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जम्मू कश्मीर: डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिलने के बाद कारोबारी की हत्या, आतंकियों ने दी और हमलों की चेतावनी

मूल रूप से पंजाब के रहने वाले श्रीनगर के 70 वर्षीय कारोबारी सतपाल निश्चल को कुछ हफ्ते पहले नए नियमों के तहत डोमिसाइल प्रमाणपत्र मिला था. एक आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने उन पर हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा है कि डोमिसाइल प्रमाणपत्र हासिल करने वाले ऐसे सभी बाहरी आरएसएस एजेंट्स हैं.

सतपाल निश्चल के शव को कंधा देते उनके परिजन और रिश्तेदार. (फोटो: पीटीआई)

सतपाल निश्चल के शव को कंधा देते उनके परिजन और रिश्तेदार. (फोटो: पीटीआई)

श्रीनगर: लगभग पिछले चार दशकों से 70 वर्षीय सतपाल निश्चल श्रीनगर में ज्वेलरी की दुकान चला रहे थे. बीते गुरुवार की शाम को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और इस तरह से वह कश्मीर में पहले ऐसे व्यक्ति बन गए जिनकी नए डोमिसाइल कानून के तहत प्रमाणपत्र मिलने के बाद हत्या कर दी गई.

बता दें कि इस साल अप्रैल महीने में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने नए डोमिसाइल नियमों का ऐलान किया था. इसके मुताबिक, जिस भी शख्स ने जम्मू कश्मीर में पंद्रह साल बिताए हैं या जिसने यहां सात साल पढ़ाई की है और 10वीं और 12वीं की परीक्षा यहीं के किसी स्थानीय संस्थान से दी, वह यहां का निवासी माना जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमाणपत्र प्राप्त करने के कुछ हफ्तों बाद ही निश्चल को सरायबाला स्थित उनकी दुकान पर संदिग्ध आतंकियों ने गोली मार दी और पास के श्री महाराजा हरी सिंह अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई.

हाल ही में गठित एक आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने यह कहते हुए कि डोमिसाइल प्रमाणपत्र हासिल करने वाले ऐसे सभी बाहरी आरएसएस एजेंट्स हैं, चेतावनी दी है कि ‘हम तुम्हारा नाम जानते हैं, हम जानते हैं कि तुम कहां रहते हो, हम जानते हैं कि तुम क्या करते हो और हम तुम्हारे लिए आ रहे हैं.’

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा, ‘हम कारोबारी दुश्मनी और आतंकी दावे, दोनों ही पहलुओं पर काम कर रहे हैं. हम जल्द ही जानकारी साझा करेंगे.’

बता दें कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त होने से पहले केवल पूर्ववर्ती राज्य के मूल निवासियों को ही डोमिसाइल, जमीन और अन्य अचल संपत्तियां खरीदने का अधिकार था.

बता दें कि निश्चल मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले थे. एक सूत्र ने बताया कि कानून में बदलाव होने के बाद उन्होंने आवेदन किया था और उन्हें डोमिसाइल प्रमाणपत्र मिला था. इसके साथ ही क्योंकि उनकी बहू मूल रूप से जम्मू से थीं, तो उन्होंने उनके नाम पर भी हाल ही में श्रीनगर में भी एक घर और एक दुकान खरीदी था.

यह घर आर्मी 15 कॉर्प्स मुख्यालय के पास बेहद चाक चौबंद इंदिरा नगर इलाके में स्थित है जबकि उनकी बहू के नाम पर ली गई दुकान हरी सिंह स्ट्रीट ज्वेलरी मार्केट में स्थित है.

निश्चल की हत्या के बाद टीआरएफ ने कहा कि उसने डोमिसाइल मुद्दे पर हमले को अंजाम दिया है.

पुलिस का मानना है कि टीआरएफ, लश्कर-ए-तैयबा का एक संगठन है.

अपने सोशल मीडिया चैनल पर जारी एक बयान में टीआरएफ ने कहा, ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट ने आज श्रीनगर में एक खुफिया ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें एक आरएसएस एजेंट को मार गिराया गया जिसने खुद को एक कारोबारी के रूप में खुद को पेश किया था. वह व्यक्ति हिंदुत्ववादी फासीवादियों द्वारा कश्मीर की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए चलाए जा रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन और बसने वाली कॉलोनी परियोजना में एक सक्रिय भागीदार था. फ्रंट पहले ही चेतावनी दे चुका है कि किसी भी धर्म, जाति या रंग का कोई भी भारतीय नागरिक अगर कश्मीर में बसने के इरादे से आता है तो उसके साथ एक नागरिक तौर पर नहीं बल्कि आरएसएस एजेंट के तौर पर व्यवहार किया जाएगा.’