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तमिलनाडु के पास श्रीलंकाई द्वीप पर वायु और सौर परियोजना का कॉन्ट्रैक्ट चीनी कंपनी को मिला

श्रीलंका के साप्ताहिक अखबार द संडे टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीलंकाई सरकार द्वारा भारत और जापान के साथ 2019 में हुए पूर्वी कंटेनर टर्मिनल विकास से संबंधित समझौते को रद्द करने के कुछ दिन पहले चीनी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने पर भारत ने श्रीलंका सरकार के समक्ष विरोध दर्ज कराया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मुंबई: एक चीनी कंपनी ने तमिलनाडु के रामेश्वरम से 45 किमी दूर उत्तरी जाफना प्रायद्वीप के तीन श्रीलंकाई द्वीपों पर हाइब्रिड पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट जीत लिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका के साप्ताहिक अखबार संडे टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 1.20 करोड़ अमेरिकी डॉलर की यह परियोजना सिनोसार-ईटेकविन को दी गई. इसे श्रीलंका सरकार की सहायक विद्युत आपूर्ति विश्वसनीयता सुधार परियोजना के हिस्से के रूप में राज्य के स्वामित्व वाले सीलोन बिजली बोर्ड के साथ एक संयुक्त उद्यम के रूप में लागू किया जाएगा.

ईटेकविन सौर-पवन एकीकृत बिजली उत्पादन प्रणाली बनाता है. यह चीनी पवन टरबाइन निर्माता गोल्डविंड की एक सहायक कंपनी है.

द संडे टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीलंकाई सरकार द्वारा भारत और जापान के साथ 2019 में हुए पूर्वी कंटेनर टर्मिनल विकास से संबंधित समझौते को रद्द करने के कुछ दिन पहले चीनी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने पर भारत ने श्रीलंका सरकार के समक्ष विरोध दर्ज कराया था.

देश भर में ट्रेड यूनियनों के कड़े विरोध के बाद श्रीलंका ने कोलंबो पोर्ट पर रणनीतिक पूर्वी कंटेनर टर्मिनल (ईसीटी) विकसित करने के लिए भारत और जापान के साथ 2019 के समझौते को एकतरफा तरीके से रद्द कर दिया था.

हालांकि इस संबंध में अभी विदेश मंत्रालय की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई. श्रीलंकाई सूत्रों ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट अंतरराष्ट्रीय बोलियों को आमंत्रित करने के बाद दिया किया गया था और भारतीय बोली प्रतिस्पर्धी नहीं थी.

जाफना प्रायद्वीप से पल्क जलडमरूमध्य में स्थित तीनों द्वीपों डेल्फ़्ट, नैनातिवु और अनलातिवु पर तैयार होने वाली इस परियोजना को एशियाई विकास बैंक धन मुहैया करेगा.

दोनों के बीच कच्छचिवु, एक छोटा द्वीप है जिसे भारत ने 1974 में श्रीलंका को सौंप दिया था. इन द्वीपों के आसपास का पानी तमिलनाडु और जाफना के मछुआरों के बीच प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता का एक क्षेत्र है. यह मामला दशकों से द्विपक्षीय एजेंडे में शामिल है.

कोलंबो पोर्ट में पूर्वी कंटेनर टर्मिनल के विकास और संचालन पर भारत और जापान के साथ त्रिपक्षीय समझौते को रद्द करने से पहले सिनोसार/ईटेकविन के कॉन्ट्रैक्ट को 18 जुलाई (2020) को खरीद पर कैबिनेट की स्थायी समिति द्वारा मंजूरी दी गई थी.