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बॉम्बे हाईकोर्ट ने टीवी टुडे नेटवर्क पर जुर्माना लगाने के बार्क के आदेश को रद्द किया

दर्शकों की संख्या में असामान्य वृद्धि दिखने के बाद ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ने टीवी टुडे नेटवर्क लिमिडेट को 27 अप्रैल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. टीवी टुडे नेटवर्क का जवाब असंतोषजनक पाने के बाद काउंसिल ने उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया था.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाने के ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के आदेश को रद्द कर दिया है.

इंडिया टुडे की मिल्कियत रखने वाले टीवी टुडे पर यह जुर्माना दर्शकों की संख्या में कथित हेरफेर के लिए लगाया था.

जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस मिलिंद जाधव की एक खंडपीठ ने पांच नवंबर को बार्क की अनुशासनात्मक परिषद की ओर से 31 जुलाई 2020 को पारित आदेश को रद्द कर दिया.

इससे पहले बार्क के वकील ने अदालत को सूचित किया था कि बार्क नेटवर्क कंपनी को फिर से सुनने के लिए तैयार है.

याचिकाकर्ता के वकील वीरेंद्र तुलजापुरकर ने दलील दी कि जब आदेश जारी किया गया था, तब बार्क की अनुशासनात्मक परिषद में पर्याप्त संख्या में लोग मौजूद नहीं थे.

बार्क की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील गोपाल जैन ने अदालत को बताया कि दर्शक संख्या में हेरफेर के निवारण के लिए अब नई आचार संहिता है और बार्क की अनुशासनात्मक परिषद याचिकाकर्ता को फिर से सुनने को तैयार है.

याचिकाकर्ता ने भी फिर से सुनवाई के लिए अनुशासनात्मक परिषद के समक्ष पेश होने की इच्छा व्यक्त की.

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस सहमति के बाद बार्क के आदेश को खारिज करते हुए इस याचिका का निपटान किया जाता है. याचिकाकर्ता अनुशासनात्मक परिषद के समक्ष दी गई तारीख को पेश होगा.

अदालत ने पिछले महीने नेटवर्क कंपनी को निर्देश दिया था कि अगर वह चाहती है कि याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक बार्क उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे, तो वह अदालत की रजिस्ट्री में जुर्माने की रकम जमा कराए.

अदालत ने पांच नवंबर को कहा कि याचिकाकर्ता को अदालत की रजिस्ट्री में जमा कराए गए पांच लाख रुपये निकालने की इजाजत दे दी गई है.

टीवी टुडे नेटवर्क ने बार्क की अनुशासनात्मक परिषद के 31 जुलाई 2020 के आदेश को चुनौती दी है.

बार्क की मेजरमेंट साइंस टीम द्वारा उपलब्ध आंकड़ों में दर्शकों की संख्या में असामान्य वृद्धि दिखने के बाद याचिकाकर्ता को 27 अप्रैल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.

इसके बाद टीवी टुडे नेटवर्क का जवाब असंतोषजनक पाने के बाद बार्क ने उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया था.