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कोविड-19: अहमदाबाद में आज रात से सोमवार सुबह तक कर्फ्यू, फ़िर अनिश्चितकालीन रात्रि कर्फ्यू लागू

दिवाली के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने पर गुजरात के अहमदाबाद में कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया है. कर्फ्यू के दौरान सिर्फ़ दूध बेचने वाली दुकानें और दवाओं की दुकानें ही खुली रहेंगी.

कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए गुजरात के अहमदाबाद शहर में छिड़काव करते कर्मचारी. (फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए गुजरात के अहमदाबाद शहर में छिड़काव करते कर्मचारी. (फोटो: रॉयटर्स)

अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए शुक्रवार से रात का कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है.

आदेश के अनुसार 20 नवंबर की रात नौ बजे से 23 नवंबर सुबह छह बजे तक पूरी तरह से कर्फ्यू लागू रहेगा. उसके बाद 23 नवंबर से रात का कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा.

अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने यह जानकारी दी है.

उन्हें गुजरात सरकार ने विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किया है और उनका काम अहमदाबाद नगर पालिका के कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी कामकाज की निगरानी करना है.

उन्होंने कहा कि यहां कुछ दिनों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिसके कारण निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस संक्रमण के मरीजों के बेड तेजी से भर रहे हैं और शहर में अस्पतालों में केवल 400 बेड ही खाली बचे हैं. उन्होंने बताया कि शहर में सरकारी अस्पतालों में करीब 2,600 बेड खाली हैं.

कर्फ्यू के तहत सिर्फ दूध बेचने वाली दुकानें और दवाओं की दुकानें ही खुली रहेंगी. दरअसल दिवाली के बाद कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी की वजह से रात में कर्फ्यू जारी रहेगा.

अतिरिक्त मुख्य सचिव गुप्ता ने कहा, कोरोना की स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह फैसला किया गया कि अहमदाबाद में शुक्रवार (20 नवंबर) रात नौ बजे से सोमवार (23 नवंबर) सुबह छह बजे तक पूरी तरह से कर्फ्यू लगाया जाएगा. इस दौरान सिर्फ दूध और दवाओं की दुकानों को खुला रखने की मंजूरी होगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. गुरुवार दोपहर को हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और अहमदाबाद नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे. उसी दिन शाम को इस स्थिति की एक बार और समीक्षा की गई. गुप्ता ने बाद में ट्वीट कर कहा कि सोमवार (23 नवंबर) सुबह छह बजे कर्फ्यू पूरी तरह से हटाए जाने के बाद सोमवार रात से ही शहर में अनिश्चितकालीन रात्रि कर्फ्यू लगाया जाएगा.

इस बीच गुजरात सरकार ने 23 नवंबर से स्कूलों और कॉलेजों को दोबारा खोलने का फैसला किया है. शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ास्मा ने कहा, ‘हमने फिलहाल 23 नवंबर से स्कूल और कॉलेज दोबारा खोलने का फैसला किया है.’

अहमदाबाद में गुरुवार सुबह तक कोरोना के कुल 2,845 मामले थे. इनमें से अधिकतर मामले शहर के पश्चिमी हिस्से से थे. सबसे अधिक मामले उत्तर पश्चिम क्षेत्र में 377, उसके बाद दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में 352, पश्चिम क्षेत्र में 446 और मध्य क्षेत्र में 274 रहे.

अतिरिक्त मुख्य सचिव गुप्ता ने वीडियो संदेश में कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ने से मामले बढ़े हैं.

यह भी फैसला लिया गया कि अहमदाबाद के सरकारी और निजी अस्पतालों में मौजूदा क्षमता की तुलना में 1,300 और कोविड बेड की व्यवस्था करने का फैसला लिया गया है, जिसके बाद शहर के कोविड केयर में बेड की कुल संख्या बढ़कर 8,800 हो जाएगी. इनमें से सरकारी अस्पतालों को अतिरिक्त 900 और निजी अस्पतालों को 400 बेड मिलेंगे.