नॉर्थ ईस्ट

फेसबुक ने भाजपा नेता के पोस्ट से ‘ग़लत जानकारी’ की चेतावनी हटाई, कहा- नेताओं को फैक्ट-चेक से छूट

भाजपा नेता और असम सरकार में मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो पर लगाए गए ‘ग़लत जानकारी’ की चेतावनी को फेसबुक ने हटा लिया है, जबकि असम पुलिस ने उसी वीडियो के आधार पर समूहों के बीच में दुश्मनी को बढ़ावा देने को एक मामला दर्ज किया है.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

नई दिल्ली: असम सरकार में मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो पर लगाई गई ‘गलत जानकारी’ की चेतावनी को फेसबुक ने हटा लिया है, जबकि असम पुलिस ने उसी वीडियो के आधार पर समूहों के बीच में दुश्मनी को बढ़ावा देने को एक मामला दर्ज किया है. इस वीडियो पोस्ट में सरमा ने लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल के समर्थकों पर पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने का आरोप लगाया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले फेसबुक ने यूजर्स को उस वीडियो को शेयर करने से रोकने के लिए उस पर ‘गलत जानकारी’ का टैग लगाया था.

फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा कि राजनेताओं को उसके थर्ड पार्टी फैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम से छूट दी गई है और सरमा के पोस्ट पर ‘गलत जानकारी’ की चेतावनी गलती से लग गई थी.

फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम झूठी खबरों और अन्य वायरल गलत सूचनाओं जैसे मीम्स या फोटो और वीडियो को फैसले से रोकने में मदद करने के लिए थर्ड पार्टी फैक्ट-चेकर्स पर भरोसा करते हैं. फेसबुक हमारे थर्ड पार्टी फैक्ट-चेकिंग से राजनेताओं को छूट देता है. इस पोस्ट पर गलती से एक फैक्ट-चेकिंग चेतावनी लागू की गई थी और उसे हटा दिया गया था.’

बता दें कि बीते छह नवंबर को सरमा ने एक वीडियो पोस्ट किया था और उसके साथ लिखा था, ‘इन कट्टरपंथी राष्ट्रविरोधी लोगों के पागलपन को देखिए, जो सांसद बदरुद्दीन अजमल का स्वागत करते हुए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं. यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को पूरी तरह से उजागर करता है जो गठबंधन बनाकर ऐसी ताकतों को प्रोत्साहित कर रही है.’

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरमा ने दावा किया कि यह घटना सिलचर एयरपोर्ट पर हुई.

ऑल्ट न्यूज और बूम जैसे फैक्ट-चेकिंग प्लेटफॉर्म्स द्वारा दावे के झूठा होने के बारे में रिपोर्ट किए जाने के बाद फेसबुक ने वीडियो पर ‘गलत जानकारी’ होने की चेतावनी लगा दी जिसमें लिखा था, ‘गलत जानकारी’. स्वतंत्र फैक्ट-चेकर्स द्वारा जांच की गई.

सोमवार को सरमा ने ट्वीट कर कहा कि वीडियो असली था और उसके साथ छेड़छाड़ नहीं हुई थी. उन्होंने लिखा, ‘वीडियो को रिस्टोर किया जाना अच्छा है.’

इस बीच राज्य में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरमा के खिलाफ गुवाहाटी में सोमवार को एक एफआईआर दर्ज करवाई और दावा किया कि मंत्री ने भ्रामक बयान और झूठी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से दो समुदायों के बीच धार्मिक तनाव पैदा करने के इरादे से सोशल मीडिया पर टिप्पणी पोस्ट की थी.

बीते मंगलवार को पुलिस से साफ किया कि भनगागढ़ पुलिस स्टेशन में कांग्रेस की शिकायत के आधार पर सरमा के खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच कथित तौर पर गलत बयान देकर दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए मामला दर्ज किया गया है.

आईपीसी की धारा 153A (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और 511 (आजीवन कारावास या अन्य कारावास की सजा के साथ अपराध करने का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

एक पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘इन धाराओं को आईटी एक्ट की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण) के साथ पढ़ा जाएगा.’

सांसद बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने कहा कि उसके समर्थकों ने अजीज खान जिंदाबाद का नारा लगाया था जो कि करीमगंज साउथ विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के विधायक हैं और वहां मौजूद थे.

अजमल ने भी मीडिया से कहा, ‘अजीज खान के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए. भाजपा और हिमंता बिस्वा सरमा ने इसमें हेरफेर किया और कहा कि पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया गया था.’

बता दें कि एआईयूडीएफ और कांग्रेस ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले असम विधानसभा चुनाव में एक साथ उतरने के संकेत दिए हैं.