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उत्तर प्रदेश: अंतर धार्मिक विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन कराने जा रहा युवक गिरफ़्तार

मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का है. आरोप है कि युवक ने अपनी पहचान छिपाकर पंजाब के मोहाली शहर की एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की और विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन कराने अलीगढ़ आया हुआ था. इस दौरान कुछ अराजक तत्वों ने युवक की पिटाई भी की थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में अंतर धार्मिक विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन कराने जा रहे एक युवक को पीटने का मामला सामने आया है.

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवक अलीगढ़ के रहने वाले हैं और पंजाब के मोहाली शहर में काम करते हैं. यहां उनकी एक लड़की से मुलाकात हुई थी, जो कि नाबालिग हैं. दोनों बीते एक दिसंबर को विशेष विवाह अधिनियम के तहत अलीगढ़ के जिला न्यायालय में अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने आए थे.

पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान पता चला है कि संबंधित युवक, जिसकी पहचान सोनू मलिक के रूप में हुई है, मुस्लिम धर्म के हैं और वे झूठ बोलकर खुद को हिंदू बता रहे थे.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अलीगढ़ के एसपी सिटी अभिषेक ने बताया, ‘हमें सूचना मिली है कि अलीगढ़ में अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने जा रहे एक युवक को पीटा गया है. हमने जब जांच की तो पाया कि लड़की के पिता द्वारा पंजाब में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया है. युवक ने झूठ बोलकर खुद को हिंदू बताया था. कोर्ट परिसर में हमला करने को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. हम मामले की जांच करेंगे.’

पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि बीते तीन दिसंबर को सोनू को कोर्ट से खींचकर बाहर ले जाया जा रहा है और लड़की इसका विरोध कर रही है. यह आरोप लगाया गया है कि कोर्ट में कुछ लोगों को उनकी पहचान के बारे में पता चल गया था.

एक अन्य वीडियो में लड़की को ये कहते सुना जा सकता है कि वह उससे बहुत प्रेम करती हैं और पुलिस वाले उन्हें पकड़े हुए हैं.

एक और वीडियो में लड़की ने मीडिया को बताया, ‘हम लंबे समय से फेसबुक पर बातचीत कर रहे थे. उन्होंने अपना नाम सिर्फ सोनू बताया था. हम तीन दिन पहले चंडीगढ़ से आए हैं. जब वे अपने परिवार से बात करते थे तो ‘अस्सलामुअलैकुम’ बोलते थे, तब मुझे पता चला कि वो मुस्लिम हो सकते हैं. हम कोर्ट में अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराना चाहते थे, वहां वकीलों ने हमसे बहुत बुरी तरह बात की.

लड़की के परिवार के मुताबिक सोनू से फेसबुक पर पहली बार मुलाकात हुई थी और बाद में पता चला कि वे किसी अन्य धर्म के हैं. उनके पिता ने नयागांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और कहा है कि उनकी नाबालिग बेटी 29 नवंबर को अपने दोस्त से मिलने गई थी और तब से वापस नहीं आई है.

इस शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस ने अज्ञात युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) और 366-ए (नाबालिग लड़की का अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया है.

इस संदर्भ में अलीगढ़ स्थित सिविल लाइंस थाने के क्षेत्राधिकारी अनिल समानिया ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि पंजाब में युवक के खिलाफ युवती को जबरन अपने कब्‍जे में रखने का मामला दर्ज किया गया है.

उन्‍होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी चंडीगढ़ में एक दर्जी के रूप में काम कर रहा था जहां उसने उस युवती से दोस्‍ती की. उन्‍होंने बताया कि पंजाब पुलिस आरोपी को लेने के लिए यहां पहुंच रही है.

नयागांव एसएचओ सब-इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने कहा कि यूपी पुलिस द्वारा सूचना दिए जाने के बाद उन्हें लड़की मिल गई है.

सिंह ने कहा, ‘हमने मोहाली में मजिस्ट्रेट के सामने लड़की, जो कि नाबालिग हैं, का बयान दर्ज कराया है. लड़के को मामले में कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा.’

लड़की के पिता ने कहा है कि वह आरोपी युवक के खिलाफ अपनी पहचान छिपाने को लेकर अलग से एक केस दर्ज कराएंगे.

बता दें कि बीते 24 नवंबर को उत्तर प्रदेश सरकार ‘लव जिहाद’ को रोकने के लिए शादी के लिए धर्म परिवर्तन पर लगाम लगाने के लिए ‘उत्‍तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपविर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश, 2020’ ले आई थी.

इसमें विवाह के लिए छल-कपट, प्रलोभन देने या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर विभिन्न श्रेणियों के तहत अधिकतम 10 वर्ष कारावास और 50 हजार तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है. उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य है, जहां लव जिहाद को लेकर इस तरह का कानून लाया गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)