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मदरसों में मानवता और राष्ट्रीय एकता की शिक्षा दी जाती हैः जमीयत

हाल ही में मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा था कि सारा कट्टरवाद और सारे आतंकवादी मदरसों में पले और बढ़े हैं. जम्मू कश्मीर को आतंकवादियों की फैक्टरी बनाकर रख दिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्लीः प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मध्य प्रदेश सरकार की एक मंत्री की ओर से मदरसों के संदर्भ में की गईं नकारात्मक टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि भारत के मदरसों में मानवता एवं राष्ट्रीय एकता की शिक्षा दी जाती है.

जमीयत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की शनिवार को हुई बैठक में पारित प्रस्ताव में यह दावा भी किया गया है कि नई शिक्षा नीति अल्पसंख्यकों के साथ धार्मिक रूप से भेदभाव करने वाली है.

संगठन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कार्यकारिणी की बैठक में विशेषकर नई शिक्षा नीति, मदरसों के खिलाफ नकारात्मक प्रचार, मदरसों में आधुनिक शिक्षा के लिए व्यावहारिक कार्यक्रम की तैयारी और सोशल मीडिया में धार्मिक घृणा वाले संदेशों के प्रसार पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई.

बयान के मुताबिक, ‘जमीयत महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने देश के वर्तमान हालात विशेषकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का सीएए को लागू करने से संबंधित बयान और असम सरकार की तरफ से सहायता प्राप्त मदरसों को सरकारी अनुदान बंद करने जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह भेदभावपूर्ण कार्य निंदनीय हैं.’

जमीयत के प्रस्ताव में कहा गया, ‘यह बात किसी भी छिपी नहीं है कि मदरसों में मानवीयता और राष्ट्रीय एकता की शिक्षा दी जाती है. मदरसों से जुड़े लोगों का देश की आजादी में प्रमुख योगदान रहा है और आज भी मदरसे के लोग विभिन्न क्षेत्रों में देश की तरक्की के लिए अपनी अत्यधिक महत्वपूर्ण सेवाएं पेश कर रहे हैं.’

फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मध्य प्रदेश सरकार मे मंत्री उषा ठाकुर का मदरसों पर दिए बयान की निंदा करते हुए सरकार से ऐसे तत्वों पर लगाम लगाने को कहा है.

संगठन के मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हाजी हारन अली ने कहा कि मदरसों ने हमेशा समाज में सद्भाव बनाए रखा है लेकिन कुछ सांप्रदायिक तत्व इसे पचा नहीं सकते.

उन्होंने कहा, ‘मैं मदरसों से शिकायत रखने वाले सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे मदरसों को बेहतर तरीके से समझने के लिए वहां जाकर देखें. उन्हें देखना चाहिए कि किस तरह की शिक्षा मदरसों में दी जाती है.’

उन्होंने कहा कि आज तक किसी मदरसे के आतंकी गतिविधियों में लिप्त रहने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.

हारून ने कहा, ‘मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि सांप्रदायिकता और नफरत फैलाने वालों को इस तरह की गतिविधियों से दूर रखें.’

मालूम हो कि बीते दिनों मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री उषा ठाकुर ने मदरसों को सरकारी खजाने से मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद किए जाने की पैरवी की थी.

उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि सारा कट्टरवाद और सारे आतंकवादी मदरसों में पले और बढ़े हैं. जम्मू कश्मीर को आतंकवादियों की फैक्टरी बनाकर रख दिया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)