राजनीति

‘जंगलराज का युवराज’ कहे जाने पर तेजस्वी ने किया पलटवार, नीतीश ने मोदी के नाम पर मांगा वोट

बिहार विधानसभा चुनाव राउंडअप: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जंगलराज का युवराज कहे जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि वह बेरोज़गारी और भुखमरी पर क्यों नहीं बोलते हैं. राजद ने चुनाव प्रचार में तेजस्वी की सुरक्षा का मुद्दा उठाया आयोग से ध्यान देने की अपील की. कांग्रेस ने कहा कि बिहार चुनाव में हार तय देखकर भाजपा को याद आया पाकिस्तान.

तेजस्वी यादव. (फोटो साभार: फेसबुक/@tejashwiyadav)

तेजस्वी यादव. (फोटो साभार: फेसबुक/@tejashwiyadav)

पटना/वाल्मीकिनगर/नई दिल्ली: बिहार में विपक्षी महागठबंधन की अगुवाई कर रहे राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खुद को ‘जंगलराज का युवराज’ कहे जाने पर पलटवार किया है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पहले चरण के मतदान के दिन चुनावी सभाओं में नरेंद्र मोदी द्वारा मुद्दों पर बात नहीं करने पर निराशा जताई है.

उन्होंने कहा कि वो देश के प्रधानमंत्री हैं, कुछ भी बोल सकते हैं. गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी, पलायन जैसे मुद्दों पर भी उन्हें बोलना चाहिए.

चुनावी सभा करने के लिए निकलने से पहले पटना में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए तेजस्वी से जब पूछा गया कि पीएम मोदी ने उन्हें ‘जंगलराज का युवराज’ कहा तो तेजस्वी ने कहा, ‘वो देश के प्रधानमंत्री हैं, कुछ भी बोल सकते हैं. मुझे इस पर कोई टीका-टिप्पणी नहीं करनी है, लेकिन वो आए थे तो उन्हें बिहार के विशेष पैकेज, बेरोजगारी, भुखमरी पर बोलना चाहिए था, लोगों की उम्मीद थी कि वो इस पर बोलेंगे लेकिन उन्होंने इस पर कुछ नहीं बोला.’

तेजस्वी ने कहा, ‘हमारे विरोध में तो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, भारत सरकार, बिहार सरकार, विश्व की सबसे बड़ी पार्टी और 30-30 हेलीकॉप्टर सब लगे हुए हैं. बावजूद इसके प्रधानमंत्री इस तरह की बात करते हैं तो जनता सब जानती है और सब देख रही है.’

उन्होंने कहा कि पहले चरण में बेरोजगारी, पलायन, गरीबी, कल-कारखाने बंदी के मुद्दे पर जिस तरह से लोगों ने बढ़-चढ़कर वोटिंग की है, उसके लिए वो आम जनमानस को नमन करते हैं.

उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनाव में नीतीश सरकार का भ्रष्टाचार भी एक बड़ा मुद्दा है, थाने से लेकर ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक घूसखोरी व्याप्त है.

बता दें कि पीएम मोदी ने बीते 28 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर की जनसभा को संबोधित करते हुए लालू परिवार पर हमला बोला था और तेजस्वी को ‘जंगलराज का युवराज’ करार दिया था.

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा था कि अगर वो फिर से सरकार में आ गए तो सरकारी नौकरी तो दूर प्राइवेट कंपनियां भी अपना दफ्तर छोड़कर बिहार से भाग जाएंगी क्योंकि उनके समर्थित गुंडे राज्य में अवैध वसूली शुरू कर देंगे.

राजद ने चुनाव प्रचार में तेजस्वी की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था को नाकाफी बताते हुए राजद नेता मनोज झा ने चुनाव आयोग से अपील की है कि विपक्ष के नेता की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए.

मनोज झा ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर बिहार निर्वाचन आयोग और केंद्रीय चुनाव आयोग से आग्रह किया कि तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए.

उन्होंने लिखा कि तेजस्वी यादव की रैलियों/सभाओं और बैठकों के अलावा हेलीपैड पर सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी है और ऐसे में असमाजिक तत्व परेशानी का सबब बने सकते हैं.

झा ने अपने ट्वीट के साथ 21 अक्टूबर को लिखा एक पत्र भी साझा किया जिसमें कहा गया है कि अब तक चुनाव प्रचार में यह नजर आया है कि बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद नहीं है.

वहीं, युवा राजद ने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो साझा किया है जिसमें लोग हेलीकाप्टर के एकदम करीब दिख रहे हैं. युवा राजद के ट्वीट में आरोप लगाया गया है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा के साथ जानबूझकर खिलवाड़ किया जा है.

नीतीश कुमार ने मोदी के नाम पर मांगा वोट

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के विकास कार्यों को रेखांकित किया और कहा कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन दोबारा सत्ता में आया तब मोदी बिहार को ‘विकसित राज्य’ बना देंगे.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक जनसभा. (फोटो साभार: फेसबुक/जदयू)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक जनसभा. (फोटो साभार: फेसबुक/जदयू)

नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और बिहार से जुड़ीं कई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के लिए उन्होंने जो किया है, उसे प्रदेश के लोग नहीं भूले हैं.

उन्होंने कहा, ‘इनकी (मोदी की) अपील को ध्यान से सुनें, अगर आप राजग को राज्य में काम करने का एक और मौका देते हैं तब आप निश्चिंत हो जाएं क्योंकि वे बिहार को एक विकसित राज्य में बदल देंगे. बिहार आगे बढ़ेगा.’

अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने पटना में मेट्रो परियोजना शुरू होने, स्मार्ट सिटी योजना और उज्जवला योजना सहित अन्य विकास परियोजनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की.

कुमार ने कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना की और इस संदर्भ में अप्रैल से नवंबर के बीच 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन योजना के तहत राशन दिए जाने का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘यह छोटी बात नहीं है.’

राजग ने बिहार चुनाव में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है.

पुलवारी में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, ‘हमने राज्य की महिलाओं के कहने पर शराबबंदी लागू की लेकिन कुछ लोग गड़बड़ी कर रहे हैं. आजकल मेरे खिलाफ कुछ लोग अभियान चला रहे हैं, उसके पीछे ये धंधेबाज लोग ही जिम्मेदार हैं.’

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों को आबादी के हिसाब से आरक्षण मिले, इसमें कोई दो राय नहीं है.

नीतीश कुमार ने पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम तो चाहेंगे कि जितनी आबादी है, उसके हिसाब से आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए. इसमें हम लोगों की कहीं से कोई दो राय नहीं है.’

उन्होंने कहा कि जहां तक संख्या का सवाल है, जनगणना होगी तब उसके बारे में निर्णय होगा. यह निर्णय हमारे हाथ में नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुझे वोट की चिंता नहीं रहती है. आपने पहले काम करने का मौका दिया तब काफी काम किया. फिर काम करने का मौका मिला तो फिर आपके बीच आएंगे, आपके साथ बैठेंगे और कोई समस्‍या शेष रह गई हो तो उसका समाधान करेंगे.’

बिहार चुनाव में हार तय देखकर भाजपा को याद आया पाकिस्तान: कांग्रेस

कांग्रेस ने एक पाकिस्तानी सांसद के बयान को लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा राहुल गांधी पर निशाना साधे जाने के बाद बृहस्पतिवार को उन पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार तय देखकर भाजपा को फिर से पाकिस्तान की याद आने लगी है.

गौरव वल्लभ. (फोटो साभार: फेसबुक)

गौरव वल्लभ. (फोटो साभार: फेसबुक)

पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने यह भी कहा कि नड्डा को पाकिस्तान के बजाय भारत के टेलीविजन चैनल देखने चाहिए.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘क्या भारतीय चैनल इतने खराब है कि भाजपा अध्यक्ष को पाकिस्तानी चैनल देखने पड़ते हैं. उन्हें भारत के चैनल देखने चाहिए. मैं उन्हें बार बार सलाह देना चाहता हूं कि वह पाकिस्तान की संसद के बजाय भारत की संसद पर ध्यान केंद्रित करें. क्या उन्हें पाकिस्तान में चुनाव लड़ना है?’

वल्लभ ने दावा किया, ‘चुनाव के समय भाजपा को पाकिस्तान की याद आती है. इस बार फिर से पाकिस्तान याद आया, क्योंकि बिहार के पहले चरण में महागठबंधन को 71 में से 55 से अधिक सीटें मिल रही हैं. भाजपा को पता है कि वे हार रही है.’

कांग्रेस नेता तंज कसते हुए कहा, ‘जब देश के लोग रोजगार, कोरोना, बाढ़ और अर्थव्यवस्था की बात करते हैं तो भाजपा के नेता पाकिस्तान के चैनल देखने लगते हैं. बिहार में ‘केपीके’ (कश्मीर, पाकिस्तान और कब्रिस्तान) का मॉडल नहीं चलेगा. बिहार में सुशासन का मॉडल चलेगा.’

उल्लेखनीय है कि नड्डा ने एक कथित वीडियो का हवाला देते हुए उन पर निशाना साधा जिसमें एक पाकिस्तानी सांसद कह रहे हैं कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को इस्लामाबाद ने इसलिए रिहा किया क्योंकि उसे भारत के हमले का डर सता रहा था.

नड्डा द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में पाकिस्तान के एक सांसद यह कहते सुने जा रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की उपस्थिति में हुई एक बैठक में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि अभिनंदन को रिहा नहीं किया गया तो हिन्दुस्तान नौ बजे रात को पाकिस्तान पर हमला कर रहा है.

भाजपा अध्यक्ष ने इस वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया किया, ‘कांग्रेस के युवराज ना तो हमारी सेना, ना हमारी सरकार और ना ही हमारे नागरिकों पर विश्वास करते हैं. उनके लिए उनके ‘सबसे विश्वसनीय देश’ पाकिस्तान की तरफ से पेश है. उम्मीद है कि अब उन्हें समझ आएगा.’

रोजगार का झुनझुना पकड़ा कर आंखों में धूल झोंक रहे: योगी आदित्यनाथ

बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वैशाली में चुनावी सभा के दौरान राजद पर जमकर हमला बोला.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘ये लोग आज फिर से रोजगार का झुनझुना पकड़ा कर जनता की आंखों में धूल झोंकना चाहते हैं. जैसे बिहार के युवाओं के उमंग ने कोरोना को पस्त किया है, ऐसे ही जातिवादी और वंशवादी ताकतों को बिहार के अंदर फिर से पस्त करना है.’

उन्होंने कहा, ‘आज से 15 वर्ष पहले बिहार के सामने अपनी पहचान को छुपाने की एक मजबूरी आ गई थी. राजद की सरकार ने बिहार के नौजवानों के लिए पहचान का संकट खड़ा कर दिया था. बिहार का नौजवान उस समय कहीं जाता था तो अपनी पहचान को छिपाने के लिए मजबूर हो जाता था. हमें ऐसा नेतृत्व नहीं चाहिए जो हमारी पहचान पर संकट खड़ा कर दे.’

योगी ने कहा कि एक तरफ विकास योजनाओं को लेकर कार्य करने वाली सरकारें हैं. और दूसरी तरफ जाति, क्षेत्र, भाषा और नरसंहार के नाम पर लड़ाने वाले हैं. हम लोग विकास की बात करते हैं. वे लोग जाति की बात करते हैं. हम लोग देश की बात करते हैं, वे लोग परिवार की बात करते हैं.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा के लिए पूरा देश ही परिवार है, हम समाज के उत्थान के लिए काम करेंगे. ये हमारा संकल्प है, लेकिन कांग्रेस और राजद के लिए अपना परिवार महत्वपूर्ण है. ऐसे लोग क्या प्रदेश का कल्याण कर पाएंगे?’

चुनाव का एजेंडा राजद-कांग्रेस तय कर रहे हैं: सचिन पायलट

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिहार में चुनाव का एजेंडा राजद-कांग्रेस तय कर रहे हैं और महागठबंधन के उठाए विषयों पर ही एनडीए प्रतिक्रया व्यक्त कर रहा है, जिनमें नौकरी का मुद्दा शामिल है.

New Delhi: Rajasthan Congress chief Sachin Pilot addresses a press conference, at AICC HQ in New Delhi, Monday, Oct 22, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI10_22_2018_000034B)

सचिन पायलट. (फोटो: पीटीआई)

सचिन पायलट ने संवाददाताओं से कहा, ‘बिहार में चुनाव का एजेंडा राजद-कांग्रेस तय कर रहे है और हमारी बातों का मजबूरी में भाजपा, जदयू को जवाब देना पड़ रहा है.’

उन्होंने कहा कि राजद ने जब कहा कि हम 10 लाख रोजगार देंगे तब तीन दिनों तक खूब मजाक उड़ाया गया और चौथे दिन उन्होंने (भाजपा) कहा कि हम 19 लाख रोजगार देंगे.

नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘अपनों का साथ छोड़ देना नीतीश कुमार के लिए कोई नई बात नहीं है. कुर्सी के लिए किसी भी हद तक जाने वाला व्यक्ति और दल बिहार का भला नहीं कर सकता है.’

उन्होंने दावा किया कि बिहार चुनाव में महागठबंधन की जीत ऐतिहासिक होगी और यह चुनाव परिणाम पूरे देश की राजनीति को प्रभावित करेगा.

पायलट ने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल, असम सहित अन्य क्षेत्रों में पांव पसारने का मंसूबा रखती है लेकिन बिहार के लोग राज्य में उसे मजबूती के साथ रोक देंगे.

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को बांटकर, भ्रमित करके, आक्रामक राजनीति और भय दिखाकर वोट तो लिए जा सकते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता की कसौटी पर खरा नहीं उतरा जा सकता है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘बिहार में सिद्धांतों से समझौता करने वाली राजनीति ज्यादा नहीं चलेगी. सुशासन का दावा करने वाली सरकार किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे पा रही है और न ही कोई पारदर्शिता है.’

उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के दौरान राजस्थान के कोटा में पढ़ने वाले बिहार के छात्रों की वापसी का प्रबंध करने के लिए राजस्थान की सरकार तैयार थी लेकिन बिहार सरकार ने ध्यान नहीं दिया.

पायलट ने आरोप लगाया कि कोरोना वायरस का संक्रमण पूरे देश में था, लेकिन सबसे खराब प्रबंधन बिहार में दिख रहा है.

मुंगेर कांड पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की एनडीए सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. सचिन पायलट ने कहा कि महागठबंधन की सभाओं में उत्साह दिख रहा है, जिससे बदलाव निश्चित है और दस नवंबर को एनडीए और नीतीश कुमार की विदाई भी तय है.

लोजपा के एनडीए से अलग होने के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एनडीए की आपस की खिचड़ी को कोई समझे या नहीं लेकिन प्रदेश की जनता इसे समझती है और वह अपना वोट बर्बाद नहीं करेगी.

उन्होंने सवाल किया कि यहां डबल इंजन की सरकार की बात की जाती है लेकिन पिछले पांच साल में कौन से क्रांतिकारी काम किए गए, यह बताएं.

महागठबंधन की जीत का दावा करते हुए पायलट ने कहा कि प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि जब सत्तारूढ़ गठबंधन को लगा कि नीतीश कुमार की साख कम हो रही है तब पोस्टरों से उनके चित्र गायब कर दिए गए.

महामारी के बीच ‘अपने भरोसे के दम’ पर चुनाव कराया: मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच बिहार विधानसभा चुनाव कराने से चुनाव आयोग को ‘हतोत्साहित’ किया गया था, लेकिन चुनाव आयोग का मानना था कि ‘अपने भरोसे के दम पर चुनाव कराना है, अंधेरे में छलांग नहीं लगानी है.’

(फोटो: द वायर)

(फोटो: द वायर)

पहले की परंपरा को तोड़ते हुए बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की समाप्ति पर बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में मुख्य चुनाव आयुक्त भी शामिल हुए. सामान्य तौर पर संबंधित उप-चुनाव आयुक्त ही संवाददाता सम्मेलन करते हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके साथी चुनाव आयुक्त लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव के कार्यक्रमों की घोषणा करते हैं.

अरोड़ा ने कहा, ‘एक तरह से मैं कहूंगा कि हमें (चुनाव आयोग को) हतोत्साहित किया गया कि महामारी के बीच चुनाव क्यों कराए जा रहे हैं, लेकिन आपको याद होगा कि मैंने 25 सितंबर (जब बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम घोषित किए गए थे) को कहा था कि चुनाव आयोग के लिए यह भरोसे की बात है, न कि अंधेरे में छलांग लगाना है.’

बहरहाल, उन्होंने यह नहीं कहा कि चुनाव आयोग को किसने हतोत्साहित किया था. कुछ विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से अपील की थी कि महामारी के कारण चुनाव स्थगित कर दिए जाएं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)