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ऑनलाइन धोखाधड़ी: टीवी पत्रकार निधि राज़दान ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

समाचार चैनल एनडीटीवी की पूर्व कार्यकारी संपादक निधि राज़दान ने जून 2020 में ट्वीट कर बताया था कि उन्हें अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एसोसिएट प्रोफ़ेसर की नौकरी का प्रस्ताव मिला है, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता को अलविदा कह दिया था. ऑनलाइन धोखाधड़ी के इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा करेगी.

निधि राजदान. (फोटो साभार: विकिपीडिया/British High Commission)

निधि राजदान. (फोटो साभार: विकिपीडिया/British High Commission)

नई दिल्लीः वरिष्ठ टीवी पत्रकार निधि राजदान ने ऑनलाइन धोखाधड़ी मामले में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. दिल्ली पुलिस की साइबर अपराध शाखा अब इस मामले की जांच करेगी.

शिकायत में उन्होंने कहा है कि वह फिशिंग स्कैम का शिकार हुई हैं, जिसमें उन्हें अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद की फर्जी पेशकश की गई थी.

निधि राजदान ने सोमवार को दिल्ली पुलिस में धोखाधड़ी, ठगी, पहचान का फर्जीवाड़ा और अज्ञात आरोपी द्वारा पहचान छिपाने सहित संज्ञेय अपराध की शिकायत दर्ज कराई है.

इससे पहले उन्होंने जम्मू कश्मीर में इसी तरह की शिकायत 16 जनवरी को दर्ज कराई थी, जब वह श्रीनगर में थीं.

निधि राजदान ने ट्वीट कर कहा था, ‘मुझे यह यकीन दिलाया गया था कि मैं सितंबर में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में सितंबर 2020 से अध्यापन कार्य शुरू करने वाली हूं, लेकिन जब मैं अपनी नई जॉब के लिए तैयारी कर रही थीं तब मुझसे कहा गया था कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से कक्षाएं जनवरी 2021 में शुरू होंगी.’

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दक्षिण पूर्वी दिल्ली में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी. कथित स्कैम में शामिल लोगों के साथ ई-मेल पर हुए संवाद और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेज भी शिकायत के साथ लगाए गए हैं.

उनके वकील श्री सिंह ने कहा कि राजदान को दिसंबर 2019 में एक ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विषय पढ़ाने के लिए एसोसिएट प्रोफेसर पद की पेशकश की गई. इसके बाद पिछले वर्ष जून में उन्होंने एनडीटीवी के कार्यकारी संपादक पद से इस्तीफा दे दिया था.

सिंह ने कहा कि पिछले हफ्ते उन्हें पता चला कि एक वर्ष की अवधि में भेजे गए सिलसिलेवार ईमेल और फर्जी दस्तावेज एक बड़े स्कैम का हिस्सा थे, ताकि धोखाधड़ी कर उन्हें हानि पहुंचाई जा सके.

निधि राजदान ने साइबर अपराध सेल से अपील की है कि आरोपी का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाए और इस सिलसिले में एफआईआर दर्ज की जाए.

उनके वकील के मुताबिक, उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से भी कहा है कि इस अपराध की जांच के लिए एफबीआई या अन्य संबंधित प्राधिकार के समक्ष शिकायत दर्ज कराई जाए.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वकील श्री सिंह का कहना है कि सोमवार को ग्रेटर कैलाश पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई.

सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले श्रीनगर पुलिस से सपंर्क किया था, लेकिन उन्हें दिल्ली पुलिस से संपर्क करने को कहा गया, क्योंकि यह अधिकार क्षेत्र से जुड़ा हुआ मामला है.

मालूम हो कि निधि राजदान ने जून 2020 में ट्वीट कर बताया था कि उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एसोसिएट प्रोफेसर की नौकरी का प्रस्ताव मिला है, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता को अलविदा कह दिया था.

इसके सात महीने बाद 15 जनवरी को निधि राजदान ने एक ट्वीट कर बताया कि उन्हें हार्वर्ड से नौकरी का प्रस्ताव नहीं मिला था बल्कि वह ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुई हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)