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गाय मानवता की मां, गाय का मांस ज़हर, गोबर से बनाए जा सकते हैं बंकर: इंद्रेश कुमार

कथित गोरक्षकों का तांडव अब भी जारी, मध्य प्रदेश में चार युवकों को बेरहमी से पीटा.

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आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने गाय के मांस को जहर करार दिया और दावा किया कि इसके मूत्र से कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है तथा गोबर को बंकर बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है.

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी हिदायत के बाद भी स्वयंभू गोरक्षकों का आतंक जारी है. मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के एक गांव में कथित गोरक्षकों ने गो-तस्कर समझकर चार युवकों की कथित रूप से बुरी तरह से पिटाई की.

चंडीगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने बुधवार को गाय को मानवता की मां करार दिया और कहा कि इसके दूध और गोबर के काफी लाभ हैं तथा इन्हें विभिन्न कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है.

इंद्रेश ने दावा किया, विश्व की 90 प्रतिशत आबादी गाय के दूध पर निर्भर है और इसीलिए यह मानवता की मां कही जाती है. गाय जहरीली चीजों को अपने पास ही रखती है और हमें दूध तथा गोबर देती है.

उन्होंने कहा, गोबर को बंकर बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. आम आदमी इसे मकान बनाने के लिए सीमेंट के रूप में भी इस्तेमाल करता है. इसके मूत्र में औषधीय तत्व होते हैं जो कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज में काम आते हैं.

आरएसएस नेता ने कहा कि गाय का मांस जहर है और किसी भी धर्म में गोवध की अनुमति नहीं है. उन्होंने कहा, यदि कोई कहता है कि वह जहर यानी गाय का मांस खाएगा तो हम उसके लिए प्रार्थना कर सकते हैं कि उसे सही समझ आए.

वह यहां फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सिक्योरिटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे. यह पूछे जाने पर कि क्या वह लोगों से गोमांस नहीं खाने को कह रहे हैं, उन्होंने कहा कि वह सच्चाई बता रहे हैं. यूं तो तंबाकू को भी जहर कहा जाता है लेकिन लोग वह भी खाते हैं.

युवकों की पिटाई का वीडियो वायरल

दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के डुलारिया गांव में स्वयंभू गोरक्षकों ने गोवंश का तस्कर समझकर चार युवकों की कथित रूप से लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी.

यह घटना पिछले सप्ताह घटी और गोरक्षकों द्वारा इन युवकों की पिटाई का वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों पक्षों के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को मामला दर्ज कर लिया है.

डुलारिया गांव जिला मुख्यालय बैतूल से करीब 110 किलोमीटर दूर कालापानी कहे जाने वाले भीमपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले मोहदा थाना क्षेत्र में आता है.

युवकों से उठक-बैठक लगवाई

पिटाई के दौरान इन युवकों से उठक-बैठक भी लगवाई गई. अनुविभागीय अधिकारी पुलिस भैसदेही प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया, जिन लोगों की पिटाई की गई है, वे मध्य प्रदेश के हरदा जिले के रहटगांव निवासी हैं और उनके नाम सुरेश मीणा, समीर, रूप सिंह और अफजल खान हैं. इन्हें पिछले शुक्रवार को गोवंश तस्करी के शक में गांव के गोरक्षकों ने तब पकड़ा, जब ये चारों गांव के करीब नदी में नहा रहे थे.

उन्होंने कहा कि इसी बीच, गांव के परसु आदिवासी के घर 18 जानवर बंधे पाए गए थे. जिन्हें ग्रामीणों ने इन युवकों के तस्करी कर लाने का शक जताते हुए इनकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया.

जिनकी पिटाई हुई, उन्हीं को जेल भेजा

ठाकुर ने बताया कि बाद में पुलिस ने इन चारों के खिलाफ गो-तस्करी का मामला दर्ज किया और गो-तस्करी के आरोप में इन्हें जेल भेज दिया गया है.

उन्होंने कहा कि वहीं, पिटाई के आरोप में डुलारिया गांव के चौकीदार की रिपोर्ट पर दामजीपुरा निवासी श्याम, मानक और सुंदर परते सहित अन्य लोगों के खिलाफ भादंवि की धारा 341, 147, 294, 323 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)