दुनिया

कोरोना वायरस: कुल मामले 86 लाख के पार, मरीज़ों के ठीक होने की दर बढ़कर 92.79 प्रतिशत हुई

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 8,636,011 हो गए हैं और मृतक संख्या 127,571 हो गई. विश्व में संक्रमण के 5.14 करोड़ से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 12.72 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

Kolkata: A security personnel wearing PPE kit checks ticket of a visitor at the Indian Museum that was reopened as per guidelines of the Unlock 6.0, in Kolkata, Tuesday, Nov. 10, 2020. (PTI Photo/Ashok Bhaumik)(PTI10-11-2020 000076B)

कोलकाता स्थित इंडियन म्यूजियम को लॉकडाउन के बाद फिर से खोल दिया गया है. इस दौरान एक युवती का टिकट चेक करता सुरक्षाकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 के मामले बुधवार को 86 लाख के पार चले गए, वहीं 8,013,783 लाख लोगों के संक्रमण मुक्त होने के बाद देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 92.79 प्रतिशत हो गई.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे में 44,281 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 8,636,011 हो गए. वहीं 512 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 127,571 हो गई.

देश में इलाज करा रहे लोगों यानी सक्रिय मामलों की संख्या अब पांच लाख से कम है. अभी कुल 494,657 लोगों का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 5.73 प्रतिशत है.

आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 से मृत्यु दर 1.48 प्रतिशत है.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, 10 नवम्बर तक कुल 120,769,151 नमूनों की कोविड-19 की जांच की गई, जिनमें से 1,153,294 नमूनों का परीक्षण मंगलवार को ही किया गया.

भारत में कोविड-19 के कुल मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख के पार, 11 अक्टूबर को 70 लाख के पार और 29 अक्टूबर को 80 लाख के पार हो गए.

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है. वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे.  मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख होने में 12 दिन लगे थे. 60 से 70 लाख होने में इसे 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख होने में 19 दिन लगे.

देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे.

वायरस के मामले और मौतें

बीते 24 घंटे या एक दिन में संक्रमण के नए मामलों की बात करें तो बीते 10 नवंबर को 38,073, नौ नवंबर को 45,903, आठ नवंबर को 45,674, सात नवंबर को 50,356, छह नवंबर को 47,638, पांच नवंबर को 50,210, चार नवंबर को 46,253, तीन नवंबर को 38,310, दो नवंबर को 45,231, एक नवंबर को 46,963, नए मामले सामने आए.

अक्टूबर महीने की बात करें तो इस महीने की एक तारीख को अधिकतम 86,821 और 28 अक्टूबर को न्यूनतम 43,893 मामले 24 घंटे के दौरान सामने आए थे.

सात सितंबर को 90,802 और 30 सितंबर को 80,472 नए मामले दर्ज किए गए थे. सात से 30 सितंबर के बीच नए मामलों की संख्या घटती बढ़ती रही. इस अवधि में 22 सितंबर को 75,083 (न्यूनतम) और 17 सितंबर को 97,894 (अधिकतम) मामले दर्ज किए गए थे, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा भी है.

छह सितंबर को संक्रमण के नए मामले पहली बार 90 हजार (90,632) के पार हो गए थे. 28 अगस्त को पहली बार 70 हजार (75,760) के पार, सात अगस्त को पहली बार 60 हजार (62,538) के पार, 30 जुलाई को पहली बार 50 हजार के पार हो गए थे.

इसी तरह 20 जुलाई को यह पहली बार 40 हजार के पार, 16 जुलाई को पहली बार 30 हजार के पार, 10 जुलाई को पहली बार 25 हजार (26,506) के पार, तीन जुलाई को पहली बार 20 हजार के पार, 21 जून को पहली बार 15 हजार के पार और 20 जून को संक्रमण के नए मामलों की संख्या पहली बार 14 हजार के पार हुई थी.

एक दिन या 24 घंटे के दौरान मरने वालों संख्या की बात करें तो बीते 10 नवंबर को 448, नौ नवंबर को 490, आठ नवंबर को 559, सात नवंबर को 577, छह नवंबर 670, पांच नवंबर को 704, चार नवंबर को 514, तीन नवंबर को 490, दो नवंबर को 496, एक नवंबर को 470 थी.

अक्टूबर महीने में 24 घंटे में मरने वालों की अधिकतम संख्या 1 अक्टूबर को 1,181 थी और न्यूनतम संख्या 27 और 26 अक्टूबर को 480 480 रही.

सितंबर महीने में एक दिन में मरने वालों की बात करें तो एक सितंबर को इनकी संख्या 819 और 29 सितंबर को न्यूनतम 776 थी. इन दो तारीखों के अलावा पूरे महीने हर दिन मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक रही है. 16 सितंबर को 1290 लोगों की जान गई, जो एक दिन में मरने वालों का सर्वाधिक आंकड़ा है.

10 अगस्त से 31 अगस्त तक बीते 24 घंटे या एक दिन में मरने वालों की संख्या 1007 से अधिकतम 1,092 (19 अगस्त का आंकड़ा) के बीच रही. 24 जुलाई से नौ अगस्त के बीच एक दिन या 24 घंटे में मौत का आंकड़ा 700 से लेकर 933 (आठ अगस्त का आंकड़ा) के बीच रहा है. एक जुलाई से 23 जुलाई के बीच यह आंकड़ा 507 से 1,129 के बीच रहा.

11 जून से 30 जून के बीच मरने वालों की संख्या 300 से 500 के अंदर रही है. 22 जून को एक दिन में मरने वालों की संख्या पहली बार 400 से अधिक रही थी. और 11 जून को पहली बार मरने वालों की संख्या 300 के आंकड़े को पार कर गई थी.

दुनियाभर में मामले 5.14 करोड़ से ज़्यादा, 12.72 लाख से अधिक लोगों की मौत

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 51,456,775 हो गए हैं और अब तक 1,272,094 लोगों की जान जा चुकी है.

दुनियाभर में कोरोना से अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित देश है. यहां संक्रमण के अब तक 10,252,129 मामले सामने आए हैं, जबकि मरने वालों की संख्या 239,671 हो चुकी है.

भारत संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित दूसरा देश है. भारत के बाद तीसरे सर्वाधिक प्रभावित देश ब्राजील में संक्रमण के अब तक 5,699,005 मामले मिले हैं और 162,802 लोग दम तोड़ चुके हैं.

ब्राजील के बाद चौथे सर्वाधिक प्रभावित देश फ्रांस में संक्रमण के 1,857,309 मामले मिले हैं और 41,062 लोगों की जान जा चुकी है.

फ्रांस के बाद पांचवें सर्वाधिक प्रभावित रूस में संक्रमण के 1,802,762 मामले आए हैं, जबकि 30,899 मरीजों की मौत दर्ज की जा चुकी है.

फ्रांस के बाद छठे प्रभावित देश स्पेन में संक्रमण के 1,381,218 मामले (बुधवार तक) हैं और 39,345 लोगों ने जान गंवा दी है. स्पेन के बाद सातवें सर्वाधिक प्रभावित देश अर्जेंटीना में संक्रमण के 1,262,446 मामले सामने आए हैं और 34,183 मौतें हुई हैं.

अर्जेंटीना के बाद आठवें सर्वाधिक प्रभावित देश ब्रिटेन में संक्रमण के 1,237,198 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि 49,861 मौतें हुई हैं. ब्रिटेन के बाद नौवें प्रभावित देश कोलंबिया में संक्रमण के 1,155,356 मामले सामने आए हैं और 33,128 मौतें हुई हैं.

कोलंबिया के बाद मैक्सिको को पछाड़कर इटली 10वां सर्वाधिक प्रभावित देश बन गया है. यहां संक्रमण के 995,463 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 42,330 लोगों की यह महामारी जान ले चुकी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)