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कर्नाटक: खनन के लिए ले जाए जा रहे विस्फोटक के ट्रक में धमाका, आठ लोगों की मौत

कर्नाटक के शिवमोगा ज़िले में गुरुवार रात साढ़े दस बजे के हुए यह विस्फोट हुआ. अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता इतनी तेज़ थी कि पास के ज़िलों में भी झटके महसूस किए गए. मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल निरीक्षण किया. (फोटो: एएनआई)

पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल निरीक्षण किया. (फोटो: एएनआई)

नई दिल्ली: कर्नाटक के शिवमोगा जिले में ट्रक में भरकर ले जाए जा रहे विस्फोटक में बृहस्पतिवार रात धमाका हो गया, जिससे कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.

धमाका इतना तेज था कि पास के चिक्कमंगलुरु और दावणगेरे जिलों में भी झटके महसूस किए गए. माना जा रहा है कि विस्फोटक खनन के उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे. विस्फोट से ट्रक के परखच्चे उड़ गए.

द न्यूज़ मिनट के मुताबिक, अधिक लोगों की मारे जाने की आशंका है क्योंकि दुर्घटना के समय लगभग 12 व्यक्ति ट्रक पर सवार थे.

अधिकारियों ने कहा कि विस्फोट की तीव्रता इतनी तेज थी कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए और मृतकों को पहचानना मुश्किल हो रहा है.

दुर्घटना की सूचना के बाद जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक दोनों बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए घटनास्थल पर पहुंचे. राहत कार्यों की निगरानी के लिए शिमोगा ग्रामीण के विधायक केबी अशोक भी मौके पर पहुंचे.

पत्थर तोड़ने के एक स्थान पर रात साढ़े दस बजे के लगभग धमाका हुआ जिससे न केवल शिवमोगा बल्कि पास के चिक्कमगलुरु और दावणगेरे जिलों में भी झटके महसूस किए गए.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट इतना तेज था कि घरों की खिड़की के शीशे टूट गए और सड़कों पर भी दरार उत्पन्न हो गई. धमाके से ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो और भूगर्भ वैज्ञानिकों से संपर्क किया गया.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, भूकंप नहीं आया था. लेकिन शिवमोगा के बाहरी इलाके में ग्रामीण पुलिस थानांतर्गत हंसुर में विस्फोट हुआ था.

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘जिलेटिन ले जा रहे एक ट्रक में धमाका हुआ. ट्रक में मौजूद छह मजदूरों की मौत हो गई. स्थानीय तौर पर कंपन महसूस किया गया. उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

एनडीटीवी के मुताबिक, पुलिस ने अब्बालगेरे गांव के पास स्थित पत्थर खदान में और विस्फोट की आशंका से इनकार नहीं किया है क्योंकि अब भी डायनामाइट की कुछ छड़ें निष्क्रिय नहीं हुई हैं. पुलिस ने बताया कि बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई को एक चश्मदीद गवाह ने बताया, ‘धमाका इतना जोर से हुआ था कि खिड़की के शीशे चकनाचूर हो गए जबकि कई घर और यहां तक कि सड़कों में भी दरारें पड़ गईं.’

उन्होंने कहा, ‘हमें लगा भूकंप का झटका है, जिसके बाद भूवैज्ञानिकों से संपर्क किया गया, जिन्होंने अपने किसी भी वेधशाला में झटके की रिकॉर्डिंग से इनकार किया.

कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने एएनआई से कहा कि शिवमोगा में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. हम यहां पहली बार ऐसा विस्फोट देख रहे हैं. बेंगलुरु से विशेषज्ञ आ रहे हैं, वे रिपोर्ट देंगे जिसके बाद हम कार्रवाई करेंगे.

इस त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने प्रतिक्रिया दी है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कल रात शिवमोगा में हुई दुखद घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों का इलाज किया जा रहा है और मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने कल रात अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाव कार्य और अन्य सभी आवश्यक उपाय करें. साथ ही उच्च स्तरीय जांच का भी आदेश दिया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के शिवमोगा जिले में विस्फोट से हुए जानमाल के नुकसान पर शुक्रवार को दुख जताया और कहा कि राज्य सरकार प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचा रही है.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘शिवमोगा की घटना से बेहद आहत हूं. पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना. ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्दी स्वस्थ हो जाएं. राज्य सरकार पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है.’

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इस मामले की गहन जांच की जरूरत है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘कर्नाटक में विस्फोट की खबर दुखद है. पीड़ितों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है. इस तरह की घटनाओं की गहन जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को होने से रोका जा सके.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)