राजनीति

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बूटा सिंह का निधन

बूटा सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में केंद्रीय गृह मंत्री समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. इसके साथ ही वह बिहार के राज्यपाल और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके थे.

बूटा सिंह. (फोटो: पीटीआई)

बूटा सिंह. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह का शनिवार सुबह निधन हो गया. वह 86 साल के थे.

पिछले साल मष्तिकाघात के बाद उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था और वह गत वर्ष अक्टूबर महीने से कोमा में थे.

उनके परिवार ने बताया कि बूटा सिंह का शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे एम्स में निधन हो गया.

उनके निधन की जानकारी फेसबुक पर उनके बेटे कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा, ‘मेरे पिता बूटा सिंह का आज सुबह निधन हो गया. वाहेगुरु उनकी आत्मा को शांति दे.’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने बूटा सिंह के निधन पर दुख जताया और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘सरदार बूटा सिंह जी के देहांत से देश ने एक सच्चा जनसेवक और निष्ठावान नेता खो दिया है. उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा और जनता की भलाई के लिए समर्पित कर दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद रखा जाएगा. इस मुश्किल समय में उनके परिवारजनों को मेरी संवेदनाएं.’

बूटा सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में केंद्रीय गृह मंत्री समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. इसके साथ ही वह बिहार के राज्यपाल (2004-06) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष (2007-10) भी रहे.

वह आठ बार लोकसभा सांसद रह चुके थे. वह ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव भी रह चुके थे. केंद्रीय गृह मंत्री के अलावा वह रेलवे, वाणिज्य, संसदीय कार्य, खेल, शिपिंग, कृषि, संचार और आवास जैसे मंत्रालय का भी कार्यभार संभाल चुके थे.

बूटा सिंह ‘पंजाबी स्पीकिंग स्टेट – अ क्रिटिकल एनालिसिस’ लिखी है. ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय वह इंदिरा गांधी के साथ करीब से जुड़े हुए थे और एक मंत्री के तौर पर उन्होंने स्वर्ण मंदिर के पुननिर्माण का काम भी देखा था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह के निधन पर शोक जताया और उन्हें अनुभवी प्रशासक के साथ गरीबों के कल्याण की प्रभावी आवाज बताया.

मोदी ने ट्वीट करके कहा, ‘बूटा सिंह एक अनुभवी प्रशासक और गरीबों तथा वंचितों के कल्याण के प्रभावी आवाज थे. उनके निधन से दुखी हूं. उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)