राजनीति

गुजरात विधानसभा उपचुनाव में खड़े 18 प्रतिशत उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले: एडीआर

गुजरात विधानसभा की आठ सीटों के लिए तीन नवंबर को उपचुनाव होना है, जिसके नतीजे दस नवंबर को घोषित किए जाएंगे. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की एक रिपोर्ट  के मुताबिक, 80 उम्मीदवारों में से 20 करोड़पति हैं.

Jabalpur: A shopkeeper poses with political parties' campaign materials ahead of Lok Sabha elections 2019, in Jabalpur, Wednesday, March 13, 2019. (PTI Photo) (PTI3_13_2019_000028B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: गुजरात विधानसभा के लिए तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव में भाग ले रहे 80 प्रत्याशियों में से 18 प्रतिशत ने अपने विरुद्ध आपराधिक मामला होने का खुलासा किया है.

चुनावों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई.

रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्याशियों में से 20 या 25 प्रतिशत लोगों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति होने की घोषणा की है. हालांकि कुल 81 प्रत्याशी चुनाव में खड़े हैं लेकिन रिपोर्ट, 80 उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे पर आधारित है.

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीदवारों में से सात या नौ प्रतिशत ने अपने विरुद्ध गंभीर आपराधिक मामले होने का खुलासा किया है. कुल उम्मीदवारों में से 14 या 18 प्रतिशत के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज हैं.

गौरतलब है कि गंभीर आपराधिक मामलों में जमानत न मिलने का प्रावधान है और इनमें पांच साल से अधिक समय के लिए जेल हो सकती है.

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनजातीय पार्टी के दो में से एक, भाजपा के आठ में से तीन, कांग्रेस के आठ में से दो तथा 53 निर्दलीय उम्मीदवारों में से आठ ने हलफनामे में अपने विरुद्ध ‘आपराधिक मामला’ दर्ज होने की बात स्वीकार की है.

इसके अलावा भारतीय जनजातीय पार्टी के दो में से एक, भाजपा के आठ में से दो तथा 53 निर्दलीय उम्मीदवारों में से चार ने हलफनामे में अपने विरुद्ध ‘गंभीर आपराधिक मामले’ दर्ज होने का उल्लेख किया है.

रिपोर्ट में कहा गया, ‘उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का राजनीतिक दलों द्वारा प्रत्याशियों के चयन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. दलों ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लगभग 18 प्रतिशत प्रत्याशियों को चुनाव का टिकट दिया है.’

रिपोर्ट में कहा गया, ‘गुजरात उपचुनाव में भाग ले रही सभी प्रमुख पार्टियों ने 25 से 38 प्रतिशत ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जिन्होंने अपने विरुद्ध आपराधिक मामला होने की घोषणा की है.’

रिपोर्ट में उम्मीदवारों की वित्तीय पृष्ठभूमि का भी विवरण दिया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, ‘80 उम्मीदवारों में से 20 करोड़पति हैं. भाजपा के आठ में से आठ, कांग्रेस के आठ में से छह और 53 निर्दलीय प्रत्याशियों में से छह ने अपने पास एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का उल्लेख किया है.’

गुजरात विधानसभा की अब्दासा, लिम्बडी, मोरबी, धारी, गढडा, कर्जन, डांग और कापरड़ा सीटों के उपचुनाव होना है जिसके नतीजे दस नवंबर को घोषित किए जाएंगे.

बीते जून महीने में राज्यसभा चुनाव से पहले इन इलाकों के कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे.

बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने फरवरी में राजनीतिक दलों से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट देने के कारणों के बारे में पूछा था. साथ ही उसने यह भी पूछा था कि बिना आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट क्यों नहीं दिया जाता.

इससे पहले एडीआर के एक रिपोर्ट में बताया है कि मध्य प्रदेश उपचुनाव में कुल 355 उम्मीदवारों में से 63 उम्मीदवारों (18 प्रतिशत) ने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. 11 प्रतिशत यानी 39 उम्मीदवारों ने बताया था कि उनके खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं.

बिहार विधानसभा के पहले चरण में मैदान में उतरे 1,064 उम्मीदवारों में से 31 प्रतिशत ने हलफनामे में उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है.

रिपोर्ट के अनुसार, 23 प्रतिशत या 244 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है. करीब 328 या 31 प्रतिशत उम्मीदवारों ने उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है.

वहीं, दूसरे चरण के लिए मैदान में उतरे 1,463 उम्मीदवारों में से 34 प्रतिशत ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है. रिपोर्ट के अनुसार, कुल 502 उम्मीदवार अथवा 34 प्रतिशत प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)