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उत्तर प्रदेश: बैंककर्मियों की कुर्की की कथित धमकी से परेशान किसान ने नहर में जान दी

मामला एटा ज़िले का है. मृतक किसान के भाई ने आरोप लगाया कि बैंककर्मियों ने घर आकर कुर्की की धमकी दी थी. किसान ने चार लाख रुपये का क़र्ज़ लिया था. बांदा जिले में भी एक किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है. उन पर ढाई लाख रुपये का क़र्ज़ था.

(फोटो सभार:Indiarailinfo.com)

(फोटो सभार: Indiarailinfo.com)

एटा/बांदा: उत्तर प्रदेश के एटा जिले के थाना निधौली कला क्षेत्र में कथित तौर पर बैंक कर्मचारियों द्वारा संपत्ति कुर्क करने की धमकी से परेशान एक किसान ने नहर में कूदकर जान दे दी. वहीं, बांदा जिले में एक किसान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है.

एटा जिले की  पुलिस के अनुसार शुक्रवार को किसान का शव नहर के किनारे बरामद किया गया है.

मिली जानकारी के अनुसार, थाना निधौली कला क्षेत्र के ग्राम धुल्ला निवासी 45 वर्षीय किसान सुरेश ने बैंक से लगभग 4 लाख रुपये का कर्ज कुछ वर्षों पहले लिया था, किंतु लगातार फसलों के नष्ट हो जाने के कारण वह कर्ज अदा नहीं कर सके थे.

मृतक किसान के भाई जगदीश ने आरोप लगाया, ‘मेरे भाई सुरेश पर स्टेट बैंक पिलुआ का चार-पांच लाख कर्ज था, लगातार फसलें अच्छी न हो पाने के कारण वह कर्ज की किश्‍त बैंक में जमा नहीं कर पा रहा था. इस कारण बीते दिन बैंककर्मी मेरे भाई के घर पहुंचे और उसे धमकाया कि तुमने तीन दिन में अगर पैसा जमा नहीं किया तो हम तुम्हारे घर की कुर्की कराके तुम्हें बेघर कर देंगे.’

अमर उजाला के मुताबिक भाई जगदीश ने बताया कि

छह माह पूर्व बेटी की शादी करने और लॉकडाउन लगने की वजह से वह बाहर मजदूरी करने नहीं जा पाए थे. इसके चलते कर्ज चुकता नहीं हो पाया था. कर्ज जमा कराने के लिए बैंक अधिकारी काफी दिन से दबाव बना रहे थे.

उन्होंने आरोप लगाया है कि 30 नवंबर को बैंक कर्मचारियों ने एक गाड़ी में आकर मुनादी कराई थी. कर्मचारियों की ओर से भाई को पकड़ने का प्रयास किया गया. उसके बाद बैंक का कर्ज जमा करने में असमर्थ भाई घर से लापता हो गए थे और फिर उनकी लाश मिली.

जगदीश के अनुसार, ‘बैंक कर्मियों की धमकी से मेरा भाई सदमे में आ गया और उसने नहर में कूद कर जान दे दी.’

निधौली कला के प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि मृतक सुरेश कुमार पर बैंक का कर्ज था, जिसको लेकर वह काफी दिनों से परेशान थे. बैंककर्मियों के कर्ज के रुपये जमा करने को दबाव बनाने के बाद से ही बीते तीन दिनों से घर से गायब थे और आज (शुक्रवार) उसका शव नहर किनारे पड़ा मिला है.

बैंककर्मियों से बात करने के प्रयास के बाद भी वार्ता नहीं हो सकी है. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है.

बांदा में किसान ने पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र के बरई मानपुर (शेरपुर) गांव में एक किसान ने खेत में लगे पेड़ से लटककर कथित रूप से आत्महत्या कर ली.

55 वर्षीय किसान चुनबद्दी आवारा मवेशियों से फसल की रखवाली के लिए खेत में ही रात गुजारा करते थे.

गिरवां थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) बलजीत सिंह ने शुक्रवार को बताया, ‘बृहस्पतिवार को बरई मानपुर (शेरपुर) गांव में किसान का शव उसके खेत में लगे बबूल के पेड़ से लटका हुआ पाया गया.’

उन्होंने बताया, ‘किसान आवारा मवेशियों से फसल की रखवाली के लिए खेत में ही रात गुजारा करता था. पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और घटना की सूचना राजस्व अधिकारियों को दे दी गई है.’

किसान की पत्नी गंगिया देवी के हवाले से एसएचओ ने बताया, ‘किसान पर ढाई लाख रुपये सरकारी बैंक का कर्ज था, जिसे वापस करने का दबाव था. संभवत: कर्ज वापसी के दबाव में उसने आत्महत्या की होगी. मामले की जांच की जा रही है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)