भारत

मुख्यमंत्री को धमकी देने के आरोप में 15 वर्षीय बच्चे को यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया

उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले का मामला. पुलिस ने कहा है कि नाबालिग को लखनऊ में एक जुवेनाइल होम में रखा गया है. नाबालिग पर डायल 112 हेल्पलाइन नंबर पर वॉट्सऐप के ज़रिये धमकी भरा संदेश भेजने का आरोप है.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: बीते 22 नवंबर को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के एक गांव से लखनऊ पुलिस ने एक 15 वर्षीय बच्चे को कथित तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कहा, ‘लड़के ने प्रदेश के डायल 112 हेल्पलाइन नंबर पर वॉट्सऐप के माध्यम से यह धमकी दी थी.’

इसके बाद डायल 112 में तैनात पुलिसकर्मी अनुज कुमार ने कथित आपराधिक धमकी के मामले में लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई थी.

उत्तर प्रदेश की सर्विलांस टीम और साइबल सेल ने कथित आपराधिक धमकी देने वाले नंबर का पता लगाया. 24 घंटे के अंदर पुलिस ने 15 वर्षीय लड़के के आगरा से होने की जानकारी मिल गई.

इसके बाद लखनऊ से एक दो सदस्यीय टीम को उसे पकड़ने के लिए भेजा गया इसके एक दिन बाद लखनऊ में उसे एक जुवेनाइल बोर्ड के सामने पेश किया गया.

पुलिस ने कहा है कि नाबालिग को लखनऊ में एक जुवेनाइल होम में रखा गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग के गिरफ्तार होने से पहले मामले से पूरी तरह से अंजान परिवार ने कहा कि वह अक्सर शांत रहता है और अपना अधिकतर समय खेलने खासकर वॉलीबॉल खेलने में बिताता है.

परिवार ने कहा कि वह कक्षा 10 में पढ़ता है और एक अच्छा छात्र है. वह स्कूल में बहस प्रतियोगियों में भी अच्छा करता है.

नाबालिग की दादी ने कहा, ‘वह बेहद कम उम्र का है और मुश्किल से ही उसने बाहर की दुनिया देखी है. हमें नहीं पता है कि क्यों और किन परिस्थतियों में उसने मैसेज भेजा. गांव का कोई भी व्यक्ति इस बात की पुष्टि कर सकता है कि वह कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता है. संभव है कि उसने खींजवश या मजाक में मैसेज भेज दिया हो. हम यह तभी जान पाएंगे जब हम उससे बात करेंगे, लेकिन जिस तरीके से उसे (पुलिस द्वारा) ले जाया गया ऐसा लगा जैसे कि वह कोई अपराधी हो.’

नाबालिग के परिवार ने कहा कि उसे उम्मीद थी कि एक दिन स्पोर्ट्स कोटे के तहत उसे सरकारी नौकरी मिलेगी और शायद वह राज्य या देश के लिए वॉलीबॉल खेल पाएगा.

नाबालिग के बड़े भाई ने कहा, ‘कक्षा 10 के एक बच्चे को राज्य के दुश्मन की तरह पेश किया जा रहा है. हो सकता है उसे काउंसिलिंग की जरूरत हो या सिर्फ यह बताने की कि क्या सही है और क्या गलत.’

परिवार ने कहा कि जुवेनाइल होम ले जाए जाने के बाद नाबालिग ने परिवार से फोन पर बात की. उसने बताया कि उसका स्वास्थ्य ठीक है और वह वापस घर आना चाहता है.

सुशांत सिंह गोल्फ सिटी के एसएचओ सचिन कुमार सिंह ने कहा, ‘मैसेज में मुख्यमंत्री का नाम होने और आधिकारिक नंबर पर भेजे जाने के कारण पुलिसकर्मी द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई. प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि नाबालिग धमकी नहीं देना चाहता था. मामले में आगे की जांच लंबित है.’