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बेटी बचाओ का नारा देने वाले ‘बेटी’ को इंसाफ दिलाने की जगह उसके चरित्र हनन में क्यों लग गए हैं?

चंडीगढ़ में भाजपा नेता के बेटे द्वारा बदतमीज़ी मामले में युवती की शिकायत के बाद भाजपा नेता-समर्थक और आरोपी के परिजन सोशल मीडिया पर युवती के चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं.

Varnika and Viaks barala

आरोपी विकास बराला (बाएं) (फोटो: ट्विटर) चंडीगढ़ में डीजे और वरिष्ठ अधिकारी की बेटी वर्णिका (दाएं) (फोटो साभार: ज़ी न्यूज़)

नई दिल्ली: हरियाणा के वरिष्ठ भाजपा नेता के बेटे और उसके दोस्त के एक युवती का कथित तौर पर पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार और ज़मानत पर रिहा होने के एक दिन बाद भाजपा नेता-समर्थकों और आरोपी के परिवार के सदस्यों ने चंडीगढ़ में डीजे के बतौर काम करने वाली वर्णिका कुंडू के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है.

वर्णिका ने पुलिस में दर्ज की गई शिकायत में आरोप लगाया था कि विकास बराला, जो हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष का बेटा है और उसके दोस्त आशीष कुमार ने चंडीगढ़ में देर रात उनका पीछा किया और उनका अपहरण करने की कोशिश की. पुलिस ने विकास और आशीष को गिरफ्तार किया और बाद में ज़मानत पर छोड़ दिया.

वर्णिका ने सोशल मीडिया पर सामने आकर इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर वर्णिका को लेकर ऊटपटांग पोस्ट लिखे जाने का सिलसिला शुरू हो गया.

बराला परिवार के ‘कुलदीप बराला’ नाम के शख्स ने दो लड़कों के साथ खड़ी वर्णिका की एक तस्वीर शेयर करते ये दिखाने की कोशिश की कि घटना के समय वे नशे में थीं.

Kuldeep Barala post

हालांकि बाद में कुलदीप, जिनके प्रोफाइल में उनके भाजपा में काम करने की बात लिखी है, द्वारा ये पोस्ट डिलीट कर दी गई.

इसके बाद उन्होंने एक अन्य पोस्ट में वर्णिका के हाथ में शराब का गिलास लिए एक तस्वीर शेयर करते हुए उनके चरित्र पर सवाल उठाने की कोशिश की, साथ ही ये दावा भी किया कि भाजपा नेता की छवि ख़राब करने के लिए विपक्ष द्वारा मुद्दे को तूल दिया जा रहा है.

Varnika Barala Case

बराला परिवार के सदस्यों के अलावा भाजपा समर्थक भी वर्णिका की आलोचना में पीछे नहीं थे. जहां एक टीवी चैनल की बहस में भाजपा के उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी ने कहा कि ‘लड़की को देर रात बाहर रहने की ज़रूरत ही क्या थी, वहीं भाजपा प्रवक्ता शाइना एनसी ने भी वर्णिका की एक पुरानी तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट करते हुए उन्हें ‘तथाकथित विक्टिम बेटी’ कहा.

BJP Tweet

इस पोस्ट में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर सहित 7 लोगों को टैग किया गया था. हालांकि बाद में शाइना ने ट्वीट करके कहा कि उनका अकाउंट हैक कर लिया गया था.

इससे पहले वर्णिका ने उनके साथ हुए घटनाक्रम के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा था, वहीं उनके पिता वीरेंदर कुंडू ने भी फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, ‘जैसा कि उम्मीद थी, वो गुंडे रसूखदार परिवार के हैं. हम सब जानते हैं कि इस तरह शोषण के मामले में अक्सर सज़ा नहीं होती और कभी तो इनके बारे में रिपोर्ट भी नहीं की जाती. रसूखदार परिवारों से आने वाले गुंडों से कोई उलझने की हिम्मत भी नहीं कर पाता. मुझे लगता है कि अगर हम जैसे लोग, जिन्हें थोड़ी सुविधा मिली हुई है, इस तरह के अपराधियों के ख़िलाफ़ नहीं खड़े होंगे तो देश में कोई नहीं हो पाएगा.’

ज्ञात हो कि जब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था तब उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 354 डी (ग़लत इरादे से पीछा करना) और मोटर वाहन एक्ट की धारा 185 (नशे की हालत में गाड़ी चलाना) के साथ 341,  365 और 511 भी लगाई गई थीं, लेकिन इन्हें बाद में हटा दिया गया. जिसके बाद दोनों को ज़मानत मिल गई.

आरोपियों को ज़मानत देने के बाद पुलिस की आलोचना होने पर पुलिस की ओर से जवाब दिया गया कि इन धाराओं पर क़ानूनी सलाह ली जा रही है.

उठी बराला के इस्तीफे की मांग

दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के ख़िलाफ़ विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी शिवसेना ने भी हमला बोल दिया है. शिवसेना के नेता मनीष कायंदे ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ‘एक तरफ तो भाजपा औरतों के सम्मान के लिए उनकी बनाई तमाम योजनाओं के बारे में बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे भाजपा नेता भी हैं, जिनका बेटा महिला का पीछा कर रहा है.’ कांग्रेस के एम अफज़ल ने सुभाष बराला के इस्तीफे की मांग की है.

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने रविवार को सुभाष बराला का बचाव करते हुए कहा कि बेटे के किए के लिए पिता को सज़ा नहीं दी जा सकती.

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मुझे इस घटना के बारे में पता चला. चंडीगढ़ पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और मेरा विश्वास है कि वे उचित कार्रवाई भी करेंगे. ये सुभाष बराला नहीं बल्कि एक अन्य व्यक्ति से जुड़ा मामला है, इसलिए उनके बेटे के ख़िलाफ़ कदम उठाया जाएगा.’

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चंडीगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द वायर से बात करते हुए कहा कि लड़की के पिता का सोशल मीडिया पर आकर समर्थन मांगना दिखाता है कि इंसाफ की इस लड़ाई में उनकी बेटी को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका ने कहा, ‘उस लड़की ने बुरे सपने जैसी स्थिति का बहुत बहादुरी से सामना किया. भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आपराधिक न्याय प्रक्रिया को फास्टट्रैक करने की ज़रूरत है. इस बहादुर लड़की के बहादुर पिता को उसके साथ खड़े रहने के लिए प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए. इस राजनीतिक दल को ‘बेटी बचाओ’ के नारे के लिए असली प्रतिबद्धता अपने एक्शन से दिखानी चाहिए.’

रसूखदार परिवारों द्वारा किए जाने वाले अपराधों को करीब से जानने वाले एक वक़ील का कहना है कि जिस तरह बराला परिवार और भाजपा समर्थकों ने इस युवती के ख़िलाफ़ पोस्ट करना शुरू किया, साथ ही जैसे राज्य की आईएएस एसोसिएशन और मुख्य सचिव ने अपने किसी सहयोगी और उनकी बेटी के साथ हुए ऐसे घटनाक्रम के मामले से दूरी बना रखी है, वो उस खेल की शुरुआती चेतावनी है, जो हर बार खेला जाता है.

सीसीटीवी फुटेज हुई ‘गायब’

चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस घटना का कोई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है. डीएसपी सतीश कुमार ने बताया कि घटना के दौरान जिस रूट पर वर्णिका का कथित तौर पर पीछा किया गया, वहां 9 सीसीटीवी थे, पर उनमें से 5 काम नहीं कर रहे थे. बाकी 4 में जो फुटेज है उससे कुछ साफ नहीं पता चलता. इस बात को लेकर पुलिस के मामले को दबाने के प्रयास कहकर आलोचना की जा रही है.

आजतक की ख़बर के मुताबिक विपक्ष ने भाजपा द्वारा चंडीगढ़ प्रशासन पर सुभाष बराला के बेटे को बचाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘यह साफ है कि भाजपा हरियाणा चीफ के बेटे को बचाने की कोशिश कर रही है. अब एक नई चीज यह सामने आई है कि जिस रास्ते में घटना हुई उसी रास्ते के 5 सीसीटीवी कैमरे ख़राब थे. उस रास्ते के 5 सीसीटीवी कैमरा अचानक कैसे ख़राब हो गए? ये सब हरियाणा भाजपा अध्यक्ष के बेटे को बचाने के लिए किया जा रहा है.’

इंसाफ दिलाने के लिए स्वामी दायर करेंगे जनहित याचिका

भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने वर्णिका को न्याय दिलाने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की बात कही. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उनके वक़ील एपी जग्गा ने कहा कि अगले 72 घंटों में पुलिस द्वारा लिए हुए कदम के आधार पर वे बताएंगे कि वे याचिका दायर करेंगे या नहीं. साथ ही उन्होंने बताया कि वे चाहते हैं कि पुलिस अपराधियों के ख़िलाफ़ उचित कदम उठाए.