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छत्तीसगढ़ में डेढ़ वर्ष में 111 किसानों ने की आत्महत्या

सरकार ने विधानसभा में बताया कि 2016 और 2017 में 30 जून तक छत्तीसगढ़ में 111 किसानों ने आत्महत्या की है.

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फोटो: पीटीआई

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने जानकारी दी है कि पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य में 111 किसानों ने आत्महत्या की है. विधानसभा में मंगलवार को कांग्रेस के विधायक मोहन मरकाम के सवाल के लिखित जवाब में राज्य के राजस्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने बताया कि वर्ष 2016 और वर्ष 2017 में 30 जून तक राज्य में 111 किसानों ने आत्महत्या की है.

मंत्री पांडेय ने बताया कि इस दौरान राज्य के बलौदाबाजार में 51 किसानों ने, कबीरधाम जिले में 22 किसानों ने, दुर्ग जिले में 13 किसानों ने, बेमेतरा में नौ किसानों तथा राजनांदगांव जिले में छह किसानों ने आत्महत्या की है.

राज्य के रायपुर और कांकेर जिले में दो दो किसानों ने तथा महासमुंद जिले में तीन किसानों ने आत्महत्या की है, जबकि धमतरी, बालोद और रायगढ़ जिले में एक एक किसान ने आत्महत्या की है.

मंत्री ने बताया कि पारिवारिक विवाद, अत्यधिक शराब पीने, बीमारी से त्रस्त और अग्यात कारणों से किसानों ने आत्महत्या की है.

उन्होंने बताया कि आत्महत्या करने वाले छह किसानों के परिजनों को विभिन्न मदों के तहत आर्थिक सहायता दी गई है.

बीते महीनों में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में किसानों ने किसान आत्महत्याओं को लेकर प्रदर्शन किए हैं.

किसानों की मांग है कि उन पर लगातार बढ़ते कर्ज का सरकारें उपाय करें. उनकी फसलों का उचित मूल्य मिले. किसानों पर लदे कर्ज माफ किए जाएं. किसानों की फसलों का बीमा हो और सिंचाई, बीज आदि की सुविधाएं को सुगम बनाया जाए.

देश भर के किसान संगठनों ने मिलकर जगह जगह प्रदर्शन किए और यात्रा निकाली है. तमिलनाडु के किसान अभी भी जंतर मंतर पर सौ दिवसीय प्रदर्शन कर रहे हैं.