राजनीति

उपचुनाव: ओडिशा की दोनों सीटें बीजद के नाम, तेलंगाना में भाजपा और हरियाणा में कांग्रेस की जीत

ओडिशा के बालासोर सीट सत्तारूढ़ बीजद ने मंगलवार को भाजपा से छीन ली और तिरतोल सीट बचाने में भी कायमाब रही. तेलंगाना की दुब्बाक सीट पर सत्तारूढ़ टीआरएस को झटका, भाजपा ने दर्ज की जीत. हरियाणा की बरोदा सीट में कांग्रेस उम्मीदवार इंदु राज नरवाल ने भाजपा के योगेश्वर दत्त को हराया.

Bhubaneswar: BJD workers celebrate the party candidates victory on Balasore Sadar and Tirtol seats during the Odisha bypolls, at party office in Bhubaneswar, Tuesday, Nov. 10, 2020. (PTI Photo)(PTI10-11-2020 000220B)

ओडिशा के बालासोर और तिरतोल सीट पर जीत दर्ज करने के बाद भुवनेश्वर में बीजद कार्यकर्ता. (फोटो: पीटीआई)

भुवनेश्वर/हैदराबाद/चंडीगढ़: बिहार विधानसभा चुनाव के इतर देश के 11 राज्यों की 58 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी मंगलवार को चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए.

ओडिशा की दोनों विधानसभा सीटों पर सत्तारूढ़ दल बीजद ने जीत दर्ज की. तेलंगाना की एक सीट पर भाजपा और हरियाणा की एक सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस विजयी रहे.

ओडिशा की बालासोर एवं तिरतोल विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को उपचुनाव कराए गए थे. उपचुनाव में सत्ताधारी दल बीजद ने मंगलवार को बालासोर विधानसभा सीट भाजपा से छीन ली और तिरतोल सीट बचाने में भी कामयाब हो गई.

उपचुनाव के नतीजे सामने आने के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों को कोविड-19 के बीच मतदान करने के लिए धन्यवाद दिया.

बालसोर में बीजद उम्मीदवार स्वरूप कुमार दास ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भाजपा के प्रत्याशी मानस कुमार दत्ता को 13,351 मतों से पराजित किया.

मुख्य चुनाव अधिकारी एसके लोहानी ने कहा कि दास को 84,097 मत मिले और दत्ता को 70,746 मत प्राप्त हुए.

कांग्रेस की उम्मीदवार ममता कुंडू बालासोर में 4,983 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं.

जगतसिंहपुर जिले के तिरतोल विधानसभा क्षेत्र में बीजद के विजय शंकर दास ने भाजपा के प्रत्याशी राजकिशोर बेहरा को 41,703 मतों के अंतर से पराजित किया.

लोहानी ने कहा कि दास को 88,310 और बेहरा को 46,607 मत मिले. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के उम्मीदवार हिमांशु भूषण मलिक को 28,778 मत प्राप्त हुए.

तेलंगाना: दुब्बाक सीट पर सत्तारूढ़ टीआरएस को झटका, भाजपा की जीत

तेलंगाना में भाजपा के एम. रघुनंदन राव ने दुब्बाक विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सत्तारूढ़ टीआरएस के उम्मीदवार को 1,079 मतों के अंतर से हराया.

एम. रघुनंदन राव. (फोटो साभार: ट्विटर)

एम. रघुनंदन राव. (फोटो साभार: ट्विटर)

सिद्दीपेट की जिलाधिकारी भारती होल्लिकेरी ने कहा, ‘भाजपा उम्मीदवार 1079 मतों के अंतर से विजयी हुए.’

करीबी मुकाबले में राव को 63,352 वोट मिले, जबकि टीआरएस उम्मीदवार सोलीपेटा सुजाता ने 62,273 मत हासिल किए. इस विधानसभा क्षेत्र में तीन नवंबर को मतदान हुआ था. कांग्रेस के चेरूकु श्रीनिवास रेड्डी को 22,196 वोट मिले.

मतगणना के दौरान भाजपा और टीआरएस उम्मीदवार मतों की संख्या के हिसाब से आगे-पीछे होते रहे और अंत में भगवा पार्टी की जीत हुई.

टीआरएस के विधायक सोलीपेटा रामालिंगा रेड्डी का अगस्त में निधन होने की वजह से यह उपचुनाव कराया गया. टीआरएस ने इस सीट से रामालिंगा रेड्डी की पत्नी सुजाता को प्रत्याशी बनाया था.

कांग्रेस ने चेरुकु श्रीनिवास रेड्डी को मैदान में उतारा था. भाजपा प्रत्याशी एम. रघुनंदन राव और श्रीनिवास इससे पहले टीआरएस से जुड़े हुए थे. इस सीट पर कुल 23 उम्मीदवार थे और तीन नवंबर को हुए उपचुनाव में यहां 82 प्रतिशत मतदान हुआ था.

जीत से खुश प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद बी. संजय कुमार ने दुब्बाक में जीत के लिए मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया.

उन्होंने कहा कि टीआरएस के नेताओं को याद रखना चाहिए कि गोलकुंडा किला (राज्य में सत्ता में आने के लिए) में भगवा झंडा फहराने तक भाजपा की विजय यात्रा जारी रहेगी. दुब्बाक का परिणाम मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और उनके ‘दंभी, भ्रष्ट और निरंकुश’ शासन के खिलाफ है.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के लोग भाजपा की जीत का स्वागत कर रहे हैं.

टीआरएस की हार पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने कहा कि वे परिणाम की समीक्षा करेंगे कि पार्टी की हार क्यों हुई.

मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे रामा राव ने पार्टी को वोट देने वाले 62,000 से ज्यादा लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी शुक्रिया कहा. उन्होंने कहा, ‘इस परिणाम की उम्मीद नहीं थी.’

टीआरएस की हार से सरकार पर बहुत फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि तेलंगाना में 119 सदस्यीय विधानसभा में 100 सीटों के साथ पार्टी को बहुमत प्राप्त है. बहरहाल, दुब्बाक में जीत से विधानसभा में भाजपा की ताकत बढ़ेगी.

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में दुब्बाक सीट पर टीआरएस को 54.36 प्रतिशत वोट मिले थे. कांग्रेस 16.31 प्रतिशत मत के साथ दूसरे नंबर थी, जबकि भाजपा के रघुनंदन राव 13.75 प्रतिशत वोट के साथ तीसरे स्थान पर थे.

हरियाणा: बरोदा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा के योगेश्वर दत्त को हराया

हरियाणा की बरोदा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार इंदु राज नरवाल ने मंगलवार को जीत हासिल की. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भाजपा उम्मीदवार योगेश्वर दत्त को 10,566 मतों के अंतर से पराजित किया.

यह दूसरी बार है जब ओलंपियन पहलवान दत्त को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा है.

कांग्रेस उम्मीदवार कृष्णा हुड्डा ने 2019 के विधानसभा चुनाव में दत्त को लगभग 4,800 मतों से हराया था.

हुड्डा के निधन के कारण बरोदा विधानसभा सीट अप्रैल में रिक्त हो गई थी. हुड्डा ने तीन बार 2009, 2014 और 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी.

अधिकारियों के अनुसार, नरवाल को 60,636 मत प्राप्त हुए जबकि दत्त को 50,070 वोट मिले.

इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) के उम्मीदवार जोगिंदर सिंह मलिक को 5,003 जबकि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के उम्मीदवार राज कुमार सैनी को 5,601 मत मिले.

चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार, 468 मतदाताओं ने उपचुनाव में नोटा का विकल्प चुना.

आंकड़े के अनुसार, इस उपचुनाव में कांग्रेस का मत प्रतिशत 49.28 जबकि सत्तारूढ़ भाजपा का 40.70 प्रतिशत और आईएनएलडी का 4.07 प्रतिशत रहा.

योगेश्वर दत्त ने जनता के फैसले को स्वीकार किया और उनका समर्थन करने वालों को धन्यवाद दिया. उन्होंने जीत के लिए नरवाल को बधाई भी दी. उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं बरोदा निर्वाचन क्षेत्र के फैसले को स्वीकार करता हूं.’

हरियाणा कांग्रेस प्रमुख कुमारी सैलजा ने कहा कि बरोदा के लोगों ने किसान विरोधी और श्रमिक विरोधी ताकतों को करारा जवाब दिया है.

सैलजा ने ट्वीट किया, ‘इंदु राज नरवाल की जीत किसानों और श्रमिकों की जीत है. मैं बरोदा के निवासियों को विश्वास दिलाती हूं कि कांग्रेस उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेगी.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)