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उत्तर प्रदेश: कथित आर्थिक संकट के चलते बांदा और हमीरपुर ज़िले में छह लोगों ने आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में कथित रूप से आर्थिक तंगी के चलते दो प्रवासी मज़दूर समेत पांच लोगों ने फ़ांसी लगाकर आत्महत्या की. वहीं हमीरपुर ज़िले में कर्ज़ वापस न कर पाने से परेशान एक किसान के ख़ुदकुशी करने का मामला सामने आया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बांदा/हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आर्थिक संकट के चलते अलग-अलग जगहों पर पांच लोगों द्वारा फंदे से लटककर कथित रूप से खुदकुशी करने के मामले सामने आए हैं. वहीं, हमीरपुर जिले में कर्ज से परेशान एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है.

बांदा जिले के जसपुरा थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अर्जुन सिंह ने मंगलवार को बताया, ‘क्षेत्र के बरेहटा गांव में रविवार की रात किसान मूलचंद (50) फसल की रखवाली करने खेत गया था. सोमवार सुबह खेत में लगे पेड़ से उसका शव फंदे पर लटका पाया गया. पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है.’

पुलिस अधिकारी ने मूलचंद के बेटे बुद्धराज के हवाले से बताया, ‘अगले साल जून माह में बहन की शादी होने वाली है. पैसे का इंतजाम नहीं होने पर उसके पिता परेशान थे. संभवतः इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या की.’

दूसरी घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र का है. बबेरू कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) भास्कर मिश्रा ने बताया, ‘कस्बे के कृष्णा नगर का रहने वाला सोनू उर्फ महेंद्र प्रताप (34) पंजाब में मजदूरी करता था. वह हाल में पत्नी और बच्चों के साथ एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए घर आया था. उसने सोमवार को अपने घर में फंदे से लटककर जान दे दी.’

मिश्रा ने सोनू के पिता शिवदत्त के हवाले से बताया, ‘सोनू अपने बच्चों के साथ दोबारा पंजाब लौटना चाह रहा था, लेकिन किराये के लिए पैसा नहीं होने पर उसका अपनी पत्नी से विवाद हुआ, जिसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.’

तीसरी घटना नरैनी कोतवाली क्षेत्र की है. नरैनी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक इंद्रदेव ने बताया, ‘पनगरा गांव के एक युवक रोहित प्रजापति (25) ने सोमवार को फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली. उसका शव पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है.’

उन्होंने बताया, ‘वह दिल्ली जाना चाहता था और इसके लिए पिछले दो दिनों से वह परिजन से पैसों की मांग कर रहा था. पैसा नहीं मिलने और परिजन से विवाद के कारण उसने कथित रूप से आत्महत्या कर ली.’

चौथी घटना कमासिन थाना के नंदन डेरा गांव की है. कमासिन थाना प्रभारी रामाश्रय सिंह ने बताया, ‘राकेश यादव की 22 वर्षीय पत्नी ज्योति ने सोमवार को फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली.’

उन्होंने परिजनों के हवाले से बताया, ‘खर्च के लिए पैसा नहीं मिलने पर पति-पत्नी के बीच रविवार की रात विवाद हुआ था. सोमवार को दिन में जब सभी परिजन खेत में काम करने चले गए, तब उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.’

सिंह ने कहा, ‘प्रथमदृष्टया यह गृह कलह की वजह से आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है. महिला की शादी इसी साल 26 फरवरी को हुई थी.’

पांचवी घटना बांदा जिले के रघुवंशी डेरा गांव का है. कथित रूप से आर्थिक तंगी से परेशान युवा किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या की. बताया जा रहा है कि उन पर बैंक का आठ लाख रुपये का कर्ज था.

अमर उजाला के मुताबिक सदर तहसील और शहर कोतवाली क्षेत्र के रघुवंशी डेरा (कनवारा) निवासी सुरेश (40) मंगलवार की सुबह घर में सीलिंग फैन में साड़ी बांधकर फांसी लगा ली.

मृतक के भाई उमाकांत ने बताया कि सुरेश दो दिन पूर्व रविवार को पत्नी, बच्चों सहित साले की शादी में ससुराल पल्हरी गांव गया था. मंगलवार को सुबह पत्नी व बच्चों को छोड़कर खुद वापस घर आ गया और फांसी लगा ली.

रिपोर्ट के मुताबिक, पत्नी ऊषा ने बताया कि इलाहाबाद बैंक का आठ लाख रुपये का कर्ज है. इसे लेकर उसका पति परेशान था. उधर, कृषि विश्वविद्यालय की नवीन पंप नहर योजना में दो बिस्वा जमीन अधिगृहीत कर ली गई. मुआवजा नहीं मिला.

मृतक के दो बेटे और दो बेटियां हैं. कोतवाल जय श्याम शुक्ल ने बताया कि प्रथमदृष्टतया आत्महत्या बताई जा रही है. मामले की जांच की जा रही है.

हमीरपुर जिले में कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के मौहर गांव में कर्ज की वापसी नहीं कर पाने से परेशान एक किसान ने मंगलवार सुबह फांसी लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली.

सुमेरपुर थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मौहर गांव में मंगलवार तड़के करीब पांच बजे किसान रामराज निषाद (42) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उनका शव घर के पीछे लगे पेड़ से लटकता पाया गया.

मृत किसान के बेटे राजकुमार के हवाले से एसएचओ सिंह ने बताया कि निषाद ने एक बैंक की मुंडेरा शाखा से 90 हजार रुपये किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कर्ज लिया था, जिसकी वापसी नहीं कर पाया था.

राजकुमार ने पुलिस को बताया कि बैंक के अधिकारी कर्ज की वापसी का दबाव डाल रहे थे और खेत नीलाम करने की धमकी दे रहे थे, इससे परेशान होकर उसके पिता ने कथित तौर पर आत्महत्या की है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)