नॉर्थ ईस्ट

असम-मिज़ोरम सीमा पर तनाव बरक़रार, मिज़ोरम ने सीमा से सुरक्षा बलों को हटाने से इनकार किया

बीते 17 अक्टूबर को असम के कछार ज़िले के लैलापुर गांव और मिज़ोरम के कोलासिब ज़िले के वैरेंगटे गांव के निवासियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इसके बाद से दोनों राज्यों के बीच तनाव बरक़रार है.

(फोटो साभार: ट्विटर/@MidageM)

(फोटो साभार: ट्विटर/@MidageM)

आइजोल: असम और मिजोरम में सीमा पर जारी गतिरोध के बीच मिजोरम के गृहमंत्री लालचामलियाना ने कहा कि उनकी सरकार हालात सामान्य होने तक असम से लगी सीमा से अपने सुरक्षा बलों को नहीं हटाएगी.

असम के कछार जिला प्रशासन के मिजोरम सरकार से सीमावर्ती इलाकों से अपने सुरक्षा बलों को हटाने के लिए कहने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को गृहमंत्री ने यह बयान दिया.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, असम और मिजोरम की सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 306 पर जारी नाकेबंदी को चार दिन हो गए हैं. केंद्र के हस्तक्षेप के बाद पूर्वोत्तर के इन दो राज्यों के बीच जारी तनाव को कम किए जाने की सहमति के बावजूद जारी गतिरोध से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बाधित हुई है.

असम के सीमावर्ती इलाके के लोग आवश्यक वस्तुओं को ले जा रहे ट्रकों को मिजोरम में प्रवेश करने नहीं दे रहे हैं. वे चाहते हैं कि मिजोरम सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को हटा ले. हालांकि मिजोरम ने इस बात से इनकार कर दिया है और असम सरकार पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया है.

मिजोरम के गृहमंत्री लालचामलियाना ने संवाददाताओं से कहा कि मिजोरम सरकार ने 1875 में बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन (बीईएफआर), 1873 के तहत अधिसूचित सीमांकन को मिजोरम और असम की वास्तविक सीमा के रूप में स्वीकार किया है.

उन्होंने कहा कि यह राज्य की एक ऐतिहासिक सीमा थी, जिसे मिजोरम के पूर्वजों के समय से स्वीकार किया गया है.

गृहमंत्री ने आरोप लगाया कि लैलापुर के कुछ स्थानीय निवासियों ने वहां राष्ट्रीय राजमार्ग 306 पर और मिजोरम के बैराबी गांव को असम के हाइलाकान्डि जिले और मिजोरम के मामित जिले में मेडिली को जोड़ने वाले राजमार्गों को बुधवार से जाम कर रखा है. इन्हें असम के अधिकारियों ने उकसाया है.

उन्होंने इस पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यह सीमा विवाद का मामला है और इसे सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘सीमाओं के दोनों ओर के लोगों को सद्भाव से रहना चाहिए, क्योंकि वर्तमान मुद्दा कोई सांप्रदायिक मुद्दा नहीं है, बल्कि सीमा को लेकर गतिरोध है, जो पूरी तरह से दोनों पड़ोसी राज्यों की सरकारों पर निर्भर है.’

लालचामलियाना ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो.

इस बीच, असम में कछार जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को ट्रक चालकों से मिजोरम की ओर बढ़ने की अपील की थी.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, असम के कछार जिले के सोनाई कस्बे के क्षेत्राधिकारी सुदीप नाथ ने बृहस्पतिवार को असम-मिजोरम अंतर राज्यीय सीमा के पास लैलापुर का दौरा किया था और स्थानीय निवासियों तथा ट्रक चालकों के साथ बातचीत की थी.

नाथ ने स्थानीय लोगों से राष्ट्रीय राजमार्ग से जाम हटाने और आवाजाही सामान्य करने की अपील भी की थी.

नार्थईस्ट नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रक ड्राइवरों ने नाथ को बताया कि वे मिजोरम में प्रवेश करने से डरते हैं, खासकर उस विस्फोट के बाद, जो हाल ही में अंतर-राज्य की सीमा पर एक स्कूल में हुआ था.

एनडीटीवी के अनुसार, असम सरकार ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि पर्यावरण और वन मंत्री परिमल शुक्लाबैद्य ने सीमा पर तनावग्रस्त इलाकों का दौरान किया. उन्होंने स्थानीय लोगों से चिंता नहीं करने की बात कहते हुए बताया कि सरकार तनाव को कम करने के लिए सभी प्रयास कर रही है.

वहीं, स्थानीय लोगों ने भी नाकाबंदी वापस लेने से इनकार कर दिया और स्पष्ट कर दिया कि वे तब तक ऐसा नहीं करेंगे, जब तक कि गतिरोध को समाप्त करने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता.

मिजोरम के सबसे बड़े नागरिक संगठन सेंट्रल यंग मिज़ो एसोसिएशन (सीवाईएमए) ने आरोप लगाया कि कछार के जिला उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने स्थानीय लोगों को नाकाबंदी करने के लिए उकसाया है. उसने अधिकारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की.

असम और मिजोरम के मुख्य सचिवों के बीच बैठक

इससे पहले असम के लैलापुर में स्थानीय लोगों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 306 पर मार्ग अवरुद्ध किए जाने के मुद्दे को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी.

केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई मिजोरम और असम के मुख्य सचिवों की एक ऑनलाइन बैठक में इस मामले पर चर्चा हुई.

भल्ला ने दोनों मुख्य सचिवों से आग्रह किया था कि वे अपने-अपने सीमावर्ती क्षेत्रों से सुरक्षा बल हटा लें ताकि आसपास के इलाके में शांति बहाल हो सके.

आइजोल से 130 किमी दूर वैरेंगटे में तैनात प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक कोई ट्रक मिजोरम में प्रवेश नहीं कर पाया है.

बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को असम के कछार ज़िले के लैलापुर गांव और मिज़ोरम के कोलासिब ज़िले के वैरेंगटे गांव के निवासियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. जिसमें चार लोग घायल हो गए थे और भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 20 अस्थायी झोपड़ियों और दुकानों को आग लगा दी थी.

मिजोरम के कोलासिब जिले का वैरेंगते गांव राज्य का उत्तरी हिस्सा है, जिससे गुजरता राष्ट्रीय राजमार्ग-306 असम को इस राज्य से जोड़ता है. वहीं, असम के कछार जिले का लैलापुर इसका सबसे करीबी गांव है. असम और मिजोरम 164.6 किलोमीटर सीमाक्षेत्र साझा करते हैं.

कोलासिब जिले के पुलिस उपायुक्त एच. लल्थलंगलियाना ने बताया था कि कुछ साल पहले असम और मिजोरम की सरकारों के बीच हुए समझौते के अनुसार, सीमा क्षेत्र स्थित नो मैंस लैंड में यथास्थिति बरकरार रहनी चाहिए. हालांकि लैलापुर गांव के लोगों ने इसके खिलाफ जाकर कथित तौर पर कुछ अस्थायी झोपड़ियां का निर्माण किया है. मिजोरम के लोगों ने इन झोपड़ियों में आग लगा दी.

हिंसा के बाद बीते 19 अक्टूबर को विश्वास बहाली के क्रम में दोनों राज्यों के अधिकारियों ने कछार जिले में आपस में बातचीत की थी. असम सरकार ने एक बयान में बताया था कि दोनों पक्षों ने अंतरराज्यीय सीमा पर शांति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है. केंद्र ने भी दोनों राज्यों की सरकारों से मिलकर सीमा विवाद को सुलझाने और शांति बहाल करने को कहा था. हालांकि इसके बावजूद दोनों राज्यों के बीच सीमा पर गतिरोध बना हुआ है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस महीने दोनों राज्यों के निवासियों के बीच यह दूसरा ऐसा विवाद है. नौ अक्टूबर को असम के करीमगंज और मिजोरम के मामित जिलों में भी ऐसी झड़प हुई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)