भारत

पंचायत चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयुक्त ने आंध्र प्रदेश सरकार के ख़िलाफ़ अवमानना याचिका दायर की

राज्य चुनाव आयुक्त ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि वाईएसआर कांग्रेस सरकार ग्राम पंचायतों के चुनाव संबंधी आदेशों को लागू नहीं कर रही है. उनका कहना है कि पहले के आदेशों के बावजूद राज्य सरकार चुनाव आयोग के साथ सहयोग नहीं कर रही है.

आंध्र प्रदेश के राज्य चुनाव आयुक्त निम्मगड्डा रमेश कुमार. (फोटो साभारः फेसबुक)

आंध्र प्रदेश के राज्य चुनाव आयुक्त निम्मगड्डा रमेश कुमार. (फोटो साभारः फेसबुक)

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के राज्य चुनाव आयुक्त ने बीते शुक्रवार को उच्च न्यायालय में एक अवमानना याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य की वाईएसआर कांग्रेस सरकार ग्राम पंचायतों के चुनाव संबंधी आदेशों को लागू नहीं कर रही है.

राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) निम्मगड्डा रमेश कुमार ने अदालत से राज्य सरकार को नए सिरे से निर्देश देने की मांग की कि वे फरवरी, 2021 में होने वाले पंचायत चुनाव कराने में पूरा सहयोग करेंगे.

अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तारीख तय की है.

राज्य की वाईएस जगनमोहन रेड्डी और एसईसी बीच में चल रहे विवाद में ये नया मोड़ आया है. एसईसी रमेश कुमार को मई में तब फिर से बहाल किया गया था जब हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस अध्यादेश को खारिज कर दिया था, जिसमें चुनाव आयुक्त के कार्यकाल को पांच साल से घटाकर तीन साल करने का प्रावधान किया गया था.

इसके अलावा ग्राम पंचायत चुनाव कराने को लेकर पहले से ही हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही है, जहां एसईसी पक्ष और राज्य सरकार विपक्ष में है. इस संबंध में राज्य सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा है कि फरवरी में चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं, क्योंकि प्रशासन कोविड-19 के टीके के काम में लगा हुआ होगा.

इसके जवाब में एसईसी ने कहा कि हाल ही में ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम, राजस्थान और केरल में स्थानीय निकायों के चुनाव हुए हैं और सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार किया है.

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस स्तर पर किसी भी न्यायिक हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है. चूंकि राज्य सरकार चुनाव कराने के खिलाफ अपने रुख पर अड़ी रही, इसलिए एसईसी ने अवमानना याचिका दायर की है.

रमेश कुमार ने कहा कि पहले के आदेशों के बावजूद राज्य सरकार चुनाव आयोग के साथ सहयोग नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव नीलम साहनी की एसईसी के पत्र पर प्रतिक्रिया भी उचित नहीं थी.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)