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पंजाब: मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता के घर गोबर फेंकने वालों पर दर्ज हत्या का मामला हटाया

भाजपा के पूर्व मंत्री टिकशान सूद के बयान से नाराज़ प्रदर्शनकारी किसानों ने उनके घर के बाहर गोबर फेंका था जिसके बाद उन पर हत्या के प्रयास सहित कई अन्य आरापों में मामला दर्ज कर लिया गया था. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने वाले एसएचओ के तबादले का आदेश दिया है.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फोटो: पीटीआई)

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फोटो: पीटीआई)

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को भाजपा के पूर्व मंत्री टिकशान सूद के घर के बाहर गोबर फेंकने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में से धारा 307 (हत्या का प्रयास) को हटाने का आदेश दिया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गृह विभाग संभालने वाले सिंह ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने वाले एसएचओ के तबादले का भी आदेश दिया है और अब मामले की जांच विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है.

एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज करने में एसएचओ से चूक हुई. उन्होंने कहा, वहां कोई हत्या का प्रयास नहीं था.’

दरअसल, शिकायतकर्ता भाजपा के जिला सचिव सुरिंदर पाल भट्टी की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है कि जब वह एक जनवरी को सूद के घर उनसे मिलने जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि उनके साथ एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी आ रही है.

इस दौरान हाइड्रोलिक सिस्टम के माध्यम से ट्रॉली उठाकर कुछ प्रदर्शनकारियों ने सूद के घर के अंदर गोबर फेंक दिया गया.

भट्टी ने दावा किया कि कि उन लोगों ने सूद पर हमले की भी कोशिश की, लेकिन सूद के लोगों ने उन्हें बचा लिया. उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि ट्रैक्टर ड्राइवर ने उन्हें और उनके दोस्त को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश भी की थी.

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सूद के घर में गोबर इसलिए फेंका क्योंकि वे उनके एक बयान से नाराज थे, जिसमें उन्होंने कथित तौर कहा था कि सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे अधिकांश किसान कृषि कानूनों से परिचित नहीं हैं और वे वहां पिकनिक पर जा रहे हैं.

भाजपा ने एफआईआर को हल्का किए जाने की निंदा की

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने और उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी पर चिंता जताते हुए वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने एफआईआर को हल्का किए जाने पर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की आलोचना की.

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष टिकशान सूद ने एफआईआर में धारा 307 हटाने पर सिंह पर हमला बोला.

चुग ने कहा, ‘एक राज्य का मुख्यमंत्री और कितना बेशर्म हो सकता है? कैप्टन अमरिंदर ने न केवल टिकशान सूद के हमलावरों के खिलाफ एफआईआर बदलवा दी बल्कि संबंधित एसएचओ को उनका काम करने के कारण तबादला कर दिया. न खाता, न बही, जो कैप्टन कहे, वो ही सही.’

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को किसानों के विरोध में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर हमला करने के लिए असामाजिक तत्वों को खुला छोड़ दिए जाने के तरीके से बहुत परेशान किया है.

चुग ने पूछा, ‘एक तरफ मुख्यमंत्री पंजाब पुलिस को मूकदर्शक बने रहने और सहायता देने और असामाजिक तत्वों को राज्य में भागने के लिए अनुमति दे रहे हैं और अगर पुलिस बदलाव के लिए अपना काम करती है तो एसएचओ को स्थानांतरित कर दिया जाता है. क्या मैं यह कहने में गलत हूं कि अर्बन नक्सली पंजाब में दंगा कर रहे हैं.’

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सूद ने कहा कि उनके घर पर हमले के संबंध में जो कुछ हुआ और अब एफआईआर की धाराओं को बदला जाना, सबकुछ राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित है.

सूद ने कहा, ‘सबकुछ राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित है. मुझे किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में कोई मजा नहीं आता है. जो लोग मेरे घर आए थे, उन्होंने एक भाजपा कार्यकर्ता पर अपना ट्रैक्टर चलाने की कोशिश की थी. उस समय एसएसपी ने कहा था कि उन्होंने जो सबूत देखा था, उससे संतुष्ट थे और उसके बाद ही एफआईआर दर्ज की गई थी. उस दिन अमरिंदर ने बयान दिया था कि इस तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.’

सूद ने कहा कि राज्य सरकार उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है जो कानून व्यवस्था की समस्या पैदा कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘पंजाब को अंधकार युग में धकेला जा रहा है. मेरे घर पर जब घटना हुई थी तब अलगाववादी नारे लगाए गए थे. हमारी प्रतिबद्धता पंजाब में शांति के लिए है. यह सब केवल कांग्रेस को ही नहीं बल्कि पंजाब को भी भाएगा. यह मेरे जैसे व्यक्ति नहीं हैं जो मायने रखते हैं. मेरे खिलाफ बहुत सारी बातें हो रही हैं, जिन पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता.’

पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने कहा कि अब यह साबित हो गया है कि कानून और व्यवस्था में गिरावट और टिकशान सूद पर हमले को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के तहत पंजाब सरकार द्वारा आयोजित कराया गया था.

मुख्यमंत्री ने गायक की गिरफ्तारी का बचाव किया

इस बीच, मुख्यमंत्री ने म्यूजिक वीडियो में बंदूक संस्कृति को बढ़ावा के लिए पंजाबी सिंगर श्री ब्रार की गिरफ्तारी को सही ठहराया है.

उन्होंने कहा, ‘इस तरह से गैंगस्टरवाद और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देना बिल्कुल गलत था. मामले को सही ढंग से दर्ज किया गया था जो गायक के एक पुराने गीत से संबंधित था.

अमरिंदर ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में गायक के वीडियो के साथ गिरफ्तारी से कोई संबंध नहीं था, बल्कि वह वास्तव में सराहनीय था. हालांकि, उनका अच्छा काम अब उनके पुराने गीत के नकारात्मक प्रभाव का बचाव नहीं कर सकता, जिसमें युवाओं को बंदूक उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम ऐसे कार्य नहीं होने देंगे जो राज्य की शांति को भंग कर सकते हैं.’