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स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी समेत पांच लोग गिरफ़्तार, न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए

मध्य प्रदेश में भाजपा विधायक मेयर मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ के बेटे ने मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि इंदौर में नव वर्ष पर एक कार्यक्रम के दौरान हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: नव वर्ष पर इंदौर के एक कैफे में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी समेत पांच लोगों कथित अभद्र टिप्पणी के एक मामले में बीते शनिवार को गिरफ्तार किया गया है.

मध्य प्रदेश में भाजपा की एक स्थानीय विधायक के बेटे की शिकायत पर गिरफ्तार फारूकी और चार अन्य लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है.

भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं.

पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य), धारा 269 (ऐसा लापरवाही भरा काम करना जिससे किसी जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने का खतरा हो) और अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है.

बीते शनिवार को जिला अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया और पांचों आरोपियों को 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया.

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अमन सिंह भूरिया ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गुजरात के जूनागढ़ से ताल्लुक रखने वाले फारूकी और चार अन्य लोगों की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं.

फारूकी के वकील अंशुमन श्रीवास्तव ने अदालत में बहस के दौरान कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में लगाए गए आरोप ‘अस्पष्ट’ हैं और यह मामला ‘दलीय राजनीति से प्रेरित होकर’ दर्ज कराया गया है.

श्रीवास्तव ने स्टैंडअप कॉमेडियन के पक्ष में पैरवी करते हुए करते हुए भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया और उन्हें जमानत पर रिहा किए जाने की गुहार लगाई.

उधर, शिकायतकर्ता एकलव्य के वकील दिनेश पांडे ने पांचों आरोपियों की जमानत अर्जी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रशासन की अनुमति के बगैर शहर के 56 दुकान क्षेत्र के एक कैफे में आयोजित हास्य कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं का भद्दा मजाक उड़ाया गया, जिससे कई लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.

पांडे ने कहा कि शहर में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए.

इंदौर के तुकोगंज थाने के प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि हास्य कार्यक्रम के विवादास्पद वीडियो फुटेज के साथ एकलव्य की लिखित शिकायत पर फारूकी और कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े चार स्थानीय लोगों- एडविन एंथनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव के खिलाफ एक जनवरी की देर रात मामला दर्ज किया गया. थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपियों की उम्र 18 से 25 साल के बीच है.

इस बीच, एकलव्य ने संवाददाताओं को बताया, ‘मैं और मेरे कुछ साथी बाकायदा टिकट खरीदकर कार्यक्रम में पहुंचे जहां फारूकी को बतौर मुख्य हास्य कलाकार बुलाया गया था. इस कार्यक्रम में अभद्र टिप्पणियां करते हुए हिंदू देवी-देवताओं का मजाक बनाया जा रहा था. कार्यक्रम में गोधरा कांड और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अनुचित जिक्र भी किया गया था.’

उन्होंने हास्य कार्यक्रम के कथित आपत्तिजनक शब्दों का विशिष्ट ब्योरा दिए बगैर कहा, ‘हास्य कार्यक्रम में तमाम आपत्तिजनक बातें चल रही थीं. हमने इनका वीडियो बनाया और कार्यक्रम रुकवाकर श्रोताओं को कैफे से बाहर निकाला. फिर हम कार्यक्रम के हास्य कलाकारों और आयोजकों को पकड़कर तुकोगंज पुलिस थाने ले गए.’

भाजपा विधायक के 36 वर्षीय बेटे ने यह आरोप भी लगाया कि कोरोना वायरस संक्रमण के वक्त प्रशासन की अनुमति के बिना आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक दूरी बनाने की हिदायत का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा था और आयोजकों ने कैफे के छोटे से हॉल में कम से कम 100 दर्शक बैठा रखे थे.

एकलव्य, हिंद रक्षक नामक स्थानीय संगठन के संयोजक हैं. मीडिया की कुछ खबरों में कहा गया है कि कैफे में हंगामे के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्टैंड-अप कॉमेडियन की पिटाई भी की. लेकिन एकलव्य ने इस आरोप से इनकार किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)