राजनीति

तमिलनाडु: चार साल की जेल की सज़ा पूरी करने के बाद शशिकला रिहा

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी एआईएडीएमके से निष्कासित नेता और राज्य की दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की क़रीबी मित्र वीके शशिकला आय से अधिक 66 करोड़ रुपये की संपत्ति मामले में फरवरी 2017 से जेल में बंद थीं.

वीके शशिकला (फोटो: पीटीआई)

वीके शशिकला (फोटो: पीटीआई)

बेंगलुरु: तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी एआईएडीएमके से निष्कासित नेता वीके शशिकला को बुधवार को चार साल की सजा पूरी करने के बाद अधिकारियों ने जेल से रिहा कर दिया.

शशिकला कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी रिहाई की प्रक्रिया अस्पताल से पूरी की गई. एक सप्ताह पहले उनमें संक्रमण की पुष्टि हुई थी.

तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी मित्र शशिकला आय से अधिक 66 करोड़ रुपये की संपत्ति के मामले में फरवरी 2017 से बेंगलुरु के पारापन्ना अग्रहारा के केंद्रीय कारागार में बंद थीं.

अस्पताल के बाहर शशिकला के समर्थकों की भीड़ थी और वह अपनी नेता के पक्ष में नारे लगा रहे थे. समर्थकों ने इस दौरान मिठाइयां भी बांटीं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, विक्टोरिया अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रमेश कृष्णा ने कहा, ‘शशिकला अगले चार-पांच दिनों तक इलाज के लिए विक्टोरिया अस्पताल में रहेंगी.’

अस्पताल के एक स्वास्थ्य बुलेटिन ने पुष्टि की कि शशिकला को सुबह 11 बजे आधिकारिक तौर पर जेल से रिहा कर दिया गया था और उन्होंने और उनके परिवार ने फैसला किया था कि वह उसी अस्पताल में उनका इलाज जारी रखेगा.

शशिकला के जेल से बाहर आने के बाद आगामी अप्रैल-मई में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी उपस्थिति का क्या असर पड़ेगा यह देखने वाली बात होगी, क्योंकि वह आगामी छह सालों तक चुनाव नहीं लड़ सकती हैं और इस तरह वह मुख्यमंत्री पद पर भी दावेदारी नहीं कर सकेंगी.

बता दें कि 5 दिसंबर, 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन के बाद हुई पार्टी की बैठक में 29 दिसंबर को शशिकला को पार्टी का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया था.

हालांकि नियुक्ति के एक दिन बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति रखने के मामले में उन्हें और दो अन्य लोगों को दोषी करार दिया था.

इसके बाद अन्नाद्रमुक की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई ने शशिकला को बाहर का रास्ता दिखाते हुए उन्हें सभी पदों से हटा दिया था और उनके द्वारा की गईं सभी नियुक्तियों को अवैध घोषित कर दिया था.

फिलहाल एआईएडीएमके पार्टी की सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री ई. पलानीसामी और उपमुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम कर रहे हैं.

जयललिता के निधन के बाद 6 दिसंबर, 2016 को पनीरसेल्वम मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन फरवरी 2017 में उन्होंने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि ऐसा करने के लिए उन्हें शशिकला ने मजबूर किया.

शशिकला को ढूंढना होगा नया आवास

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, शशिकला के चेन्नई वापस लौटने के बाद वह जयललिता के आवास वेडा निलयम में प्रवेश नहीं कर पाएंगी, क्योंकि राज्य सरकार ने उस संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे एक मेमोरियल में तब्दील करने जा रही है जो आम जनता के लिए 28 जनवरी से खुल जाएगा.

सूत्रों ने कहा कि शशिकला के परिवार ने उनके शहर में लौटने पर आवास के लिए पांच स्थानों की पहचान की है. हालांकि, वह अपनी भतीजी कृष्णाप्रिया के आवास के पास रहना चुन सकती हैं.

कृष्णप्रिया जे. इलवरसी (शशिकला की भाभी) की बेटी हैं, जो आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल की सजा काट रही हैं. साल 2017 में पांच दिन के पैरोल के दौरान शशिकला कृष्णप्रिया के आवास पर रही थीं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)