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दिल्लीः छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में कथक गुरु गिरफ़्तार

संगीत नाटक अकादमी से संबद्ध दिल्ली के कथक केंद्र की एक छात्रा का आरोप है कि लोकप्रिय पखावज वादक और कथक गुरु पंडित रविशंकर उपाध्याय उन्हें ग़लत तरीके से छूते थे और अश्लील मैसेज भेजते थे. छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने 15 दिसंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.

पंडित रविशंकर उपाध्याय (फोटो साभारः द अनद फाउंडेशन)

पंडित रविशंकर उपाध्याय. (फोटो साभारः द अनद फाउंडेशन)

नई दिल्लीः लोकप्रिय पखावज वादक और दिल्ली के कथक केंद्र के गुरु पंडित रविशंकर उपाध्याय को छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के कथन संस्थान की 23 साल की छात्रा ने चाणक्यपुरी पुलिस थाने में पंडित रविशंकर उपाध्याय के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया.

बता दें कि यह कथक केंद्र, संगीत नाटक अकादमी से संबद्ध है. पीड़ित छात्रा बीते 11 सालों से इसी संस्थान से कथक सीख रही हैं. वह पंडित बिरजू महाराज के बड़े बेटे पंडित जय किशन महाराज के संरक्षण में कथक सीख रही हैं.

संस्थान के नृत्य छात्रों को एक निश्चित वाद्ययंत्र सीखकर परीक्षा में कुछ अंक अर्जित करने पड़ते हैं. छात्रा ने लगभग दो साल पहले उपाध्याय से पखावज सीखना शुरू किया था.

छात्रा ने उपाध्याय पर गलत तरीके से छूने का आरोप लगाते हुए कहा,  ‘मैं रिवाज के अनुसार उनके पैर छूती थी लेकिन मैंने उनके पैर छूना बंद कर दिया और जमीन छूकर प्रणाम कर देती थी.’

छात्रा का कहना है कि पंडित उपाध्याय उन्हें अमूमन अश्लील मैसेज भेजे, जिसका मैंने कभी जवाब नहीं दिया.

पीड़ित छात्रा का कहना है कि लेकिन 14 दिसंबर की घटना ने उन्हें पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने को मजबूर किया.

उन्होंने कहा, मैं 16 दिसंबर को होने वाली परीक्षा के लिए अभ्यास करने संस्थान गई थी. मुझे पता था कि वह (उपाध्याय) दोपहर दो बजे संस्थान से चले गए होंगे इसलिए मुझे लगा कि मैं शांति से अभ्यास करूंगी.’

छात्रा ने कहा कि वह अपने बैच के एक अन्य छात्र के साथ अभ्यास कर रही थी कि तभी उपाध्याय ने उसके साथी को बहुत अधिक अभ्यास करने की बात कहकर उसे जाने को कहा जबकि हमने सिर्फ 10 मिनट ही अभ्यास किया था.

छात्रा ने कहा, ‘उसके बाद उपाध्याय ने मेरी तस्वीर खींची, जिसे मैंने उन्हें डिलीट करने को कहा. उसके बाद उनहोंने मुझे पकड़ लिया और गलत तरीके से व्यवहार करने लगे.’

छात्रा ने कहा कि मैंने उन्हें धक्का दिया और वॉशरूम जाकर रोने लगी. छात्रा के बयान के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 354 औऱ 509 के तहत मामला दर्ज किया गया.

नई दिल्ली के डीसीपी ईश सिंघल ने कहा, ‘उपाध्याय ने कथित तौर पर छात्रा की कमर पर हाथ रखा था और उसके माथा चूमा. उसने छात्रा के चेहरे को भी चूमने की कोशिश की थी. अन्य छात्रों के बयान भी दर्ज किए गए हैं. मामले की जांच की जा रही है.’

छात्रा ने उसी शाम संस्थान के निदेशक सुमन कुमार को भी फोन किया था लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी इसलिए उन्हें लिखित शिकायत करने को कहा गया था.

इसके बाद छात्रा ने कुमार को ईमेल किया था और उसी दिन एफआईआर दर्ज कराई थी. 15 दिसंबर की सुबह उपाध्याय को संस्थान से गिरफ्तार किया गया.

सुमन कुमार ने कहा, ‘मैंने तब तक कोई कार्रवाई नहीं कि थी, जब पुलिस सादे कपड़ों में आई और उन्हें गिरफ्तार किया. मैं उन्हें पहले ही सस्पेंड कर चुका हूं. हम पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं.’

संस्थान में पढ़ाने वाले वरिष्ठ कथक एक्सपोनेंट पंडित राजेंद्र गंगनानी ने कहा, ‘कोरोना की वजह से बहुत ही कम कक्षाएं हो रही थीं और अधिकतर क्लासेस ऑनलाइन ही हो रही थी. छात्रा इसलिए संस्थान आती थी क्योंकि उसके घर पर पखावज नहीं था.’

बता दें कि उपाध्याय गया घराने के पखावज उस्ताद पंडित रामजी उपाध्याय के बेटे हैं और उनके परिवार की 400 साल पुरानी विरासत है.
उनकी पत्नी और तीनों बच्चे संगीतकार हैं. उन्होंने मंच पर कई प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ काम किया है.