नॉर्थ ईस्ट

नॉर्थ ईस्ट डायरी: उत्तर पूर्व के राज्यों में अंतर्राष्ट्रीय रोमिंग पर लगी पाबंदी हटी

इस हफ़्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में नगालैंड, त्रिपुरा, असम, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख समाचार.

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(फोटो साभार: ट्विटर)

गुवाहाटी: व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने असम के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों से अंतर्राष्ट्रीय रोमिंग पर लगी रोक हटा ली है.

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक असम के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा यहां जारी बयान में बताया गया कि यह सूचना संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को एक पत्र के माध्यम से दी गई.

इस सूचना में लाइसेंसधारी मोबाइल सेवा प्रदाताओं को भी निर्देशित किया गया है कि वह इस सुविधा को विदेशी ग्राहकों को मुहैया कराएं.

इस रोक को हटाने की मांग सोनोवाल ने केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा से बीते मार्च के महीने में की थी. मुख्यमंत्री ने बताया था कि पूर्वोत्तर में आने वाले पर्यटक और व्यापारी दोनों को ही अंतर्राष्ट्रीय रोमिंग पर रोक से काफी असुविधा होती है.

इसी के चलते विदेशी पर्यटक पूर्वोत्तर के राज्य का दौरा करने से कतराते हैं जिसका असर विदेशी निवेश पर भी पड़ता है.

केंद्र सरकार के अंतर्राष्ट्रीय रोमिंग पर लगी रोक को हटाने के कदम का असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने स्वागत करते हुए यह उम्मीद जताई है कि इससे राज्य सरकार की विकास को प्रोत्साहन मिलेगा.

मिज़ोरम: बीएसएफ के दो जवानों पर बलात्कार का आरोप

आइजोल: मिज़ोरम में भारत बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो जवानों पर एक स्थानीय महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है.

राज्य के मामित ज़िले के सिलसुरी गांव की महिला चकमा आदिवासी समुदाय की है. पुलिस को दिए अपने बयान में उन्होंने है कहा कि बांस लेने के लिए वह एक अन्य महिला के साथ जंगल में गई हुई थीं जब सिलसुरी आउटपोस्ट पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने उनसे कथित तौर पर बलात्कार किया.

यह घटना 16 जुलाई की है. घटना के बाद महिला किसी तरह अपने गांव गई और गांववालों को घटना की जानकारी दी, जबकि उनके साथ गई दूसरी महिला के बारे में उस दिन कुछ भी पता नहीं चल सका.

पांच दिन के बाद उस महिला की पास के जंगल से बेहद खराब हालत लाश मिली. अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि मौत से पहले उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ है या नहीं.

स्थानीय मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, बलात्कार की शिकार महिला ने बताया कि जब उन्होंने जवानों का विरोध किया तो दोनों ने उनके चेहरे एक कपड़े से तेजाब लगा दिया था इससे उनकी आंखें जख़्मी हो गई थी.

स्थानीय पुलिस ने कहा कि वह मामले की जांच जारी है.

अरुणाचल प्रदेश: चीनी सीमा तक दूरी घटाने के लिए सुरंग बनाई जाएगी

ईटानगर: सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) अरुणाचल प्रदेश में 4170 मीटर ऊंचे सेला दर्रा से गुज़रने वाली दो सुरंगों का निर्माण करेगा जिससे तवांग से होकर चीन की सीमा तक की दूरी 10 किलोमीटर तक कम हो जाएगी.

24 जुलाई को जारी विज्ञप्ति में बीआरओ की ओर से कहा गया, इन सुरंगों से तेज़पुर में सेना के 4 कॉर्प के मुख्यालय और तवांग के बीच यात्रा के समय में कम से कम एक घंटे की कमी आएगी. इससे बड़ी बात यह है कि इन सुरंगों से यह सुनिश्चित होगा कि एनएच 13 और ख़ासतौर से बोमडिला तथा तवांग के बीच 171 किलोमीटर लंबे रास्ते में हर मौसम में आवागमन हो सकें.

सुरंगों का निर्माण पूर्वी हिमालय में राज्य के दुर्गम स्थलों से गुज़रते हुए तिब्बत के अग्रिम इलाकों तक जल्दी पहुंचने की भारत की कवायद का हिस्सा है.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसमें सेला-छबरेला रिज़ के ज़रिये 475 मीटर और 1790 मीटर लंबी दो सुरंगों को नूरांग की ओर मौजूदा बालीपरा-चौदुर-तवांग रोड से जोड़ने की योजना है. इस निर्माण को मंजूरी दे दी गई है.

अरुणाचल प्रदेश में कलाक्तांग और असम में ओरांग के ज़रिये भूटान सीमा पर एक छोटी सड़क है लेकिन उसका ज़्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाता.

विज्ञप्ति में कहा गया है, सेला सुरंग से तवांग में पर्यटन की संभावनाएं उभरेंगी और ज़्यादा पर्यटक आकर्षित करने से तवांग पूर्वोत्तर में सबसे मशहूर स्थल बनेगा.

वेस्ट कमेंग के उपायुक्त सोनल स्वरूप ने बोमडिला ज़िला मुख्यालय से सूचित किया कि ज़मीन अधिग्रहण के लिए सर्वेक्षण मानसून के बाद शुरू किया जाएगा.

भारत की सीमाओं पर सड़कों का ज़िम्मा संभालने वाले बीआरओ ने प्रस्तावित सुरंगों की तकनीकी जानकारियां प्राप्त कर ली है. सर्दी में जब भारी हिमपात के कारण सड़कों से संपर्क टूट जाता है तो ऐसे में ये सुरंगें भारतीय सेना के लिए वरदान साबित होंगी.

असम: केंद्रीय टीम ने कहा, बाढ़ से बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है

Guwahati: School girls travel cross a flooded area by boat at Rajbari village on the ourskirts of Guwahati on Saturday. PTI Photo(PTI7_1_2017_000154B)

(फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: असम में बाढ़ की वजह से हुई क्षति का आकलन कर रही एक अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने इस तबाही को बड़े पैमाने पर हुई क्षति क़रार दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर सात सदस्यों वाली एक टीम ने राज्य में बाढ़ की वजह से हुई क्षति का घटनास्थल पर जाकर आकलन किया.

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव शशांक शेखर के नेतृत्व में टीम ने बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से मुलाकात की और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति से अवगत कराया.

शेखर ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने निजी तौर पर बाढ़ प्रभावित लोगों की क्षति, परेशानी और विस्थापन देखा है और ऐसा पाया है कि बड़े पैमाने पर क्षति हुई है.

असम में अधिकतर नदियां ख़तरे के निशान से नीचे बह रही हैं और राज्य में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 79 हो गई है.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने अपनी रिपोर्ट में 25 जुलाई को बताया कि नौ ज़िलों में आई बाढ़ से अब भी 23,118 की आबादी प्रभावित है. लगभग 4,716 लोग 19 राहत शिविरों में रह रहे हैं.

इसके बाद आई रिपोर्ट में कहा गया है असम के छह ज़िले अब भी चपेट में हैं. अब भी विभिन्न राहत शिविरों में दो हज़ार से ज़्यादा लोग हैं.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव ने 5000 किलोमीटर लंबे तटबंधों को मज़बूत करने, सड़क संपर्क में सुधार और राज्य की बाढ़ और अपरदन की समस्या का स्थायी हल निकालने की ज़रूरत को रेखांकित किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में आई बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एक अगस्त को राज्य का दौरा करेंगे जहां सैलाब से 79 लोगों की मौत हुई है.

प्रधानमंत्री मोदी एक अगस्त को असम की यात्रा करके हाल में आई बाढ़ से संबंधित मामलों की समीक्षा करेंगे.

राजभवन ने कहा कि असम के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अपनी एक महीने की तनख्वाह मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है.

मणिपुर: कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा में शामिल होने की अफवाहों को ख़ारिज किया

इम्फाल: मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष टीएन हाओकिप ने भाजपा में शामिल होने की अफवाहों को खारिज कर दिया है.

पिछले हफ्ते हाओकिप का चेहरा इम्फाल में एक दीवार पर लगाए गए पोस्टर में दिखा. इससे सोशल मीडिया पर तत्काल अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह भगवा पार्टी में शामिल हो रहे हैं.

नाराज हाओकिप ने अफवाहों को ख़ारिज करने के लिये 23 जुलाई को संवाददाता सम्मेलन बुलाया और कहा कि वह पुलिस के साइबर अपराध विभाग से संपर्क करेंगे और ज़रूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.

उन्होंने कहा, मेरी निजी सत्यनिष्ठा बिकाऊ नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक वह सक्रिय राजनीति में हैं, वह कांग्रेस में रहेंगे.

उन्होंने कहा कि उनकी छवि को धूमिल करने के लिये एक बड़ी साज़िश चल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई अन्य कांग्रेस नेताओं को उनके प्रतिद्वंद्वी निशाना बना रहे हैं.

त्रिपुरा: बांग्लादेश को नए जलमार्गों के साथ जोड़ा जाएगा

अगरतला: केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बीते 21 जुलाई को कहा कि भारत और बांग्लादेश पहले से ही नए जलमार्ग के माध्यम से पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश के साथ जोड़ने के लिए समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुके हैं.

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाज रानी राज्य मंत्री ने 21 जुलाई की रात यहां संवाददाताओं को बताया, नए जलमार्ग जहाजों द्वारा लोगों और वस्तुओं को लाने ले जाने में मददगार होंगे. बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल की प्रमुख नदियों और असम में ब्रह्मपुत्र के ज़रिये नए जलमार्ग बनाए जाएंगे. इसके लिए नदियों में निकर्षण की आवश्यकता पड़ेगी और संबंधित देश अपनी नदियों में इस कार्य को करेंगे.

उन्होंने बताया कि नई परियोजना पर इस वर्ष काम शुरू हो जाएगा और दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही में वृद्धि हो सकेगी.

दोनों देशों की 4095 किलोमीटर लंबी सीमा में 1116 किलोमीटर का हिस्सा नदी से होकर गुजरता है.

रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री का भी पदभार संभालने वाले मंडाविया ने 21 जुलाई को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार और राज्यपाल तथागत रॉय से मुलाकात की और गरीब लोगों तक गुणवाापूर्ण दवाइयां पहुंचाने के लक्ष्य से लाई गई प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के कार्यान्वयन पर चर्चा की.

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार पूर्वोत्तर का देश के बाकी हिस्सों से संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से इन क्षेत्रों में अधिक बुनियादी ढांचे और संस्थानों का निर्माण कर लुक ईस्ट एक्ट ईस्ट की नीति को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है.

नगालैंड: जेलिआंग ने किया कैबिनेट विस्तार, एक मंत्री और शामिल

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नगालैंड के मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग. (फोटो: पीटीआई)

कोहिमा: नगालैंड के नव-नियुक्त मुख्यमंत्री टीआर जेलिआंग ने 24 जुलाई को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए उसमें और एक मंत्री को शामिल किया.

राज्यपाल पीबी आचार्य ने एनपीएफ सदस्य ईई पांगतीआंग को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में जेलिआंग, विधानसभा के अध्यक्ष इमतिवपांग अइर और वरिष्ठ नौकरशाह मौजूद थे.

मुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट में और 11 मंत्री हैं. ये मंत्री जी. काइतो आये, इमकॉन्ग एल. इमचेन, तोखेहो येपथोमी, वाई. पट्टोन, किपिलि सांगतम, नेईकिसालेई निक्की किरे, केजॉन्ग चांग, नेइबा क्रोनु, ईई पांगतीआंग, इमतीलेम्बा सांगतम और महोनलुमो किकोन.

इनमें से नौ मंत्री नगा पीपल्स फ्रंट (एनपीएफ) के हैं जबकि दो भाजपा के हैं. जेलिआंग ने 19 जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

नगालैंड: उत्तरी अंगामी विधानसभा सीट लिए उपचुनाव हुआ

कोहिमा: नगालैंड में कोहिमा ज़िले के उत्तरी अंगामी-एक विधानसभा सीट पर शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उपचुनाव हुआ. नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री शुरहोजेली लिजित्सू इस सीट पर एनपीएफ के टिकट से अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं.

इस सीट पर कुल मतदाता 16,235 हैं जिनमें से 7697 पुरुष और 8538 महिलाएं हैं. मतदान के लिए कुल 25 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. उत्तरी अंगामी सीट के लिए लिजित्सू और उनके एकमात्र प्रतिद्वंद्वी स्वतंत्र उम्मीदवार केकेरी होम के बीच सीधी टक्कर है.

उल्लेखनीय है कि मौजूदा विधायक ख्रीएउ लिजित्सू ने पिछले 24 मई को इस्तीफा दे दिया था, ताकि उनके पिता शुरहोजेली लिजित्सू राज्य विधानसभा के नियमित सदस्य निर्वाचित हो सकें. ख्रीएउ के इस्तीफे के बाद यहां चुनाव कराना आवश्यक हो गया था.

मेघालय: बांग्लादेश की सीमा से 276 मवेशियों को बीएसएफ ने कब्ज़े में लिया

शिलॉन्ग: बीएसएफ ने पिछले इस हफ्ते में मेघालय स्थित भारत-बांग्लादेश की सीमा रेखा के निकट से 276 मवेशियों को अपने कब्ज़े में ले लिया.

23 जुलाई को बीएसएफ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, बीएसएफ ने पिछले पांच दिन में भारत से तस्करी के ज़रिये बांग्लादेश ले जाये जाने के क्रम में 276 मवेशियों को अपने कब्ज़े में ले लिया और 49 लाख रुपये से अधिक मूल्य का निषिद्ध सामान जब्त कर लिया.

हालांकि किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है क्योंकि तस्कर जंगलों की तरफ भाग गए. बयान में कहा गया है कि तस्करों ने मवेशियों की सीमा पर ले जाने के लिए बाड़ काट दिया था या बिना बाड़ वाले इलाकों का इस्तेमाल किया.

असम: एसएसबी की पहली बचाव और राहत टीम बनी

गुवाहाटी: गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने आपदा के दौरान स्थानीय लोगों को तुरंत मदद प्रदान करने के लिए रविवार को पहली सशस्त्र सीमा बल राहत और बचाव टीम का शुभारंभ किया.

उन्होंने कहा कि असम में एसएसबी के 18 सेक्टरों में इसके मौजूदा कार्यबल से बनाई गई नई टीम आधुनिक उपकरणों से लैस है. लोगों को सहायता प्रदान करने के साथ आपदा से निपटने के लिए यह अन्य पक्षों तथा संगठनों को मदद मुहैया कराएगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)