीट पर राजद उम्मीदवार सुबेदार दास से पराजित हो गए थे.

वहीं, कभी नीतीश के विश्वासपात्र माने जाने वाले चौधरी ने जदयू के फिर से एनडीए में शामिल होने पर 2017 में राजद में शामिल हो गए और इस बार राजद के टिकट पर इमामगंज से चुनावी मैदान में हैं.

इस बीच, चिराग पासवान की पार्टी लोजपा ने इमामगंज से पूर्व विधायक रामस्वरूप पासवान की पुत्रवधू और गया जिला परिषद की 2006 से 2011 तक पूर्व अध्यक्ष रहीं तथा इमामगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बांकेबाजार प्रखंड निवासी शोभा सिन्हा को चुनाव मैदान में उतारा है.

उल्लेखनीय है कि 2019 की मतदाता सूची के अनुसार इमामगंज निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2,87,648 मतदाता हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 136,000 है.

बिहार 243 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर (71 सीटों पर), 3 नवंबर (94 सीटों पर) और 7 नवंबर (78 सीटों पर) को होगा. मतगणना 10 नवंबर को होगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)