राजनीति

बिहार: मुंगेर गोलीकांड पर कांग्रेस ने नीतीश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की

बिहार विधानसभा चुनाव राउंडअप: उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने राजद पर हमला करते हुए कहा कि जंगलराज के युवराज बताएं कि चमकी बुखार, बाढ़ और लॉकडाउन में कितने ग़रीबों के साथ खड़े रहे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि बिहार स्वास्थ्य सेवा वेंटिलेटर पर है. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस और लालू यादव पर राम मंदिर मामले में बाधा डालने का आरोप लगाया.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar inaugurates schemes of Jal Jeevan Hariyali Abhiyan through video conferencing, in Patna, Monday, Aug. 10, 2020. (PTI Photo)(PTI10-08-2020 000133B)

नीतीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस के नेताओं ने शुक्रवार को राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात की और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मुंगेर में गोलीबारी के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे बर्खास्त करने की मांग की.

बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष मदन मोहन झा ने राजभवन में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को बर्खास्त करने की मांग की.

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ज्ञापन सौंपने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हम नीतीश कुमार सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हैं. हमने राज्यपाल को बताया कि मुंगेर की घटना जदयू-भाजपा सरकार के इशारे पर हुई.’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा-जदयू सरकार ने ही 26 अक्टूबर की रात प्रतिमा विसर्जन के दौरान देवी दुर्गा के निर्दोष श्रद्धालुओं पर गोलीबारी और लाठीचार्ज का आदेश दिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हो गए.’

सुरजेवाला ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंगेर के लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के स्थान पर घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को बचाने की कोशिश की.

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोनों अधिकारियों को इसलिए बचा रही है क्योंकि मुंगेर की पुलिस अधीक्षक जदयू के वरिष्ठ नेता (राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह) की बेटी हैं, जबकि जिलाधिकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी दोनों के करीबी हैं.

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि कि नीतीश और सुशील मोदी नृशंस और बर्बर गोलीबारी तथा लाठीचार्ज के ‘असली गुनहगार’ हैं, जिनकी सहमति से यह घटना हुई.

उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने मुंगेर में गोलीबारी में मारे गए व्यक्ति अनुराग कुमार के परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे तथा इस संबंध में दोषी अधिकारियों को निलंबित करने के बाद एफआईआर दर्ज करने की मांग की.

सुरजेवाला ने कहा कि अस्वस्थ होने के बावजूद राज्यपाल ने कांग्रेस नेताओं को गंभीरता से सुना और ‘आवश्यक कार्रवाई’ के लिए उन्हें आश्वस्त किया.

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सीआईएसएफ के सार्वजनिक हुए ईमेल में माना गया है कि पुलिस ने मुंगेर में गोलीबारी की.

ईमेल में सीआईएसएफ के डीआईजी ने बल के रांची के आईजी को लिखा है कि स्थानीय पुलिस ने पहले हवा में गोलियां चलाई और स्थिति के नियंत्रण से बाहर होने की आशंका में सीआईएसएफ के एक कॉन्स्टेबल ने आत्मरक्षा में हवा में 13 चक्र गोलियां चलाईं.

कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा, पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा समेत कई कांग्रेसी नेता शामिल थे.

नड्डा ने कांग्रेस, लालू पर राम मंदिर मामले में बाधा डालने का आरोप लगाया

सोनपुर: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को सोनपुर में एक चुनावी रैली में राम मंदिर का मुद्दा उठाते हुए राष्ट्रीय  जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद और कांग्रेस पर इसमें बाधा डालने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के दोबारा आने पर इस विषय की उच्चतम न्यायालय में प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई हुई और न्यायालय का फैसला आने के बाद अब अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में भव्य राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है.

नड्डा ने सोनपुर में लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा, ‘राम जन्मभूमि के लिए करोड़ों लोग लगे. लेकिन जब आडवाणी जी की राम रथयात्रा निकली थी, तो यहीं बिहार की धरती पर लालू यादव ने उस रामरथ को रोका था और यहीं के राम भक्तों ने उस यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था.’

भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर भी प्रहार करते हुए कहा कि राम मंदिर के मामले में एक पक्ष के वकील कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय में इस मामले को लटकाने का प्रयास किया.

उन्होंने कहा, ‘देश के सभी लोग चाहते थे कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बने. कांग्रेस ने इसे लटकाने, अटकाने और भटकाने का काम किया.’

बिहार में विपक्षी महागठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय जनता दल अराजकता वाली पार्टी है. भाकपा-माले समाज में विध्वंस फैलाती है. कांग्रेस पार्टी देश विरोधी है. यह है बिहार में महागठबंधन. यह महागठबंधन बिहार में विकास नहीं कर सकता.’

बिहार स्वास्थ्य सेवा वेंटिलेटर पर, बड़ी संख्या में पद रिक्त: सुरजेवाला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को ‘आईसीयू’ में पहुंचाया और ‘वेंटिलेटर’ पर डाल दिया है और काफी संख्या में चिकित्सकों और नर्सों के पद रिक्त हैं.

New Delhi: Congress spokesperson Randeep Singh Surjewala addresses a press conference over the alleged vandalization of Ishwar Chandra Vidyasagar’s statue during clashes between BJP and TMC workers, in New Delhi, Thursday, May 16, 2019. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI5_16_2019_000023B)

रणदीप सिंह सुरजेवाला. (फोटो: पीटीआई)

सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘बिहार में 60 प्रतिशत डॉक्टरों और 71 प्रतिशत नर्सों की कमी है. विधानसभा चुनाव के बाद महागठबंधन सरकार सत्ता में आई तब विशेष अभियान चलाकर रिक्त पदों को भरा जाएगा और भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा.’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य के सभी सूचकांकों में बिहार और उत्तर प्रदेश देश में आखिरी पायदान पर हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड महामारी के दौरान बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का यह हाल रहा कि नालंदा मेडिकल कॉलेज में शवों के साथ कोविड मरीजों को रखा जा रहा था.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को सिलसिलेवार ढंग से देखें तब स्पष्ट होगा कि कैसे नीतीश कुमार-सुशील मोदी ने बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को ‘आईसीयू’ में पहुंचाया और ‘वेंटिलेटर’पर डाल दिया.

जंगलराज के युवराज बताएं कि लॉकडाउन में कितने गरीबों के साथ खड़े रहे: सुशील मोदी

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जंगलराज के युवराज अपने माता-पिता के भयावह शासनकाल के बारे में बात नहीं करना चाहते, लेकिन कम से कम वे यह तो बताएं कि विपक्ष के नेता की हैसियत से चमकी बुखार, बाढ़ और लॉकडाउन के समय वे कितने गरीब परिवारों के साथ खड़े हुए?

सुशील मोदी ने अपने ट्वीट के माध्यम से तेजस्वी यादव से छह सवाल पूछे और उन पर ढपोरशंखी वादे करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, ‘जंगलराज के युवराज यदि अपने माता-पिता के भयावह जंगलराज पर बात नहीं करना चाहते, तो कम से कम यही बता दें कि विधायक, मंत्री और विपक्ष के नेता की हैसियत से वे चमकी बुखार, बाढ़ और लॉकडाउन के समय कितने गरीब परिवारों के साथ खड़े हुए?’

सुशील मोदी ने कहा कि उस समय युवराज (तेजस्वी) ने 1000 बसें चलाने का झूठा वादा क्यों किया था और एक मजदूर को भी घर पहुँचाने का खर्च क्यों नहीं उठाया?

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 1 करोड़ 40 लाख राशनकार्डधारक गरीबों के खाते में 1-1 हजार रुपये डाले.

पहले चरण की किसी सीट पर दोबारा मतदान की सिफारिश नहीं

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 28 अक्टूबर को जिन 71 सीटों पर मतदान हुआ था, उनमें से किसी भी सीट पर पर्यवेक्षकों ने फिर से मतदान कराने की सिफारिश नहीं की है. चुनाव आयोग के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एचआर श्रीनिवास ने निर्वाचन अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अपनी रिपोर्ट में यह कहा है कि किसी भी सीट पर पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘सामान्य पर्यवेक्षकों ने उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों की उपस्थिति में सभी 71 सीटों पर चुनाव के बाद जांच की और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि राज्य के 16 जिलों के 71 निर्वाचन क्षेत्रों में सभी 31,371 मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से और वैधानिक निर्देशों के अनुसार संपन्न हुई है.’

चुनाव के पहले चरण में कुल 55.69 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

बता दें कि बिहार 243 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव तीन चरणों होना है. पहले चरण की 71 सीटों पर बीते 28 अक्टूबर मतदान हो चुका है. दूसरे चरण की 94 सीटों पर 3 नवंबर और तीसरे चरण की 78 सीटों पर 7 नवंबर मतदान होना अभी बाकी है. मतगणना 10 नवंबर को होगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)