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असम के मुख्यमंत्री समेत 56 प्रतिशत से ज़्यादा विधायक हैं करोड़पति: रिपोर्ट

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और असम इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के मौजूदा विधायकों में 58 प्रतिशत करोड़पति हैं जबकि कांग्रेस के 55 प्रतिशत. सबसे ज़्यादा 77 प्रतिशत करोड़पति विधायक असम गण परिषद में हैं.

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल (फोटो: पीटीआई)

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल (फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और एनईडीए के संयोजक हिमंता बिस्वा सरमा समेत राज्य के 56 प्रतिशत से अधिक विधायकों के पास एक करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है. एक नई रिपोर्ट में यह कहा गया है.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और असम इलेक्शन वॉच (एईडब्ल्यू) ने 126 मौजूदा विधायकों में से 119 की संपत्ति का विश्लेषण किया और पाया कि उनमें से 67 करोड़पति हैं.

असम गण परिषद (अगप) विधायक नरेन सोनोवाल सदन में सबसे अमीर सदस्य हैं, जिनके पास करीब 34 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति है.

एआईयूडीएफ के सहाबुद्दीन अहमद इस सूची में आखिरी स्थान पर हैं, जिनके पास महज 1.82 लाख रुपये की संपत्ति है.

राज्य के अमीर विधायकों में भाजपा के नारायण डेका (17.23 करोड़ रुपये) और एआईयूडीएफ के अब्दुर रहीम अजमल (13.11 करोड़ रुपये) हैं जबकि गरीब विधायकों में एआईयूडीएफ के ममून इमादुल हक चौधरी (6.35 लाख रुपये) और भाजपा के तेरश गोवाला (8.91 लाख रुपये) भी हैं.

मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के पास 1.85 करोड़ रुपये की संपत्ति है जबकि वरिष्ठ मंत्री हेमंता बिस्वा सरमा के पास 6.38 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास के पास 2.32 करोड़ रुपये की संपत्ति है जबकि विपक्ष के नेता कांग्रेस के देवव्रत सैकिया के पास 4.55 करोड़ रुपये की संपत्ति है.

एडीआर-एईडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के मौजूदा विधायकों में 58 प्रतिशत करोड़पति हैं जबकि कांग्रेस के 55 प्रतिशत विधायकों के पास एक करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है. सबसे ज्यादा 77 प्रतिशत करोड़पति विधायक अगप में हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया कि प्रत्येक विधायक की औसत संपत्ति 2.47 करोड़ रुपये है.

एडीआर और एईडब्ल्यू ने संपत्ति का विश्लेषण में पाया कि 2006 में केवल 12 प्रतिशत विधायक करोड़पति थे और 2011 में यह बढ़कर 37 प्रतिशत हो गया था.

असम के 126 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में छह सीटें खाली पड़ी हैं और यह विश्लेषण 2016 के चुनावों और उसके बाद हुए उपचुनावों से पहले उम्मीदवारों द्वारा दायर हलफनामों पर आधारित है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)