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गुजरात: शख़्स को निर्वस्त्र कर बाज़ार में घुमाया, नौ पुलिसकर्मी सस्पेंड, दो बर्ख़ास्त

गुजरात के द्वारका ज़िले की घटना. बीते एक दिसंबर को कथित तौर पर पांच लोगों ने एक व्यक्ति का अपहरण कर उसकी पिटाई की थी और फिर निर्वस्त्र कर बाज़ार में घुमाया था. घटना को देखने के बाद भी कुछ पुलिसकर्मियों की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

राजकोटः गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया कस्बे में पांच लोगों द्वारा कथित तौर पर एक शख्स को अगवा कर उसे निर्वस्त्र घुमाने के मामले के चार दिन बाद शनिवार को नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, खंभालिया पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर और एक सहायक सब इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, जबकि ट्रैफिक ब्रिगेड (टीआरबी) के दो जवानों को कथित तौर पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के लिए शनिवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया.

आरोप है कि बीते एक दिसंबर को खंभालिया के रहने वाले चंदू रुदाज को बड़ाभाई भोजानी और पांच अन्य ने अगवा कर लिया था, उनकी पिटाई की गई और निर्वस्त्र कर बाजार में घुमाया गया.

इसके बाद आरोपी पीड़ित को खंभालिया पुलिस थाने ले गए और उसे पुलिस को सौंप दिया. आपसी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया.

इस दौरान पुलिस ने पीड़ित को थाने लाने वाले दो आरोपियों- बड़ाभाई भोजानी और उसके भाई काना को भी हिरासत में ले लिया और बाद में अन्य आरोपियों किरित, प्रताप और मानसिंह भोजानी को भी गिरफ्तार कर लिया. ये सभी खंभालिया के रहने वाले हैं.

राजकोट रेंज डीआईजी संदीप सिंह ने नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया और टीआरबी के दो जवानों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है.

सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों में खंभालिया के तत्कालीन प्रभारी सब इंस्पेक्टर चंद्रकलाबा जडेजा, सहायक सब इंस्पेक्टर कबाभा चावड़ा, हेड कॉन्स्टेबल माल्डे नंदानिया और कर्सन गोजिया तथा लोकरक्षक- मंदन गढ़वी, सुरा गढ़वी, वजुभाई नंदानिया, बालूभाई गढ़वी और आरसीभाई गोजिया है.

डीआईजी ने खंभालिया थाने के नियमित पुलिस इंस्पेक्टर जीआर गढ़वी को लीव-रिजर्व पुलिस इंस्पेक्टर के रूप में देवभूमि द्वारका पुलिस मुख्यालय ट्रांसफर कर दिया. खंभालिया के दो टीआरबी जवानों- प्रकाश वढेर और राजेश बडारका को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया.

एक दिसंबर की घटना के बाद डीआईजी ने देवभूमि द्वारका जिले के एसटी-एससी सेल के पुलिस उपाधीक्षक समीर सारदा को मामले की जांच के आदेश दिए. डिप्टी एसपी द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद ही शनिवार को पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया.

डीआईजी ने बताया, ‘जांच रिपोर्ट से पता चला कि कुछ पुलिसकर्मियों की ओर से गंभीर गलतियां और लापरवाही की गई थी, इसलिए मैंने दो-तीन फैसले लिए. पुलिस थाने के नियमित पीआई जीआर गढ़वी उस दिन छुट्टी पर थे लेकिन उनके खिलाफ कुछ चीजें थीं, जिनकी जांच की जरूरत थी. मैंने देवभूमि द्वारका के एसपी को उनकी जांच करने को कहा.’

उन्होंने आगे कहा, ‘इसके अलावा तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर सहित नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर लापरवाही का पता चला, इसलिए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और उन्हें सस्पेंड करने का फैसला लिया गया.’

डीआईजी ने कहा, ‘इन नौ पुलिसकर्मियों ने घटना की किसी भी जानकारी को गंभीरता से नहीं लिया. प्रथमदृष्टया, सूचना मिलने पर जिस तत्परता से काम करना चाहिए था, वैसा नहीं किया गया. कुछ लोग थे, जो मौके पर थे लेकिन उन्होंने भी घटना को नजरअंदाज किया. यह घोर लापरवाही है.’

उन्होंने कहा कि जिन टीआरबी जवानों को बर्खास्त किया गया है, उन्होंने दरअसल पीड़ित को निर्वस्त्र घुमाए जाने की घटना देखने के बावजूद पुलिस को अलर्ट नहीं किया था.