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गुजरातः धोखाधड़ी मामले में गिरफ़्तार भाजपा नेता 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

गुजरात के सूरत ज़िले से भाजपा के उपाध्यक्ष पीवीएस शर्मा को अख़बार के सर्कुलेशन के ग़लत आंकड़े पेश कर सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों से विज्ञापन लेने के लिए आरोप में बीते 21 नवंबर को गिरफ़्तार किया था.

पीवीएस शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक)

पीवीएस शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक)

सूरतः धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किए गए गुजरात में सूरत जिले के भाजपा उपाध्यक्ष पीवीएस शर्मा को सोमवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत पुलिस ने शर्मा को अखबार के सर्कुलेशन के गलत आंकड़े पेश कर कथित तौर पर सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों से विज्ञापन लेने के लिए बीते 21 नवंबर को गिरफ्तार किया था.

शर्मा पूर्व आयकर अधिकारी हैं. उन्होंने कुछ साल पहले स्वैच्छिक रूप से आयकर विभाग से सेवानिवृत्ति ले ली थी.

सूरत के आयकर विभाग के उपनिदेशक डॉ. केडी ममैया ने शर्मा और उनके पार्टनर सीताराम अडुकिया के खिलाफ उमरा पुलिस थाने में 14 नवंबर को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी.

शिकायत के आधार पर उमरा पुलिस ने सीताराम अडुकिया और संकेत मीडिया प्रा. लि. के प्रबंधक मुख्तार बेग को गिरफ्तार किया था. उन्हें 19 नवंबर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. आरोपियों ने कथित तौर पर सरकारी एजेंसियों और निजी विज्ञापन एजेंसियों से 2.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है.

शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद उन्होंने कथित तौर पर 16 नवंबर को नवसारी जिले में सतम गांव में अपने दोस्त के घर पर आत्महत्या करने की कोशिश की थी.

इसके बाद उन्हें सूरत लाया गया और इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

उनके ठीक होने के बाद उन्हें 21 नवंबर को उमरा पुलिस ने गिरफ्तार किया और उन्हें 21 नवंबर को सूरत की अदालत के समक्ष पेश किया गया.

उन्हें उमरा पुलिस थाने में सोमवार तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था. इसके बाद उन्हें सोमवार दोपहर दोबारा अदालत के समक्ष पेश किया गया और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

उमरा पुलिस इंस्पेक्टर केबी जाला का कहना है, ‘हमने शर्मा से और भी जानकारियां इकट्ठा की हैं और जांच कर रहे हैं कि क्या इस मामले में और भी लोग शामिल थे.’