भारत

महाराष्ट्र: आदिवासी नेताओं ने चिड़ियाघर का नाम बाल ठाकरे के नाम पर रखने पर आपत्ति जताई

महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर के गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर का नाम बदलकर बालासाहेब ठाकरे गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान कर दिया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्क के नाम पर चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. उन्होंने गोंड जनजाति की संस्कृति और इतिहास को चित्रित करते हुए गोंडवाना थीम पार्क की स्थापना की घोषणा की.

(फोटो साभारः फेसबुक)

(फोटो साभारः फेसबुक)

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में एक अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान का नाम बदलकर शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे के नाम पर रखने के विरोध में मंगलवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों और कुछ भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन किया और चिड़ियाघर का नाम परिवर्तित करने की मांग की.

महाराष्ट्र सरकार ने हाल में गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर का नाम बदलकर बालासाहेब ठाकरे गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान कर दिया है.

नागपुर की पूर्व महापौर और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य माया इवनाते, गड़चिरौली से भाजपा विधायक देवराव होली, राज्य के पूर्व जनजाति विकास मंत्री अशोक उईके और अन्य आदिवासी नेताओं ने नागपुर के सिविल लाइंस इलाके में गोंड (आदिवासी समुदाय के) राजा भक्त बुलंद शाह की प्रतिमा पर धरना दिया.

उनकी मांग है कि प्राणी उद्यान का नाम गोंडवाना गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान किया जाए.

इवनाते ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले आश्वस्त किया था कि प्राणी उद्यान का काम पूरा होने के बाद उसका नाम गोंडवाना गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान किया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘अगर बाला साहेब ठाकरे जीवित होते, तो वह आदिवासी समुदाय के सम्मान में चिड़ियाघर का नाम गोंडवाना रखने का समर्थन करते. हम मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अनुरोध करते हैं कि वह इसका नामक गोंडवाना गोरेवाडा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान करें.’

प्रदर्शनकारियों ने भविष्य में अपना आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है. इस मुद्दे पर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने भी कटोल रोड पर प्रदर्शन किया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के सदस्य राम नेओले ने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि चिड़ियाघर का नाम एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर रखा जाए, जिसने हमेशा पृथक विदर्भ राज्य के मांग का विरोध किया हो.’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार (26 जनवरी) को भारत में सबसे बड़ा कहे जाने वाले नागपुर के इस प्राणी उद्यान का नाम बदलने के बाद उद्घाटन किया.

अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान के नाम में बदलाव की मांग को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने गोरेवाडा परियोजना के तहत गोंड जनजाति की संस्कृति और इतिहास को चित्रित करते हुए गोंडवाना थीम पार्क की स्थापना की घोषणा की.

उन्होंने कहा, ‘पार्क के नाम पर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. सरकार एक थीम पार्क (गोरेवाडा परियोजना के तहत) का नाम गोंडवाना के नाम पर रखेगी, जिसमें आदिवासी संस्कृति और इतिहास को चित्रित किया जाएगा.’

ठाकरे ने कहा, ‘मैं आदिवासी समुदाय से कहना चाहता हूं कि आप इस पार्क का नाम बदलने की बात कर रहे हैं, लेकिन मैं गोंड आदिवासियों की संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित करते हुए यहां ‘गोंडवाना थीम पार्क’ स्थापित करूंगा, ताकि दुनिया भर के पर्यटक इस स्थान की यात्रा कर सकें और गोंडों की संस्कृति को समझ सकें.’

राज्य सरकार के अनुसार, गोरेवाडा प्राणी उद्यान भारत में इस तरह का सबसे बड़ा पार्क है, जो 564 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है. जानवरों के लिए गोरेवाडा बचाव केंद्र और गोरेवाड़ा रिजर्व के साथ संयुक्त रूप से पार्क 1,914 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला है.

मुख्यमंत्री ने पहले की सरकारों पर पूर्वी महाराष्ट्र में विदर्भ क्षेत्र को उपेक्षित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की गठबंधन सरकार इस क्षेत्र में विकास की शुरुआत करेगी.

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘विदर्भ के साथ हमारा खून का रिश्ता है. किसी को भी हमें विदर्भ के लिए प्यार सिखाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. कुछ लोग हमारे (शिवसेना) बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं. यह (अभियान) अब समाप्त हो जाएगी. मैं विदर्भ के विकास का मार्ग प्रशस्त करना चाहता हूं.’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम साथ काम करके महाराष्ट्र को आगे ले जाएंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)