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उत्तर प्रदेशः पैसों को लेकर विवाद में दलित ग्राम प्रधान के पति को कथित तौर पर ज़िंदा जलाया

यह अमेठी के बंदुहिया गांव की घटना है, जहां आरोप है कि सवर्ण जाति के पांच-छह लोगों ने दलित ग्राम प्रधान के पति को अगवा कर मारपीट की और उन्हें ज़िंदा जला दिया. प्रधान के परिवार का कहना है कि आरोपी सरकारी धन उगाहने को लेकर धमकाया करते थे. पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया है.

Amethi

अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी के एक गांव में पैसों को लेकर हुए विवाद के बाद एक दलित युवक को जिंदा जलाने का मामला सामने आया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला अमेठी के बंदुहिया गांव का है. पीड़ित की पहचान अर्जुन कोरी के रूप में हुई है, जो गांव की दलित प्रधान के पति हैं.

ग्राम प्रधान छोटका का कहना है कि गांव के पांच से छह लोगों ने पैसों से जुड़े विवाद को लेकर पहले बर्बरता से उनके पति की पिटाई की और फिर उन्हें जिंदा जला दिया.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित को 90 फीसदी झुलसी हालत में गांव में सवर्ण जाति के एक शख्स के घर से बरामद किया गया लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

दलित प्रधान ने गांव के ही सवर्ण जाति के पांच लोगों पर पति को जिंदा जलाने का आरोप लगाया है. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

अयोध्या रेंज के पुलिस अधीक्षक सुनील गुप्ता का कहना है, ‘वास्तव में हुआ क्या था, इसका पता लगाना बाकी है. अभी यह स्पष्ट नहीं है क्या अर्जुन को सच में जिंदा जलाया गया या वह दुर्घटनावश झुलस गए थे.’

कहा जा रहा है कि गांव की प्रधान छोटा के पति अर्जुन गुरुवार शाम को लगभग साढ़े छह चाय पीने गांव के चौराहे पर गए थे, जहां से वह लापता हो गए.

प्रधान का आरोप है कि गांव के ही कृष्ण कुमार तिवारी और उनके चार साथी उन्हें अपने साथ ले गए और अपने घर के अहाते में जिंदा जला दिया.

उनका आरोप है कि प्रधान के पास सरकारी पैसा होता है इसलिए आरोपी धन उगाही की धमकी देते थे.

अमेठी के एसपी दिनेश सिंह ने कहा, ‘पुलिस को गुरुवार रात लगभग 12 बजे सूचना मिली कि गांव की प्रधान के पति झुलसी हालत में कृष्णा कुमार के अहाते में पड़े हैं. उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय पीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया. उन्हें शुक्रवार सुबह बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाया जा रहा था, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.’

मालूम हो कि पीड़ित के परिवार वालों ने पीड़ित का मोबाइल फोन में बयान दर्ज कर लिया था, जिसमें वह गांव के पांच लोगों क नाम ले रहे हैं.

अर्जुन के घर वालों ने जली हुई हालत में उनका बयान मोबाइल फ़ोन में रिकॉर्ड किया है, जिसमें वह उन्हें जलाने के लिए गांव के ही पांच लोगों का नाम ले रहे हैं. इन पांच लोगों के नाम केके तिवारी, आशुतोष, राजेश, रवि और संतोष हैं.

पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया.